Heartbroken by Girlfriends Betrayal Young Man Takes His Own Life: रायपुर :26 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भाठागांव इलाके में सामने आया यह दर्दनाक मामला अब प्रेम, विश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के भाठागांव में रहने वाले 25 वर्षीय युवक कोमल वर्मा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी, जिसके बाद घर‑मोहल्ला शोक में डूबा हुआ है। घटना के मुख्य कारण के रूप में उसकी गर्लफ्रेंड के “धोखे” और सुसाइड नोट में छोड़ी गई भावनात्मक व्यथा को जोड़कर देखा जा रहा है।
5 साल का रिश्ता और बार‑बार का धोखा
सूत्रों के अनुसार, कोमल वर्मा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ 3 दिसंबर 2019 से रिश्ते में था, यानी करीब पांच साल तक उसने इस रिश्ते को निभाया था। लेकिन सुसाइड नोट में उसने लिखा कि उसकी गर्लफ्रेंड उसके साथ रहते हुए भी 3–4 अन्य लड़कों के साथ बातचीत जारी रखती थी। उसने लिखा, “हम 2019 से रिलेशन में हैं, फिर भी वह 3–4 लड़कों से बात करती है। पहले भी ऐसा करती थी और आज भी करती है।”
कोमल ने नोट में यह भी लिखा कि उसने बार‑बार उसे सुधरने का मौका दिया, लेकिन जब उसे लगा कि उसकी प्रेमिका बदलने को तैयार नहीं है तो वह “उसे सबक सिखाने” के लिए आत्महत्या का कदम उठा रहा है। नोट में लिखा, “मैं जो भी कर रहा हूं, मेरे घर वालों की तरफ से कोई प्रेशर नहीं है, उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता है।” इस तरह नोट न सिर्फ उसकी पीड़ा, बल्कि उसके भीतर के गहरे एकांत और निराशा को भी उजागर करता है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना दरमियानी रात की बताई जा रही है। तब घर में परिवार के अन्य सदस्य अलग‑अलग कमरों में सो रहे थे। कोमल के पिता और छोटा भाई सो रहे थे, जबकि उसकी मां शादी‑समारोह में गई हुई थी। यही वह घड़ी थी जब युवक ने अपने कमरे में दीवार से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सुबह जब उसे उठते हुए नहीं देखा गया तो दरवाजा खोला गया और उसकी मौत का दृश्य परिवार और पड़ोसियों के लिए झटका बन गया।
जांच के दौरान पुलिस को उसके पास से एक सुसाइड नोट और उसका मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने बताया कि नोट और डिजिटल डेटा के आधार पर प्रेमिका के साथ उसके संवाद‑पैटर्न, टेक्स्ट और चैट की जांच की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि वाकई वह कई लड़कों के साथ संपर्क में थी या नहीं।
Heartbroken by Girlfriends Betrayal Young Man Takes His Own Life
सुसाइड नोट में कोमल ने लिखा कि उसकी गर्लफ्रेंड उसके पीठ पीछे बार‑बार कुछ ना कुछ करती रही, जब उसे पकड़ा जाता तो वह बहाना बनाकर बात टाल देती थी। उसने लिखा, “मैंने उसे बार‑बार सुधरने का मौका दिया, लेकिन आज यह कदम मैं उसे सबक सिखाने के लिए उठा रहा हूं।” यह लाइन बताती है कि उसकी मानसिकता में न केवल पीड़ा, बल्कि एक तरह का न्याय और दंड देने का भाव भी था।
उसने यह भी लिखा कि हमेशा लड़कों को ही गलत बना दिया जाता है, जबकि उसके साथ लगातार धोखेबाजी होती रही। यह लाइन उस आम चर्चा से जुड़ती है जिसमें आमतौर पर लड़की को “शिकार” और लड़के को “दोषी” चित्रित किया जाता है, जबकि वह इस बांट और दोष के खिलाफ भी अपनी आवाज उठा रहा है।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सनसनी फैल गई। परिवार सदमे में है और पड़ोसियों का कहना है कि कोमल अपने बहनोईदारों से भी निर्मल व्यवहार रखता था, लेकिन अंदर की उबलती भावनाओं को वह शायद कभी साझा नहीं कर पाया। इस मामले ने यह भी उजागर किया है कि कई युवा भावनात्मक दबाव, निराशा और डिप्रेशन के बीच भी ‘मजबूत लगने’ की दबाव में रहते हैं और मदद लेने से डरते हैं।
पुलिस अब सुसाइड नोट और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है, ताकि यह देखा जा सके कि यह मामला सिर्फ भावनात्मक तनाव तक सीमित रहा या गर्लफ्रेंड के साथ‑साथ किसी तीसरे व्यक्ति या घटक की भूमिका भी है। इस बीच कई विशेषज्ञ फिर से कह रहे हैं कि प्रेम रिश्तों में निजी विश्वास, संवाद और नियमित मानसिक स्वास्थ्य जांच की जरूरत को लेकर जागरूकता बढ़ानी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं बार‑बार दोहराई न जाएं।
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