Corruption in the NRLM Scheme: सूरजपुर : 24 अप्रैल 2026:जिला सूरजपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) योजना को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारी दिलीप एक्का, जो वर्तमान में भैयाथान ब्लॉक में BPM (ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर) के पद पर तैनात हैं, पर महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं और अपने कुछ कर्मचारियों को मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर कई लाख रुपये गबन करने का आरोप लगा है। पीड़ित महिलाएं दर-दर भटक रही हैं, जबकि एक्का उनसे पैसा लौटाने की मांग पर टालमटोल कर रहे हैं। इस मामले में कई महिलाओं के वीडियो बाइट उपलब्ध हैं, जिनमें एक्का स्वयं कमीशन लेने की बात कबूल करते नजर आते हैं।
जानकारी के अनुसार, दिलीप एक्का ने बाहर की एक एनजीओ ‘सपोर्ट इंडिया’ से जुड़कर यह खेल शुरू किया। वे NRLM योजना से जुड़े महिला समूहों की महिलाओं को ‘पैसे दोगुने करने’ का झांसा देकर उनके हाथों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। सूरजपुर जिले के भैयाथान समेत कई ब्लॉकों में यह सिलसिला चला। महिलाओं को बताया जाता था कि उनके पैसे निवेश के एवज में अच्छा रिटर्न मिलेगा, लेकिन वास्तव में एक्का को निवेश कराने वाले मध्यस्थों से कमीशन मिलता था। एक वीडियो में एक्का खुद कहते सुनाई देते हैं, “कमीशन मुझे आया है, महिला समूह से पैसा निकाल के।” यह वीडियो पीड़ित महिलाओं द्वारा रिकॉर्ड किया गया है, जो अब जांच एजेंसियों के पास सबूत के तौर पर उपलब्ध है।
पीड़ित महिलाओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक्का ने NRLM योजना के कार्यक्रमों के दौरान ही यह प्रलोभन दिया। “हम गरीब हैं, योजना से थोड़ा-बहुत कमाती हैं। उन्होंने कहा पैसे लगाओ, डबल हो जाएगा। हमने लाखों दिए, लेकिन अब न पैसा न रिटर्न। मांगते हैं तो गालियां देते हैं या टालते हैं,” एक महिला ने रोते हुए कहा। भैयाथान ब्लॉक के अलावा रघुनाथपुर, उदयपुर और लकसा जैसे ब्लॉकों में भी दर्जनों महिलाएं प्रभावित बताई जा रही हैं। अनुमान है कि कुल गबन राशि 20-25 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। एक्का ने न केवल समूह महिलाओं को, बल्कि अपने कुछ कर्मचारियों को भी इस चक्रव्यूह में फंसाया।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब जिला पंचायत के सीईओ और कलेक्टर को अंधेरे में रखकर किया गया। NRLM योजना, जो ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम है, सूरजपुर में पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को लोन, ट्रेनिंग और बाजार लिंकेज मिलना चाहिए था, लेकिन एक्का जैसे अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब व्यर्थ हो गया। जिले में NRLM के तहत सैकड़ों समूह सक्रिय हैं, लेकिन अब महिलाओं का भरोसा उठ चुका है। एक पीड़ित ने कहा, “हम योजना पर निर्भर थीं, लेकिन अब डर लगता है। एक्का साहब तो जिला पंचायत के बड़े अधिकारी हैं, उनके खिलाफ कौन बोलेगा?”

Corruption in the NRLM Scheme
इस मामले की जानकारी स्थानीय स्तर पर फैलते ही महिलाओं ने जिला प्रशासन से शिकायत की। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है। जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब इस संवाददाता ने सीईओ कार्यालय से संपर्क किया तो वहां से ‘जांच के आदेश दिए गए हैं’ जैसा संक्षिप्त जवाब मिला। लेकिन पीड़ित महिलाएं कहती हैं कि बिना ठोस एक्शन के वे न्याय की उम्मीद नहीं कर सकतीं।
NRLM योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीब महिलाओं को संगठित कर आत्मनिर्भर बनाना है। छत्तीसगढ़ में यह योजना तेजी से फैल रही है, लेकिन सूरजपुर जैसे जिलों में भ्रष्टाचार की खबरें योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही हैं। BPM जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पारदर्शिता की कमी से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पूर्व में भी सूरजपुर में NRLM से जुड़े कई विवाद सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार वीडियो सबूत होने से मामला गंभीर हो गया है।
पीड़ित महिलाओं ने मांग की है कि दिलीप एक्का को तत्काल निलंबित कराया जाए, उनके खिलाफ FIR दर्ज हो और गबन की राशि लौटाई जाए। साथ ही, जिला प्रशासन से NRLM योजना की पूरी ऑडिटिंग की मांग उठी है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रमेश साहू ने कहा, “यह सिर्फ एक अधिकारी का मामला नहीं, पूरी व्यवस्था की नाकामी है। महिलाओं का शोषण बंद होना चाहिए।”
जिला कलेक्टर से इस पर टिप्पणी मांगी गई, लेकिन शाम तक कोई जवाब नहीं आया। प्रशासन की चुप्पी से सवाल उठ रहे हैं कि क्या बड़े अधिकारी बचाने की कोशिश हो रही है? फिलहाल, पीड़ित महिलाएं न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं। इस मामले पर आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।
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