Ambikapur/Lakhanpur: Case regarding the construction of a complex on pond land reaches the High Court: सरगुजा:अंबिकापुर (05 july 2026): । सरगुजा जिले की लखनपुर नगर पंचायत में शासकीय तालाब की भूमि पर कॉम्प्लेक्स निर्माण का मामला अब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर तक पहुंच गया है। मामले को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन और सरगुजा कलेक्टर को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
लखनपुर नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित शासकीय तालाब की जमीन पर कॉम्प्लेक्स निर्माण की योजना को लेकर स्थानीयजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं ने आवाज उठाई। इनकी शिकायत के बाद याचिका उच्च न्यायालय में दायर की गई, जिसमें कहा गया कि तालाब की प्रकृति बदलकर उस पर वाणिज्यिक/कॉम्प्लेक्स निर्माण करने से जलसंरक्षण, पर्यावरण और स्थानीय समुदाय के हितों पर बड़ा प्रतिकूल प्रभाव आएगा।
याचिका में तालाब की भूमि को शासकीय terrenos के रूप में आरक्षित होने के कारण उस पर स्थायी भवन बनाने अवैध होने का भी आरोप लगाया गया। हाईकोर्ट ने याचिका की छानबीन करते हुए मामला गंभीर मान लिया और नोटिस जारी कर जवाब की मांग की है।
लखनपुर नगर पंचायत में तालाब की जमीन पर कॉम्प्लेक्स निर्माण करने की योजना को लेकर स्थानीयजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं ने आवाज उठाई है। इनकी शिकायत के बाद याचिका उच्च न्यायालय में दायर की गई, जिसमें कहा गया कि तालाब की प्रकृति बदलकर उस पर वाणिज्यिक/कॉम्प्लेक्स निर्माण करने से जलसंरक्षण, पर्यावरण और स्थानीय समुदाय के हितों पर बड़ा प्रतिकूल प्रभाव आएगा।
Ambikapur/Lakhanpur: Case regarding the construction of a complex on pond land reaches the High Court
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस गौतम भादुड़ी और न्यायमूर्ति एनके चंद्रवंशी की बेंच ने याचिका की सुनवाई करते हुए मामले को विशेष महत्व दिया। न्यायालय ने राज्य शासन और सरगुजा जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि तालाब की जमीन को बदलकर उस पर कॉम्प्लेक्स निर्माण करने से जलसंरक्षण और पर्यावरण के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव आएगा। इसलिए यह मामला गंभीर और जनहित से जुड़ा है, जिसके लिए तत्का स्पष्टीकरण आवश्यक है। नोटिस में निर्देश दिया गया है कि यदि चार सप्ताह के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो हाईकोर्ट एकतरफा निर्णय दे सकता है।
हाईकोर्ट ने पहले भी तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण और प्रकृति परिवर्तित करने के मामलों में सख्त आदेश दिए हैं। उदाहरण के लिए, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वैधानिक प्राधिकरण से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना ‘भूमि उपयोग’ में परिवर्तन की अनुमति नहीं है। इस अवलोकन छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के अंतर्गत निदेशक की पूर्व अनुमति के बिना ‘खुले स्थान’ को सामुदायिक केंद्र में बदलने के संदर्भ में किया गया था।
उच्च न्यायालय ने कहा कि: “खुली जमीन पर स्थायी भवन का निर्माण यानी सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हॉल) भूमि के उपयोग में बदलाव है, इसलिए कानून के प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति अनिवार्य है।”
इसी प्रकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने भी तलाब की जमीनों पर अवैध कब्जा और उसकी प्रकृति परिवर्तित करने के मामलों में सख्त आदेश दिए हैं, जिसमें विस्तृत शपथपत्र मांगते हुए विकास प्राधिकरण को जवाब देने का निर्देश दिया गया था।
लखनपुर नगर पंचायत क्षेत्र में तालाब की जमीन पर कॉम्प्लेक्स निर्माण करने की योजना को लेकर स्थानीयजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं ने आवाज उठाई है। इनकी शिकायत के बाद याचिका उच्च न्यायालय में दायर की गई, जिसमें कहा गया कि तालाब की प्रकृति बदलकर उस पर वाणिज्यिक/कॉम्प्लेक्स निर्माण करने से जलसंरक्षण, पर्यावरण और स्थानीय समुदाय के हितों पर बड़ा प्रतिकूल प्रभाव आएगा।
स्थानीय लोग ने हाईकोर्ट के नोटिस जारी करने की सराहना करते हुए कहा कि शासकीय तालाब की जमीन पर निर्माण करने की योजना को सख्त होकर रोकना चाहिए, ताकि जलसंरक्षण और पर्यावरण के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव न आए।
सरगुजा जिले के कलेक्टर और राज्य शासन को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रशासन को तालाब की जमीन पर निर्माण करने की योजना के वैध और कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करना होगा।
लखनपुर नगर पंचायत में शासकीय तालाब की जमीन पर कॉम्प्लेक्स निर्माण का मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद राज्य शासन और सरगुजा कलेक्टर को नोटिस जारी करने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। इससे प्रशासन को तालाब की जमीन पर निर्माण करने की योजना के वैध और कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करना होगा।
लखनपुर नगर पंचायत में शासकीय तालाब की जमीन पर कॉम्प्लेक्स निर्माण का मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद राज्य शासन और सरगुजा कलेक्टर को नोटिस जारी करने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। इससे प्रशासन को तालाब की जमीन पर निर्माण करने की योजना के वैध और कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करना होगा।
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