In Surajpur, the Honorable Court has sentenced 29 accused persons to rigorous imprisonment in 17 murder cases: सूरजपुर : जिले के माननीय न्यायालयों ने हाल ही में हत्या के कई आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। नए कानून भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पिछले 5 माह में (माह दिसम्बर 2025 से अप्रैल 2026) के मध्य हत्या के 17 प्रकरणों में 29 अभियुक्तों को दोषी मानते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
हालिया फैसलों में कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार है
(1) ग्राम पसला स्थित डेयरी फार्म में एक महिला की हत्या मामले में आरोपी को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा और अर्थदण्ड से दंडित किया है।
(2) कालेज रोड़ नावापारा सूरजपुर एक मकान में एक महिला की हत्या मामले में आरोपी को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा और अर्थदण्ड से दंडित किया है।
(3) चौकी लटोरी के ग्राम द्धारिकापुर गाड़ा झरिया में एक महिला के द्वारा अपने पति की धारदार हथियार से वार कर हत्या के मामले में आरोपी को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा और अर्थदण्ड से दंडित किया है।
(4) थाना चांदनी के ग्राम विशालपुर में जमीन विवाद को लेकर एक व्यक्ति को 4 लोगों के द्वारा हथियार से वार कर हत्या मामले में 4 आरोपियों को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा और अर्थदण्ड से दंडित किया है।
(5) थाना चांदनी के ग्राम अवन्तिकापुर में चाचा ने अपने भतीजे की हत्या कर दी थी। इस मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष की कठोर कारावास की सजा और अर्थदण्ड से दंडित किया है।
(6) थाना सूरजपुर के ग्राम पर्री गौटियापारा में एक लड़के को उसके पिता व भाई ने पेड़ में बांधकर मारपीट कर हत्या हत्या कर दी थी। इस मामले में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा और अर्थदण्ड से दंडित किया है।
In Surajpur, the Honorable Court has sentenced 29 accused persons to rigorous imprisonment in 17 murder cases
नए कानून लागू होने के बाद आपराधिक मामलों में चश्मदीद गवाहों के पलटने के बावजूद माननीय न्यायालय अन्य ठोस सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी मानकर सजा सुना रही है। अपराध विवेचना के दौरान संकलित किए गए गवाहों के कथनों, वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य, मेडिकल व पीएम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य के आधार पर भी आरोपियों के विरूद्ध सजा तय की जा रही है। आधुनिक न्यायिक प्रणाली के अन्तर्गत समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल, फोरेंसिक और परिस्थितियों की कड़ियों को जोड़कर आरोप की पुष्टि होने के बाद न्यायालय गवाहों के पलटने के बाद भी न्याय सुनिश्चित कर रही है।
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