Anger erupts among patients and their families at Ambikapur Medical College Hospital due to the unavailability of sonography services: सरगुजा:अंबिकापुर (22 july 2026): मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोनोग्राफी सुविधा नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले कई दिनों से जांच बंद होने के कारण अस्पताल में लगातार परेशानी बढ़ती जा रही थी, जिसका असर खुले तौर पर देखने को मिला। इसी दौरान अस्पताल परिसर में हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन और रेडियोलॉजिस्ट मौजूद होने के बावजूद मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। सुबह से जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज ऐसे भी हैं, जो दूर-दराज से सिर्फ सोनोग्राफी कराने के लिए अस्पताल आते हैं, लेकिन उन्हें बिना जांच वापस लौटना पड़ता है।
परिजनों का कहना है कि बार-बार अस्पताल आने के बावजूद उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है। कभी मशीन का बहाना, कभी स्टाफ की अनुपलब्धता और कभी प्रक्रिया में देरी की बात कहकर टाल दिया जाता है। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी। आखिरकार आज स्थिति ऐसी बनी कि मरीजों और परिजनों ने प्रबंधन के रवैये पर खुलकर विरोध जताया।
हंगामे के दौरान कुछ लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, लेकिन आरोप है कि उन्हें वीडियो बनाने से भी रोका गया। इसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। वायरल वीडियो में अस्पताल परिसर का तनावपूर्ण माहौल साफ दिखाई दे रहा है, जहां परिजन अपनी परेशानी को लेकर नाराज नजर आ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जांच सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। मरीजों के परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि जब मशीन और विशेषज्ञ दोनों मौजूद हैं, तो फिर जांच आखिर क्यों नहीं की जा रही है।
Anger erupts among patients and their families at Ambikapur Medical College Hospital due to the unavailability of sonography services
इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर जांच शुरू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। मरीजों की सुविधा के लिए जरूरी है कि सोनोग्राफी सेवा को तत्काल बहाल किया जाए और जिम्मेदारों से जवाब मांगा जाए।
फिलहाल इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा और भी चर्चा में आ गया है। अब लोग यही देखना चाह रहे हैं कि प्रबंधन इस पर क्या कदम उठाता है और मरीजों को कब तक राहत मिलती है।
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