Ambikapur: Photos Go Viral via Fake Account Accused of Rape and Blackmail Arrested: सरगुजा:अंबिकापुर:11 मई 2026:अंबिकापुर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने, उसके साथ दुष्कर्म करने और बाद में ब्लैकमेलिंग करने का आरोप है। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवा दी थी, जिसके बाद साइबर‑आईटी विंग और गांधी नगर थाने की टीम ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी। आरोपी को उसके घर से ही धरपकड़ में ले लिया गया, जबकि उसके फोन और लैपटॉप से डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। यह घटना स्थानीय स्तर पर साइबर अपराध और महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर नई चिंता जगा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर फर्जी अकाउंट बनाकर पीड़िता से दोस्ती शुरू की थी, जिसके बाद धीरे‑धीरे उसे भरोसे में लेकर आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो लेने का दबाव बढ़ाया। युवती ने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में “सच्ची दोस्ती” और “भरोसे की रिश्ता” का झांसा दिया, फिर उसे ब्लैकमेल करने के लिए उसकी निजी तस्वीरें स्टोरेज में इकट्ठा कर लीं। बाद में जब युवती ने उससे दूरी बनानी चाही, तो आरोपी ने उन तस्वीरों को व्हाट्सएप स्टेटस और बंद ग्रुप में वायरल कर दिया और उसे दुबारा दुष्कर्म की घटना का शिकार बनाने की धमकी दी।
पीड़िता ने अंततः अपने परिवार को बताया और उसके बाद गांधी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने तुरंत टीम गठित करके आरोपी के आईपी एड्रेस, फोन नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की डिजिटल ट्रेस शुरू की। जांच में पता लगा कि यह अकाउंट एक ही नंबर और एक ही लोकेशन से ऑपरेट किया जा रहा था, जिससे आरोपी की पहचान और निवास स्थान की ओर संकेत मिले।
दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप
पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपी पीड़िता को अकेले में बुलाकर उसके साथ दुर्भावना से दुष्कर्म करता रहा और उसके बाद उसकी निजी वीडियो और तस्वीरों को छिपाकर रखा ताकि ब्लैकमेलिंग का दबाव बनाया जा सके। जब युवती ने उसके बार‑बार बुलाए जाने और धमकाने से तंग आकर उसे दूर रखना शुरू किया, तो आरोपी ने उसका फर्जी अकाउंट बनाकर फोटो वायरल करने की योजना बनाई। उसने व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पर बने छोटे‑मोटे ग्रुप में ये तस्वीरें भेजीं, जिससे न केवल पीड़िता की इज्जत डगमगा गई, बल्कि उसके परिवार और दोस्तों में भी गलत छवि बन गई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट, भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 509 (महिलाओं की लाज‑इज्जत पर आघात पहुंचाना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच में मिले डिजिटल रिकॉर्ड और ब्लूटूथ/स्टोरेज डिवाइस से मिले फोटो व वीडियो भी मुख्य प्रमाण के रूप में पंजीकृत किए जा रहे हैं।
Ambikapur: Photos Go Viral via Fake Account Accused of Rape and Blackmail Arrested
आरोपी को अंबिकापुर के एक निजी बस्ती के घर से धरपकड़ कर लिया गया, जहां उसके फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी सोशल मीडिया पर “स्क्रीन रिकॉर्ड+वायरल” तकनीक से दूसरों को ब्लैकमेल करने की तरह की घटनाओं में शामिल रहा है, इसलिए अब उसके पुराने अकाउंट और चैट इतिहास पर भी गहन जांच चल रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन किया जाएगा, ताकि उसके अन्य साथियों या नेटवर्क की भी पहचान हो सके।
पुलिस ने यह जानकारी भी दी है कि इस तरह की साइबर ब्लैकमेलिंग और फर्जी अकाउंट वाली घटनाओं को रोकने के लिए अंबिकापुर जिले में “साइबर सेंस” नामक एक जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसमें युवा, छात्र और लड़कियों को ऑनलाइन सुरक्षा, अशुभ अकाउंट से बचने और ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करने की जानकारी दी जाएगी।
इस मामले ने अंबिकापुर के अलावा पूरे सरगुजा अंचल में चर्चा छेड़ दी है, जहां लोग महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा और ब्लैकमेलिंग के बढ़ते रूपों पर चिंतित हैं। महिला समूहों ने इस घटना को “साइबर यौन उत्पीड़न” का उदाहरण बताते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई और डिजिटल अपराधों पर अलग अध्यादेश की मांग शुरू की है। वकीलों और विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार करना काफी नहीं है, बल्कि पीड़िता को न्यायाधीन सुरक्षा‑कम‑संवेदनशील माहौल उपलब्ध कराना भी आवश्यक है, ताकि वह साहस से बयान दे सके और उसकी इज्जत आगे से न डगमगाए।
स्थानीय नेताओं ने सरकार से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल‑कॉलेज स्तर पर साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन यौन शोषण से बचने की शिक्षा जरूरी कर दी जाए। अंबिकापुर पुलिस ने यह भी बताया कि अगले कुछ सप्ताह में जिले में कई “साइबर थाने” की सेवाओं को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि फर्जी अकाउंट, वायरल फोटो और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों की त्वरित जांच और रोकथाम हो सके।
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