Bus-Truck Collision at Nawapara in Kalyanpur Gram Panchayat on Ambikapur–Pratappur Route: सरगुजा:अंबिकापुर: 18 अप्रैल 2026: अंबिकापुर–प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर रात ग्राम पंचायत कल्याणपुर के अंतर्गत नवापारा के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां से गुजर रही एक यात्री बस सड़क के बीचोबीच खराब हालत में खड़े ट्रक से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे कई यात्री क्षणभर में उछल–कूद व चीख–पुकार में फंस गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रक सड़क पर बिना किसी संकेतक या चेतावनी के खड़ा था, जिसकी वजह से बस चालक को दूर से दिखाई भी नहीं दिया। जब उसे अंधेरे में ट्रक दिखा तो टावर बजाने के बाद ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन रफ्तार और दूरी के कारण बचाव संभव नहीं हो सका।
टक्कर के बाद बस के अंदर बैठे यात्री आपस में टकराकर घायल हो गए। बस में सवार एक युवक, जो बस का ही कर्मचारी था, उसी वक्त गंभीर चोटों के कारण बेहोश हो गया और बाद में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर उसके शव को बस से बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों और पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस हादसे में बस में सवार दर्जन भर यात्रियों को चोटें आईं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस के संयुक्त प्रयास से बस के टूटे‑फूटे दरवाजों और खिड़कियों से बाहर निकाला गया और फिर उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही लटोरी और खड़ग़वां पुलिस की पेट्रोलिंग टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्य किया। पुलिस ने इस मामले में आपराधिक घटना दर्ज कर दी और बस व ट्रक चालक के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, यह जांच यह भी तय करेगी कि ट्रक वास्तव में खराब होकर सड़क पर कैसे खड़ा हुआ और उसके चालक ने नियम व चेतावनी के लिए आवश्यक सुविधा क्यों नहीं लगाई।
Bus-Truck Collision at Nawapara in Kalyanpur Gram Panchayat on Ambikapur–Pratappur Route
इस बस–ट्रक टक्कर से अंबिकापुर–प्रतापपुर मार्ग पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब वाहनों को अंधेरे में बिना किसी चेतावनी बोर्ड या बल्ब के लंबे समय तक सड़क पर खड़ा रहना से दुर्घटनाएं अटकारे तरह बन चुकी हैं। वहीं, इस घटना ने बस ऑपरेटरों पर भी दबाव डाला है कि वे अपने वाहनों की तकनीकी दशा और चालकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की संभावना कम हो।
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