Durg: 14-Year-Old Boy Kidnapped After Being Lured into a Honeytrap: दुर्ग -भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे पुलिस और जांच अधिकारी “अनूठा” और “अत्यंत संवेदनशील” बता रहे हैं। यहां की रहने वाली एक युवती ने 14 साल के नाबालिग लड़के को सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए हनीट्रैप (प्रेम जाल) में फंसाया और फिर उसे अपहरण कर उसके अभिभावकों से एक करोड़ रुपए की फिरौती की डिमांड की। यह मामला न केवल नाबालिग सुरक्षा के मुद्दे को निर्ममता से उजागर कर रहा है, बल्कि डिजिटल दुनिया में बढ़ते बाल‑निर्यातन और आपराधिक षड्यंत्र की चेतावनी भी दे रहा है।
हनीट्रैप से लेकर अपहरण तक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना कुछ दिन पहले नगर के एक शहरी इलाके से शुरू हुई, जहां नाबालिग लड़का सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप के माध्यम से एक युवती से जुड़ा। युवती ने लड़के को प्रेम, भावनात्मक आकर्षण और भरोसे जैसे भावनात्मक तत्वों का इस्तेमाल कर उसके विश्वास में घुल‑मिलकर धीरे‑धीरे उसकी प्राइवेसी और निजी जानकारी हासिल कर ली। जैसे‑जैसे तारीख बढ़ी, युवती ने उसे अलग‑थलग स्थान पर बुलाकर दुर्ग जिले के एक ग्रामीण इलाके में ले जाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़के को विश्वास दिलाकर उसके साथ जाने के बहाने जब उसे एक डिज़ाइन वाली गाड़ी में बैठाकर दुर्ग के बाहरी इलाके में ले जाया गया तो वहां पहुंचते ही उसका अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ता युवती ने बाद में लड़के के परिजनों के मोबाइल नंबर पर कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज कर एक करोड़ रुपए की फिरौती की डिमांड की और धमकी दी कि अगर फिरौती पूरी नहीं की गई तो लड़के के साथ गंभीर घटना की जाएगी।
लड़के के परिजनों ने तुरंत दुर्ग पुलिस की आरक्षण थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जिला पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डेटा की जांच शुरू की। पुलिस सूत्र बताते हैं हैं कि सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप चैटिंग को ट्रेस करने से युवती और उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी मिली, जिनके खिलाफ फिरौती और अपहरण की धाराओं में अपराध पंजीकृत किया गया।
कुछ दिन की गुप्त निगरानी और इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने दुर्ग–रायपुर सीमा के पास एक गांव में छिपे नाबालिग लड़के को बचा लिया और उसे अपने परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया। इस दौरान युवती और उसके सहयोगी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों पर बाल अपहरण, फिरौती, हनीट्रैप, डिजिटल धोखाधड़ी और भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई जारी है।
Durg: 14-Year-Old Boy Kidnapped After Being Lured into a Honeytrap
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला काफी जटिल है, क्योंकि न सिर्फ यह नाबालिग के साथ अपराध है, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल जाल के माध्यम से बचाव व्यवस्था के विफल होने की भी एक चेतावनी देता है। दुर्ग के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आगे जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या आरोपियों के पीछे कोई बड़ा अपराध संगठन या गैंग शामिल था, जो नाबालिगों के जाल में फंसाकर उनका शोषण या अन्य अपराधों के लिए उपयोग करता हो।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न केवल सख्त कानूनी कार्रवाई बल्कि विद्यालयों, घरों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जागरूकता अभियान भी जरूरी है, ताकि नाबालिग युवा सोशल मीडिया पर गैर‑जिम्मेदारी भरी बातचीत, अनजान लोगों के साथ मिलने और अपने निजी फोटो या जानकारी शेयर करने से बचें। इस घटना के बाद दुर्ग प्रशासन और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि नाबालिग सुरक्षा, डिजिटल शिक्षा और पीड़ित–परिवारों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं शुरू की जाएंगी।
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