Sarguja College Students Caught in Cyber Fraud Trap Due to Greed for Money: सरगुजा:अंबिकापुर:10 मई 2026: डिजिटल दुनिया के चकाचौंध में लालच ने सरगुजा के होनहार कॉलेज छात्रों को साइबर ठगों का ‘शील्ड’ बना दिया। गांधीनगर पुलिस ने रात को बड़ा खुलासा किया। 10 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके बैंक खाते और सिम कार्ड बड़े साइबर सिंडिकेट को बेचे जा रहे थे। ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स से फर्जी ट्रांजेक्शन, वॉलेट फ्रॉड और इंटरनेशनल ठगी का केंद्र बने ये खाते। पुलिस ने कब्जे से 10 मोबाइल फोन बरामद किए। एसपी ने कहा, “यह सिर्फ शुरुआत है, बड़ा नेटवर्क फंसेगा!”
कैसे फंसे छात्र लालच के जाल में?
ये छात्र सरगुजा के नामी कॉलेजों – गवर्नमेंट कॉलेज अंबिकापुर, उदयपुर और मैनपाट के थे। उम्र 18 से 22 साल। लॉकरूम गॉसिप से शुरू हुआ ‘ईजी मनी’ का खेल। साइबर अपराधी डार्क वेब पर ‘मुलाहिजा’ देते- “बैंक खाता दो, 5-10 हजार कमाओ। कोई रिस्क नहीं!” छात्रों ने बिना सोचे खाते खोल लिए। सिम कार्ड खरीदे। हर ट्रांजेक्शन पर कमीशन। एक आरोपी ने कब्जे से बताया, “एक महीने में 50 हजार कमा लिए। पता ही नहीं चला अपराध है।”
ठगी का खतरनाक नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला, ये खाते PUBG, Free Fire जैसे गेमिंग ऐप्स में ‘आइटम बिक्री’ के नाम पर फ्रॉड करते। विदेशी सर्वर से पैसे आते, भारतीय खातों में लैंडिंग। फिर UPI से निकालकर गायब। एक केस में कोलकाता का व्यापारी 2 लाख का चूना लगा। दिल्ली की महिला को 5 लाख का गेमिंग लोन फ्रॉड। सरगुजा के ये ‘मुक्ता’ बड़े मास्टरमाइंड के लिए ‘मनी म्यूल’ बने। पुलिस ने 20 से ज्यादा शिकायतें जोड़ीं। कुल 15 लाख का ट्रांजेक्शन ट्रेस हुआ।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश सिंह की टीम ने साइबर सेल की मदद से क्लू पकड़ा। छात्रों के फोन में ऐप्स – PhonePe, Google Pay, Truecaller क्लोन। चैट हिस्ट्री में कोडवर्ड: “खाता रेडी?”, “कमीशन 20%।” रेड डाला तो 10 छात्र मिले। नाम: राहुल साहू (20), प्रदीप यादव (19), आदि। सभी स्थानीय। मोबाइल जब्त। फॉरेंसिक जांच में ट्रांजेक्शन डिटेल्स निकलेंगी। एसपी मीणा बोले, “युवाओं को चेतावनी- लालच मत करो, जेल हो जाएगी!”
Sarguja College Students Caught in Cyber Fraud Trap Due to Greed for Money
गिरफ्तारी की खबर से परिवार टूट गए। राहुल की मां रोते हुए बोलीं, “बेटा पढ़ाई करता था, ये कब हुआ?” कॉलेज प्रिंसिपल ने कहा, “हम जागरूकता अभियान चलाएंगे।” सरगुजा में साइबर क्राइम 200% बढ़ा। 2025 में 150 केस। ज्यादातर युवा।
यह कांड बताता है- डिजिटल लालच घातक। पुलिस ने हेल्पलाइन 1930 जारी की। “अज्ञात ऐप डाउनलोड मत करो। संदिग्ध ट्रांजेक्शन रिपोर्ट करो।” कलेक्टर विष्णु कुमार ने कॉलेजों में वर्कशॉप का ऐलान। विपक्ष ने तारीफ की, लेकिन सवाल उठाए- “साइबर सेल क्यों कमजोर?”
पुलिस का दावा- 20 और नाम सामने। इंटरस्टेट नेटवर्क टारगेट। छात्रों से पूछताछ में मास्टरमाइंड का सुराग। अगर कबूल लिया तो सजा कड़ी। IPC 420, IT एक्ट के तहत 7-10 साल की जेल। सरगुजा पुलिस अलर्ट। अपडेट्स बने रहें!
लालच का अंत जेल है!
सरगुजा के ये छात्र अब पछता रहे। युवा सावधान! साइबर दुनिया में एक गलत क्लिक जिंदगी बर्बाद।
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