अंबिकापुर रिंग बांध तालाब पाटने का बड़ा घोटाला: BJP नेता कैलाश मिश्रा ने खोली पोल, सरकारी हेराफेरी का आरोप : Major Scam Involving the Filling of Ambikapur Ring Dam Pond

Uday Diwakar
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Major Scam Involving the Filling of Ambikapur Ring Dam Pond: सरगुजा:​​​अंबिकापुर: 27 अप्रैल 2026:  सरगुजा जिले के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक ‘रिंग बांध’ तालाब को लेकर छिड़ा विवाद अब एक बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। रिंग रोड के पास बने इस महत्वपूर्ण जल निकाय को नियम-विरुद्ध तरीके से पाटने और सरकारी दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के खिलाफ भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश मिश्रा ने मोर्चा खोल दिया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासे

रविवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में कैलाश मिश्रा ने प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस खेल की पोल खोली। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान 2021 में दर्ज 6.25 एकड़ क्षेत्र का रिंग बांध तालाब अब सिमटकर मात्र 57 डिसमिल रह गया है। जनवरी 2026 में शेष भूमि की रजिस्ट्री कर तालाब के बड़े हिस्से को रातोंरात पाट दिया गया।

मिश्रा ने आरोप लगाया कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और मनगढ़ंत वंशवृक्ष के सहारे शासकीय रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। जयलाल नामक व्यक्ति के दो-दो मृत्यु प्रमाण पत्र पेश कर रजिस्ट्री कराई गई, जबकि पटवारी अमलभिठ्ठी लखनपुर का प्रतिवेदन और तहसीलदार का वंशवृक्ष पत्र संदिग्ध है। उन्होंने कलेक्टर सरगुजा से निष्पक्ष जांच, नामांतरण निरस्त करने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

तालाब का ऐतिहासिक महत्व

रिंग बांध तालाब प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास स्थित है, जो शहर का प्रमुख निस्तार और जल बहाव क्षेत्र रहा है। अंबिकापुर के जल स्रोतों में महत्वपूर्ण इस तालाब को पाटने से भूजल स्तर गिरने और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। नगर निगम क्षेत्र में तालाबों के घटते रकबे पर पहले भी सवाल उठे हैं, लेकिन इस बार फर्जी दस्तावेजों का मामला गंभीर है।

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स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ दिन पहले आजाद इराकी नामक व्यक्ति ने 20-25 जेसीबी-ट्रैक्टर लगाकर तालाब पाटना शुरू किया। यह कार्य रातोंरात किया गया, जिससे प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई। मिश्रा ने चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई न हुई तो शहर के अन्य जल स्रोत भी खतरे में पड़ जाएंगे।

कैलाश मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेज दिखाए, जिनमें पत्र क्रमांक 1102 दिनांक 16 अक्टूबर 2025 का उल्लेख है, जो प्रकरण में उपलब्ध नहीं। पटवारी का प्रतिवेदन अस्पष्ट है और वंशवृक्ष में तारीख गायब है। यह सब मिलकर बड़े भूमि घोटाले की ओर इशारा करता है। उन्होंने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्ती बरतने की मांग दोहराई।

भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने कहा, “नगर निगम और प्रशासन तालाबों की अनदेखी कर रहे हैं। 5 करोड़ खर्च करने के बाद भी तालाब गंदे हैं, अब पाटे जा रहे।” उन्होंने शहरवासियों से एकजुट होकर जल स्रोत बचाने की अपील की। मिश्रा का यह आंदोलन स्थानीय स्तर पर समर्थन हासिल कर रहा है।

Major Scam Involving the Filling of Ambikapur Ring Dam Pond

कलेक्टर सरगुजा कार्यालय से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। नगर निगम अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की बात कही, लेकिन ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया। पूर्व में रिंग रोड निर्माण में 94 करोड़ के घोटाले का मामला भी सामने आया था, जो प्रशासनिक लापरवाही दर्शाता है।

अंबिकापुर के निवासी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। कई ने तालाब पाटने की तस्वीरें शेयर कर प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। भातोपारा तालाब में भी जल निकासी पर कब्जे की शिकायतें हैं। जल संकट से जूझ रहे शहर में यह घोटाला चिंता बढ़ा रहा है।

यदि आरोप साबित हुए तो कई अफसरों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो सकती है। तालाब पुनर्जीवित करने के लिए विशेष अभियान चलाना पड़ेगा। मिश्रा ने धमकी दी कि कार्रवाई न हुई तो आंदोलन तेज होगा। यह मामला छत्तीसगढ़ सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।

अंबिकापुर में भातोपारा सहित कई तालाब खतरे में हैं। होटल संचालकों द्वारा जल निकासी मार्ग पर कब्जे की खबरें हैं। मास्टर प्लान के बावजूद जलाशयों का रकबा कम हो रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे शहर का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ेगा।

कैलाश मिश्रा ने कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने रिंग बांध सहित सभी तालाबों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने की वकालत की। भाजपा कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर एकजुट हो रहे। शहरवासी उम्मीद कर रहे कि न्याय मिलेगा।

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