इश्क का जुनून सिर चढ़कर बोला: नाबालिग प्रेमिका ने प्रेमी की सगाई से नाराजगी में 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर घंटों तक चलाया हाई‑वोल्टेज ड्रामा : Upset over her boyfriends engagement

Uday Diwakar
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  • हाई-वोल्टेज ड्रामा: लड़की करीब 3 से 4 घंटे तक टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर बैठी रही और नीचे कूदने की धमकी देती रही।

Upset over her boyfriends engagement: खरगोन/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में सामने आई यह घटना किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती, जहाँ प्यार, तकरार और फिर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर मौत से आँख मिचौली का खेल खेला गया। यह मामला भीकनगांव थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहाँ एक नाबालिग लड़की का “इश्क का जुनून” इस कदर सिर चढ़कर बोला कि उसने पूरे प्रशासनिक अमले और ग्रामीणों की सांसें गले में अटका दीं। करीब चार घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोली, बल्कि किशोरावस्था में बढ़ते आवेश और भावनात्मक अस्थिरता को भी उजागर किया।

घटना की शुरुआत तब हुई जब गांव में रहने वाली एक नाबालिग लड़की को यह पता चला कि उसका प्रेमी, जिससे वह लंबे समय से प्रेम करती थी, किसी दूसरी लड़की से सगाई करने जा रहा है। जैसे ही प्रेमी की सगाई की खबर लड़की के कानों तक पहुंची, वह आपे से बाहर हो गई। उसके मन में अपने प्रेमी को खोने का डर और धोखे की भावना इस कदर घर कर गई कि उसने एक आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया। वह गुस्से में घर से निकली और सीधे गांव के बाहर खेतों में स्थित बिजली के विशालकाय हाई-टेंशन टावर की ओर दौड़ पड़ी।

इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उसे रोकने की कोशिश करता, लड़की तेजी से टावर पर चढ़ने लगी। देखते ही देखते वह करीब 150 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गई। टावर के नीचे खड़े ग्रामीणों ने जब उसे इतनी ऊंचाई पर देखा, तो उनके हाथ-पांव फूल गए। लड़की टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर जाकर बैठ गई, जहाँ हाई-वोल्टेज बिजली के तार दौड़ रहे थे। गनीमत यह रही कि वह उन तारों के सीधे संपर्क में नहीं आई, वरना पल भर में उसकी जान जा सकती थी। शोर मचते ही वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

घटना की सूचना तुरंत भीकनगांव पुलिस और प्रशासन को दी गई। पुलिस बल जब मौके पर पहुंचा, तो नजारा देखकर वे भी दंग रह गए। लड़की नीचे उतरने का नाम नहीं ले रही थी। वह ऊपर से चिल्ला रही थी कि यदि उसके प्रेमी की सगाई नहीं रोकी गई, तो वह ऊपर से कूदकर अपनी जान दे देगी। उसकी एक ही जिद थी—”प्रेमी की सगाई अभी के अभी तोड़ी जाए और उसे उसी के पास लाया जाए।” पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे सुरक्षित नीचे उतारना था, क्योंकि छोटी सी लापरवाही उसे नीचे गिरने या करंट लगने का शिकार बना सकती थी।

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पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले बिजली विभाग से संपर्क किया और उस ग्रिड की बिजली सप्लाई बंद करवाई। इसके बाद शुरू हुआ मान-मनौव्वल का लंबा दौर। टावर के नीचे लड़की के माता-पिता और परिजन बिलख रहे थे, उसे नीचे आने की मिन्नतें कर रहे थे, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी थी। पुलिस ने मेगाफोन के जरिए उससे बात करने की कोशिश की और उसे आश्वासन दिया कि उसकी हर बात सुनी जाएगी और समस्या का समाधान निकाला जाएगा। इस दौरान गांव के कुछ साहसी युवक भी टावर पर चढ़ने की कोशिश करने लगे, लेकिन लड़की के कूदने की धमकी पर वे बीच में ही रुक गए।

करीब तीन से चार घंटे तक यह ड्रामा चलता रहा। धूप और इतनी ऊंचाई पर होने के कारण लड़की की हालत भी बिगड़ने लगी थी। अंततः, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के साझा प्रयासों और “सगाई रोकने” के झूठे वादे के बाद लड़की का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ। पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से उसे विश्वास में लिया और धीरे-धीरे उसे नीचे उतरने के लिए प्रेरित किया। जब वह काफी नीचे आ गई, तब पुलिसकर्मियों और युवकों ने उसे पकड़कर सुरक्षित जमीन पर उतारा। नीचे उतरते ही वह बदहवास होकर गिर पड़ी, जिसके बाद उसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

Upset over her boyfriends engagement

इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या युवक ने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का शोषण किया था या यह एकतरफा जुनून का मामला है। चूंकि लड़की नाबालिग है, इसलिए कानूनन प्रेमी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस ने युवक और उसके परिवार को भी थाने तलब किया ताकि पूरे विवाद की जड़ का पता लगाया जा सके। फिलहाल, लड़की को काउंसलिंग दी जा रही है ताकि वह दोबारा ऐसा घातक कदम न उठाए।

सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह घटना आधुनिक समाज और किशोरों के बीच बढ़ती मानसिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में प्रेम संबंधों को लेकर किशोरों में एक अजीब सा उतावलापन देखा जा रहा है। छोटी-छोटी बातों पर जान देने या लेने पर उतारू हो जाना यह दर्शाता है कि हमारे समाज में आज भी बच्चों को भावनात्मक प्रबंधन की शिक्षा नहीं दी जा रही है। माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी भी ऐसी घटनाओं का एक मुख्य कारण बनकर उभर रही है।

अंततः, खरगोन की यह घटना एक सुखद अंत के साथ समाप्त तो हो गई क्योंकि किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह प्रशासन के लिए एक सबक भी है। हाई-टेंशन टावरों के आसपास सुरक्षा घेरा न होना और ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित रेस्क्यू टीम का अभाव भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। गांव वालों के लिए यह एक ऐसी कहानी बन गई है जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे, लेकिन उस नाबालिग लड़की के लिए यह उसके जीवन का सबसे भयानक मोड़ था, जहाँ वह इश्क के जुनून में मौत के मुहाने पर खड़ी थी।

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