चिंतामणि महाराज व उद्देश्वरी पैकरा के मुख्य आतिथ्य में कुसमी में सुशासन तिहार शिविर जोरदार आयोजन” — लोगों ने लिया सहभाग : Grand Good Governance Festival (Sushasan Tihar) camp organized in Kusmi

Uday Diwakar
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Grand Good Governance Festival (Sushasan Tihar) camp organized in Kusmi: बलरामपुर:​​नगर पंचायत कुसमी में सुशासन तिहार शिविर का भव्य आयोजन हुआ, जिसकी मुख्य अतिथि के रूप में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज और सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा उपस्थित रहीं। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लेकर सुशासन, पारदर्शिता और विकास पर व्यापक विचार-विमर्श किया। आयोजन में नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ शिकायत निवारण के लिए भी सुविधाएं दी गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत देवनागरी मंत्रोच्चार और स्वागत समारोह के साथ हुई, जिसके बाद प्रमुख अतिथियों का मंच पर स्वागत किया गया। सांसद चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में सुशासन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विकास तभी ठोस होगा जब प्रशासन और जनता के बीच विश्वास स्थापित होगा। उन्होंने कहा, “सरकार की योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए पारदर्शिता व जवाबदेही अनिवार्य है।” महाराज ने स्थानीय समस्याओं के निराकरण हेतु अधिकारियों से सतत संवाद बनाये रखने का निर्देश भी दिया।

सामरी की विधायक उद्देश्वरी पैकरा ने अपने शब्दों में कहा कि सुशासन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने कहा, “हम जनता के लिए हैं और उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए। यह शिविर उसी दिशा में एक कदम है जहाँ सीधे तौर पर लोगों की समस्याओं को सुना और निपटाया जा रहा है।” विधायक ने महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि महिलाएं स्थानीय विकास की असली वाहक हैं और उनके लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है, जिनका लाभ वे ले सकती हैं।

शिविर में अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे जहाँ कार्ड वितरण, पेंशन, किसान योजनाओं, स्वरोज़गार और डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी जा रही थी। साथ ही शिविर में शिकायत पटल भी स्थापित था जहां लोगों ने अपने शिकायत पत्र चिन्हित अधिकारियों को सौंपे। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे और कई मामलों में त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। कुछ शिकायतें उसी दिन सुनवाई के बाद निस्तारित भी कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों में संतोष की लहर देखी गई।

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स्थानीय सरपंच और पार्षदों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर सामुदायिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्राथमिक विद्यालयों की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं को मुख्य अतिथियों के समक्ष रखा। सांसद और विधायक दोनों ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया और कहा कि वे स्वयं स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करवाएंगे।

शिविर के दौरान एक जन सुनवाई सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें ग्रामीणों ने व्यक्तिगत और सामूहिक मुद्दे रखे। कई किसानों ने फसल बीमा, सिंचाई और मंडी व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों का जिक्र किया, जिन पर कृषि विभाग के प्रतिनिधियों ने मार्गदर्शन और आगे की प्रक्रिया समझाई। वहीं, युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं और कौशल विकास प्रशिक्षण पर भी सत्र आयोजित किया गया, जिससे कई युवा उपस्थित लोगों ने आवेदन करने में रुचि दिखाई।

Grand Good Governance Festival (Sushasan Tihar) camp organized in Kusmi

प्रशासन की ओर से आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, फसल बीमा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और जनधन जैसी योजनाओं के लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी बिंदुवार देकर दी गई। डिजिटल इंडिया पहल के तहत ऑनलाइन सेवाओं का डेमो भी रखा गया ताकि ग्रामीण खुद अपनी सुविधानुसार सेवाओं का लाभ उठा सकें। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे शिविर उन्हें सीधे अधिकारियों से मिलने और अपनी समस्याएँ रखने का मौका देते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं के लाभ अर्जित करना आसान होता है।

कार्यक्रम का संचालन नगरपालिका के समन्वय में किया गया और पुलिस-प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। आयोजन में स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए जिनमें बच्चों और युवाओं ने लोकगीत तथा नृत्य प्रस्तुत किए। इससे कार्यक्रम का माहौल और भी जीवंत बन गया और बड़ी संख्या में लोग शाम तक मौजूद रहे।

कई उपस्थित नागरिकों ने कहा कि ऐसे शिविर से प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम होती है और यह ग्रामीण विकास के लिए सकारात्मक कदम है। कुछ व्यापारियों और किसान संगठनों ने भी इस पहल की सराहना की और सरकार से अनुरोध किया कि इस तरह के शिविर अधिक-से-अधिक स्थानों पर आयोजित किए जाएँ ताकि सेवा पहुंच और शिकायत समाधान का असर व्यापक रूप से हो।

शिविर के अंत में मुख्य अतिथियों ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सुशासन की भावना को सुदृढ़ करने वाली पहल है। उन्होंने वादा किया कि स्थानीय हितों और समस्याओं के समाधान के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे और आगामी सप्ताहों में जिन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई का बल दिया गया है, उन पर रिपोर्ट पेश की जाएगी।

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