3 kg of cannabis seized from a shop in Kedarpur Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर (09 June 2026):स्थानीय थाना पुलिस ने मिली शिकायत और गुप्त सूचना के आधार पर सुबह-सुबह केदारपुर स्थित डेली नीड्स दुकान में दबिश दी। दुकान के संचालक और उनके पुत्र के खिलाफ वहां से कुल लगभग तीन किलो गांजा बरामद हुआ। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारम्भिक पूछताछ में पिता-पुत्र ने गांजा की खरीद-बिक्री की बात स्वीकार की है। दोनों को संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया, “हमें क्षेत्रवासियों से सूचना मिली थी कि पानी टंकी के सामने स्थित इस दुकान से अनैतिक तरीके से गांजा की सप्लाई हो रही है। हमारी टीम ने नियोजित तरीके से सर्च ऑपरेशन कर के तीन किलो गांजा बरामद किया। आगे की गिरफ्तारी और नेटवर्क की तफ्तीश जारी है।”
पुलिस ने बताया कि बरामद गांजा छोटे-छोटे पैकेटों में छुपाकर रखे गए थे, जिनमें कुल वजन लगभग तीन किलो दर्ज किया गया है। साथ ही दुकान के भीतर से नकदी और बिक्री के रिकॉर्ड जैसी कुछ संदिग्ध चीजें भी मिलीं, जिन्हें सबूत के रूप में जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि नकदी और रिकॉर्ड से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह कारोबार कितने समय से चल रहा था और किन-किन व्यक्ति/ग्राहकों से लेन-देन होता रहा है।
थाना पुलिस ने दुकान को सील कर दिया है और दुकान के मालिक व उसके पुत्र के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जब्त किया गया है। फोरेंसिक टीम के माध्यम से फोन की कॉल-लॉग, मैसेज और वाट्सऐप चैट की जाँचना की जाएगी ताकि किसी बड़े नेटवर्क या सप्लायर के तार मिलते हैं या नहीं, यह पता चल सके। पुलिस ने कहा कि यदि किसी और व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में मिलीजुली प्रतिक्रिया दिखाई दी। कुछ निवासियों ने पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की और कहा कि क्षेत्र में नशे की बिक्री और खपत पर लगाम लगना आवश्यक है। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “यह अच्छी बात है कि पुलिस सतर्क है। बच्चों और युवाओं तक नशे का पहुँच बढ़ रहा था, इसकी समय पर पकड़ जरूरी थी।”
वहीं कुछ लोगों ने आशंका जताई कि क्या यह पकड़ अशान्ति बढ़ने वाली समसामयिक समस्या के एकमात्र खानापूर्ति प्रयास भर तो नहीं। एक नागरिक ने कहा, “पकड़ जरूरी है, पर साथ ही नशे के खिलाफ सामाजिक अभियानों और पुनर्वास सुविधाओं की भी जरूरत है। केवल गिरफ्तारियों से समस्या पूरी तरह नहीं सुलझेगी।”
3 kg of cannabis seized from a shop in Kedarpur Ambikapur
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और उन्होंने बरामदगी के बाद जांच को दो पहलुओं पर केन्द्रित किया है — पहला, यह पता लगाना कि पिता-पुत्र किन स्रोतों से गांजा मंगवाते थे; दूसरा, उन ग्राहकों और सप्लायर्स का पता लगाना जिनसे यह नेटवर्क जुड़ा हुआ हो सकता है। इसके लिए पुलिस विभिन्न प्रतिष्ठित स्रोतों और संदिग्धों के साथ पूछताछ कर रही है। साथ ही पास के इलाकों में तलाशी और चेकिंग बढ़ा दी गई है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
अम्बिकापुर पुलिस का कहना है कि इलाके में नशे की खिलाफ़ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई छोटे-छोटे ऑपरेशन किए गए हैं जिनमें नशीले पदार्थ, शराब और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी को रोका गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर और गांवों में नशे की समस्या को नियंत्रित करने के लिए निरन्तर गश्ती, गुप्त सूचना नेटवर्क और स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय आवश्यक है।
कुछ सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय एनजीओ का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करना चाहिए पर नशे की जड़ों को कटाने के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है। एक एनजीओ प्रतिनिधि ने कहा, “गिरफ़्तारी सही कदम है, पर गरीब और युवा बेवकूफ़ बनाए जाने की जड़ें तब तक नहीं कटेंगी जब तक रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान नहीं की जाएगी।”
पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम (NDPS Act) और संबंधित स्थानीय धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा अगर उनके खिलाफ और सबूत मिलते हैं तो और भी लोग गिरफ्तार हो सकते हैं।
केदारपुर की इस बड़ी बरामदगी ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तत्परता को रेखांकित किया है, पर साथ ही यह सवाल भी उठता है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल दंडात्मक कार्रवाई पर्याप्त है या हमें सामाजिक और पुनर्वास सम्बन्धी उपाय भी समयबद्ध तरीके से लागू करने होंगे। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयाँ नियमित रूप से जारी रहेंगी और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी।
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