Shabbir Alam of Gangs of Wasseypur fame arrested in Surguja: सरगुजा:अंबिकापुर (07 july 2026): । गैंग्स ऑफ वासेपुर के गैंगस्टर शब्बीर आलम ने सरगुजा में भी अपना एक साम्राज्य खड़ा कर दिया था। अंबिकापुर पुलिस की कामयाबी से 13 साल बाद पकड़ा गया यह गैंगस्टर अब झारखंड धनबाद के दोहरे हत्याकांड के मामले में गिरफ्तारी के बाद जेल जाने की संभावना बढ़ गई है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गैंग्स ऑफ वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम को अंबिकापुर पुलिस ने पकड़ लिया है। वह 13 साल से पहचान छिपाकर अंबिकापुर में रह रहा था। इस दौरान वह नए पहनावे और नया नाम लेकर बस और एंबुलेंस के संचालन का काम कर रहा था। उसके पार्टनरशिप में दो बसें, 40 एंबुलेंस और सिलाई दुकान का कारोबार चल रहा था। शब्बीर आलम ने अंबिकापुर में आलिशान मकान भी बनाया था।
मामला झारखंड के धनबाद से जुड़ा है। साल 2001 में गैंग्स ऑफ वासेपुर के डॉन फहीम खान की मां नजमा खातून और मौसी शहनाज खातून की दिनदहाड़े हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में शब्बीर आलम (साबिर आलम) को मुख्य आरोपी माना जाता है। झारखंड हाई कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था और उसकी संपत्तियों की कुर्की की गई थी। कोर्ट से फरार होने के बाद उसे 13 साल से अंबिकापुर में पनाह दी जा रही थी।
13 साल का छिपावा और अंबिकापुर का साम्राज्य
शब्बीर आलम 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में छिपाकर रह रहा था। इस दौरान वह अपने सहयोगी जावेद खान के साथ नए पहनावे और नए नामों से पहचान छिपाकर रह रहा था। उसने अंबिकापुर में आलिशान मकान बनाया और बस-एंबुलेंस संचालन की आड़ में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया।
पुलिस की छापेमारी और दोबारा फरार
6 दिन पहले धनबाद पुलिस जब उसे पकड़ मोमिनपुरा पहुंची तो स्थानीय लोगों के विरोध के बीच वह और सहयोगी जावेद फरार हो गए। धनबाद पुलिस की टीम सादे गणवेश में आई थी और शहर के रिंग रोड इलाके में दबिश दी। लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बीच शब्बीर आलम और जावेद मौके से भाग निकलने में सफल रहे।
सरगुजा और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने दोबारा छापेमारी की, पर शब्बीर आलम हाथ नहीं आया। तब बाद में पुलिस ने बस संचालक और उसके साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर दिया है।
Shabbir Alam of Gangs of Wasseypur fame arrested in Surguja
सरगुजा पुलिस ने गैंगस्टर के सहयोगी और पार्टनर बस संचालक बैदुल खान (57) के खिलाफ कोतवाली थाने में FIR दर्ज की है। आरोप है कि बैदुल खान ने यह जानते हुए कि शब्बीर आलम भगोड़ा घोषित है, उसे अपने यहां पनाह दी।
एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि गैंगस्टर को पनाह देने और उसके साथ पार्टनरशिप में करने के मामले में अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी बस संचालक और उसके सहयोगियों की जांच चल रही है। जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दोहरे हत्याकांड मामले में शब्बीर आलम को आजीवन कारावास की सजा मिली है। धनबाद पुलिस भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उसकी तलाश की जा रही थी। 3 दिन पहले झारखंड पुलिस अंबिकापुर पहुंची थी। छापेमारी से पहले गैंगस्टर और उसका साथी दोबारा फरार हो गए।
स्थानीय लोगों को शब्बीर आलम के अंबिकापुर में रहने की जानकारी के बाद पुलिस की कामयाबी पर राहत का सांस है। कई लोग कह रहे हैं कि शब्बीर आलम को 13 साल तक अंबिकापुर में दिया संरक्षण राजहंस बस संचालक पर FIR दर्ज की गई है।
शब्बीर आलम और उसके सहयोगी जावेद खान को संरक्षण देने और उसके साथ सहयोग करने वालों की पहचान की जा रही है। आगे की जांच में यह भी सामने आ सकता है कि शहर में कितने लोग शब्बीर आलम को पनाह देते थे।
अब शब्बीर आलम को गिरफ्तार करने के बाद अंबिकापुर पुलिस उसे धनबाद पुलिस के हवाले करने की तैयारी कर रही है। इस मामले में बस संचालक और उसके सहयोगियों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आगे की जांच में यह भी सामने आ सकता है कि शहर में कितने लोग शब्बीर आलम को पनाह देते थे। पुलिस ने बस संचालक और उसके साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर दिया है।
अंबिकापुर पुलिस ने शब्बीर आलम को गिरफ्तार करने के बाद उसे धनबाद पुलिस के हवाले करने की तैयारी कर रही है। इस मामले में बस संचालक और उसके सहयोगियों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह 13 साल से छिपा रहकर अंबिकापुर में बस और एंबुलेंस का जाल चलाता शब्बीर आलम अब सरगुजा पुलिस के हाथ आ गया है। इससे अंबिकापुर में उसका साम्राज्य बेनकाब हुआ है और पुलिस ने बस संचालक और उसके साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें-चाय की केतली से दिलों तक: Dolly Chaiwala पहली बार छत्तीसगढ़, कैंसर पीड़ित परिवारों को मुफ्त भोजन परोसा








