Murder of Prominent Sarguja Dabheli Vendor: सरगुजा:अंबिकापुर:11 मई 2026:अमन ओझा, अंबिकापुर के प्रसिद्ध “टुनटुन दाबेली” संचालक, की लाश झारखंड के हजारीबाग जिले के रंका थाना क्षेत्र के एनएच 343 के खुथवा मोड़ के पास सड़क किनारे नग्न हालत में बरामद हुई। उनकी मौत की गुत्थी पहले से चल रही संदेहजनक परिस्थितियों से उलझ गई है, जहां ओझा ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में पत्नी साक्षी ओझा और उसके प्रेमी आकाश के साथ अफेयर से जान का खतरा जताया था। पुलिस अब इस मामले को बहुआयामी दृष्टिकोण से जांच कर रही है, जिसमें हत्या, यौन उत्पीड़न और अपराध छुपाने की आशंका शामिल है।
रविवार सुबह आसपास स्थानीय लोगों ने रंका के खुथवा मोड़ पर सड़क किनारे एक नग्न शव देखा, जिसमें कपड़े निचले हिस्से से गायब थे। सूचना मिलते ही रंका पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच शुरू की। ओझा के शरीर पर सिर पर कई गहरे चोट के निशान मिले, जो भारी वस्तु से प्रहार का संकेत देते हैं। मौके से उनका मोटरसाइकिल भी गायब था, जिसकी बाद में रामानुजगंज में लावारिस अवस्था में पुष्टि हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा, जहां बाद में रिपोर्ट ने यातना और यौन उत्पीड़न के संभावित निशानों की पुष्टि की। स्थानीय लोगों ने बताया कि शव रात भर वहां पड़ा रहा, जिससे गर्मी और बारिश से निशान धुंधले हो गए।
अमन ओझा (उम्र लगभग 35 वर्ष), अंबिकापुर शहर के मिशन चौक पर “टुनटुन दाबेली” कस्टमाइज्ड स्ट्रीट फूड ब्रांड के संस्थापक, स्थानीय स्तर पर चर्चित थे। उनका व्यवसाय पिछले 8 वर्षों से चल रहा था, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आय में 40% की वृद्धि हासिल की। विवाह 10 वर्ष पहले साक्षी ओझा से हुआ था, जो घरेलू दुकान में सहायता करती थी। लेकिन तीन साल पहले से दांपत्य विवाद की शुरुआत हुई, जब साक्षी ने ट्रेनिंग केंद्र में अकाउंटेंट आकाश के साथ दोस्ती की रिपोर्ट की। ओझा ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करके आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और प्रेमी ने उन्हें धमकी दी और उनके जीवन को खतरे में डाला। इसके बाद दोनों ने कोर्ट में आपसी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन मामला निष्कर्षहीन रहा।
पुलिस ने ओझा के मोबाइल और बाइक की सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की, जहां रिकॉर्ड ने दिखाया कि शनिवार रात 10 बजे वे अंबिकापुर से रंका की ओर निकले थे। प्रारंभिक जांच में आकाश के फोन लोकेशन ने रंका के पास ही संकेत दिया, जबकि साक्षी ने ऑफिस अटेंडेंस रिकॉर्ड के अनुसार रात 8 बजे तक काम पर थी। हालांकि, उनके कार में निकटतम गांव की गैर-लाइसेंस्ड ईंधन दुकान से रसोई गैस खरीदने की पुष्टि हुई। फोरेंसिक टीम ने मौके से फाइबर और रक्त नमूने इकट्ठा किए, जबकि डिजिटल फोरेंसिक में ओझा के वीडियो पर डेटा विश्लेषण चल रहा है। पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया कि हत्या की गुत्थी जल्द हल होगी, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
Murder of Prominent Sarguja Dabheli Vendor
इस घटना ने सरगुजा और अंबिकापुर के दुकानदारों में चिंता फैला दी है, जहां व्यवसायी संघ ने सुरक्षा अभियान मांगा है। स्थानीय यूथ फोरम ने आक्रोश रैली आयोजित की, जबकि महिला समूहों ने दाम्पत्य हिंसा निरोधक कानून की कड़ी पालने की मांग की। पुलिस ने अलार्म सिस्टम और ई-चैनल जैसी टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाने की घोषणा की है। ओझा की मां ने आरोप लगाया कि प्रेमी नेटवर्क ने उनके बेटे को फंसाया, जबकि साक्षी ने निर्दोषता की शपथ ली। इस मामले में अनुमानित फोरेंसिक लागत 1.5 लाख रुपये है, जिसे राज्य सरकार ने कवर किया। जांच की रिपोर्ट अगले 10 दिनों में अदालत में पेश की जाएगी, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी हो सकती है।
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