Grand inauguration of the Siyan Gadi center in Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर (08 June 2026):अंबिकापुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित ‘सियान गडी’ डे-केयर सेंटर का भव्य उद्घाटन किया गया। समारोह में राज्य और क्षेत्रीय नेताओं के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़े पैमाने पर बुजुर्गों ने भी भाग लिया। उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधियों ने बुजुर्गों से बात-चीत की, उनके साथ कैरम और लूडो जैसे पारंपरिक खेल खेले और उन्हें सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और खुशहाल जीवन देने के उद्देश्य से सरगुजा जिले में एक अहम पहल आरंभ की गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित ‘सियान गुड़ी’ (वरिष्ठ नागरिक डे‑केयर सेंटर) का उद्घाटन सोमवार को वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ. पी. चौधरी ने किया, जबकि समाज कल्याण और महिला व बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गरिमामयी उपस्थिति देकर कार्यक्रम की सम्मानता बढ़ाई।
उद्घाटन समारोह का आयोजन शहर के प्रमुख सभागार में किया गया, जिसमें नगर निगम और सामाजिक कल्याण विभाग के सहयोग से सेंटर की रूपरेखा और सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत भाषण से हुई, जिसके बाद वरिष्ठ नागरिकों के जीवन के अनुभवों और चुनौतियों पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गयी। पैनल में स्थानीय चिकित्सक, समाजसेवियों और बुजुर्गों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने बुजुर्गों की देखभाल, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता के महत्व पर जोर दिया।
उद्घाटन के मौके पर मौजूद मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज के खजाने हैं और उनका सम्मान हमारा दायित्व है। उन्होंने बताया कि ‘सियान गड़ी’ सेंटर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहाँ आने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक गतिविधियाँ, हल्का व्यायाम, स्वास्थ्य परीक्षण और मनोरंजन के अवसर मिलेंगे। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सेंटर में न केवल दिन भर की गतिविधियाँ होंगी बल्कि जरुरतमंदों को सामाजिक मदद और कानूनी परामर्श जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
कार्यक्रम का सबसे सजीव भाग था जब मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने बुजुर्गों के साथ मिलकर कैरम और लूडो खेले। यह नज़ारा समारोह में उपस्थित लोगों के लिए खास रहा। कैरम बोर्ड और लूडो के पालतू कण-कण में बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। कई बुजुर्गों ने बच्चों जैसे उत्साह के साथ खेल में भाग लिया और आयोजन स्थल पर एक रौनक सी बन गयी। इस दौरान कुछ युवा स्वयंसेवकों ने बुजुर्गों की सहायता की, जिससे पीढ़ियों के बीच बातचीत और घनिष्टता को भी बढ़ावा मिला।
सेंटर के जिम्मेदारों ने बताया कि ‘सियान गडी’ में नियमित गतिविधियों का एक सुसंगत कार्यक्रम रखा गया है। सुबह हल्की सैर और योग सत्र, दोपहर में मनोरंजन और खेल गतिविधियाँ जैसे कैरम, लूडो और सांस्कृतिक प्रस्तुति, साथ ही स्वास्थ संबंधी जाँच और परामर्श सत्र होंगे। इसके अलावा, सप्ताह में एक बार विशेषज्ञ डॉक्टरों की क्लिनिक सुविधा और कानूनी-सामाजिक सहायता डेस्क भी उपलब्ध रहेगी। सेंटर में बुजुर्गों के शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा।
स्थानीय निवासी और सेंटर के पहले लाभार्थी राधा देवी ने कहा, “यह बहुत बड़ी बात है कि हमें अब एक ऐसा स्थान मिला है जहाँ हम रोज मिलकर बातें कर सकें, खेलें और अपने स्वास्थ्य की जाँच करवा सकें। इससे अकेलेपन कम होगा और हम समाज का हिस्सा बने रहेंगे।” एक अन्य बुजुर्ग शिक्षक ने बताया कि ऐसे स्थान मिलने से सामाजिक गतिविधियों के जरिए बुजुर्गों की उत्पादकता और आत्मसम्मान बढ़ेगा।
Grand inauguration of the Siyan Gadi center in Ambikapur
सोशल वेलफेयर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘सियान गडी’ सेंटर के संचालन में स्थानीय स्वयंसेवी संगठन और सामाजिक संस्थाएँ साझेदारी करेंगी। उन्होंने बताया कि केंद्र के लिए आवश्यक संसाधन जैसे कीक, कैरम बोर्ड, कुर्सियाँ, प्राथमिक चिकित्सा किट और परिवहन सुविधा की व्यवस्था की गयी है। धीरे-धीरे अतिरिक्त सुविधाओं जैसे शिल्प कार्यशाला, कथा-साधना और तकनीक प्रशिक्षण कक्ष भी जोड़े जाने की योजना है ताकि बुजुर्ग डिजिटल दुनिया से जुड़ सकें और अपनी योग्यता को नए रूपों में प्रयोग कर सकें।
समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी बुजुर्गों की जिजीविषा और अनुभवों को सराहा। उन्होंने वादा किया कि इस तरह के और अधिक डे-केयर सेंटर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाए जाएँगे। कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर पर बुजुर्गों की सूची तैयार करने और घर-घर जाकर उनकी आवश्यकताओं का सर्वेक्षण करने की पेशकश की। इससे यह स्पष्ट होता है कि ‘सियान गडी’ को केवल एक इमारत नहीं बल्कि एक समुदाय-आधारित पहल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
बुजुर्गों के लिए इस तरह के केंद्र न केवल उनकी शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक संपर्क और जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक असर डालते हैं। अकेलेपन और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने में सामूहिक गतिविधियों का बड़ा योगदान होता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन की इस पहल को सामाजिक-स्वास्थ्य दृष्टिकोण से भी महत्व दिया जा रहा है।
समापन में, उद्घाटन कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण और भावपूर्ण दोनों रहा। बुजुर्गों के चेहरे पर निस्संदेह संतोष दिखा और उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की। ‘सियान गडी’ सेंटर की शुरुआत से अंबिकापुर में बुजुर्गों के लिए एक नई आशा की किरण जगी है — ऐसे केंद्रों के विस्तार से उम्मीद है कि समाज में बुजुर्गों की गरिमा और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकेगा।
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