Public Outraged by Poor Roads and Power Cuts; Congress Stages Chakka Jam Protest in Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर (23 मई 2026):बिजली कटौती और टूटी-फूटी सड़कों से परेशान जनता के बढ़ते रोष के बीच कांग्रेस ने आज शहर के प्रमुख चौराहों पर चक्काजाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के स्थानीय और जिला नेतृत्व के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने बिजली और सड़क मुद्दों पर प्रशासन व संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका चौक, बस स्टैंड और मुख्य बाजार के समीप वाहनों के पहिये जाम कर दिए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी बैनर-पोस्टर लेकर आगे बढ़े जिन पर लिखे थे — “बिजली नहीं तो विकास नहीं”, “टूटी सड़कों पर रहना बर्दाश्त नहीं” और “अम्बिकापुर को सड़क और बिजली दो”। प्रदर्शन के दौरान कई वक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन पर उपेक्षा और संबंधित विभागों की लापरवाही का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले कई महीनों से शहर में नियमित बिजली कटौती हो रही है, जिससे दुकानदार और छोटे उद्योग भारी नुकसान उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में तो हर दिन कई घंटे तक बिजली नहीं रहती, जबकि गर्मियों के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। पार्टी का दावा है कि शिकायत दर्ज कराने पर भी बिजली विभाग के अधिकारी ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, इसीलिए स्थानीय लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा।
सड़क की बात करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शहर की कई मुख्य सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं, नाली-नालियाँ भरी हुई हैं और पक्की मरम्मत का अभाव है। इन खराब हालातों के कारण सड़क दुर्घटनाएँ और वाहनों की क्षति लगातार बढ़ रही है। कांग्रेस ने जिलाधिकारी तथा सौंपे गए अधिकारियों से मांग की कि वे सड़क मरम्मत और बिजली आपूर्ति के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय करके जनता को सूचित करें।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने मीडिया से कहा, “यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोगों की आवाज़ है। हमने कई बार प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जब जनता बेहाल है तो हमें उनका साथ देना चाहिए।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अगले सप्ताह तक कोई समुचित कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस और बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।
स्थानीय व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कहा कि बिजली कटौती से व्यापार प्रभावित हो रहा है, विशेषकर भोजन व किराने की दुकानों तथा छोटे उद्योगों में। एक व्यापारी ने बताया कि रेफ्रिजरेशन और मशीनों के रुकने से पेड़-पौधे नहीं बल्कि व्यापार का बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन समाधान निकाले जाएँ।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा, लेकिन कभी-कभी नारेबाजी व तर्क-वितर्क तेज़ हो गया। शहर पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर तैनाती बढ़ा दी थी और मौके पर व्यवस्थाओं को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया था। पुलिस ने प्रदर्शकारियों को चेतावनी भी दी कि वे यातायात बाधित न करें और आपातकालीन सेवाओं के मार्ग खुला रखें। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं मिली और हालात सामान्य बनाए रखने में कामयाबी रही।
Public Outraged by Poor Roads and Power Cuts; Congress Stages Chakka Jam Protest in Ambikapur
वहीं, बिजली विभाग के सूत्रों का कहना है कि कुछ तकनीकी कारणों और बढ़ी मांग के कारण नियमित कटौती हो रही है, और वे शीघ्र ही समस्या का समाधान करने के प्रयास कर रहे हैं। विभाग ने बताया कि कुछ जगहों पर पुरानी लाइनें और ट्रांसफार्मर अधिक लोड के कारण खराब हो गए हैं, जिनकी मरम्मत के लिए समय और संसाधन आवश्यक हैं। विभाग ने आश्वासन दिया कि मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं और प्रभावित इलाकों में धीरे-धीरे आपूर्ति बहाल की जा रही है।
नगर पालिका के अधिकारी भी सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए बजट और परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहते हैं कि नकदी और ठेकेदारों की अपर्याप्तता के कारण तत्काल मरम्मत सीमित जगहों पर हो पा रही है। वे कहते हैं कि वर्षा और खराब मौसम की वजह से भी कार्यों में देरी हुई है, परन्तु जल्द ही बड़े स्तर पर सरीखे मरम्मत अभियान शुरू किए जाने की योजना है।
प्रदर्शन के दौरान कई नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए—किसी ने कहा कि बच्चे और बुजुर्ग चिकित्सा सुविधाओं के लिए समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते जब सड़कें खराब होती हैं या बिजली कटती है, जबकि अन्य ने कहा कि बिजली कटने पर पानी की पंपिंग रुक जाती है और पानी की सुविधा प्रभावित होती है। इन व्यक्तिगत किस्सों ने प्रदर्शन को और भावुक बना दिया और स्थानीय जनभावना का सबूत प्रस्तुत किया।
कांग्रेस ने प्रदर्शन के अंत में एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय पर सौंपा जिसमें बिजली आपूर्ति स्थिर करने, घटिया सड़कों की तत्काल मरम्मत तथा संबंधित विभागों द्वारा एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने की मांग की गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो पार्टी और अधिक प्रभावशाली धरना-प्रदर्शन और रास्ता जाम जैसी कड़ाई से कदम उठाएगी। जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त करने की पुष्टि की और कहा कि वे जल्द ही सभी मांगे संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जांच करेंगे।
अंततः, शहर में सामान्य जीवन पर अधिक प्रभाव न पड़े इसकी जिम्मेदारी सार्वजनिक प्रशासन की बनी हुई है, और स्थानीय विरोध-प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता अब न केवल आवाज़ बुलंद कर रही है बल्कि ठोस कार्रवाई भी चाहती है। आगामी दिनों में प्रशासन और विभागों की प्रतिक्रिया पर ही यह तय होगा कि अंबिकापुर की बिजली व सड़क संबंधी समस्याओं का समाधान कितना शीघ्र और प्रभावी होगा।
यह भी पढ़ें-3 जून को जिला पं अध्यक्ष सालिक साय का नई दिल्ली में होगा सम्मान








