Sarguja: Administrative Team Arrives to Remove Encroachment at Kamoda Bihar Resort: सरगुजा:अंबिकापुर:10 मई 2026: कमोड़ा बिहार रिजॉर्ट पर आज सुबह 8 बजे राजस्व विभाग की भारी भरकम टीम पहुंची। एसडीएम वन सिंह के नेतृत्व में टीमें अतिक्रमण हटाने के लिए जुट गईं। लेकिन रिजॉर्ट मालिक ने हंगामा मचा दिया। मालिक पक्ष ने शासन की टीम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दो दिन का मोहलत मांगते हुए उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा, “सब कुछ व्यवस्थित कर लेंगे, अभी मत तोड़ो।”
घटना की शुरुआत तब हुई जब एसडीएम वन सिंह अपनी टीम के साथ रिजॉर्ट के मुख्य द्वार पर पहुंचे। राजस्व अमला ने नोटिस पढ़ा और अतिक्रमण वाली जमीन पर बुलडोजर उतारने की तैयारी शुरू की। रिजॉर्ट मालिक की पत्नी ने अचानक मीडिया कर्मियों पर हमला बोल दिया। बाइट लेने के दौरान उन्होंने माइक छीन लिया और आईडी कार्ड फेंक दिए। “यहां से भाग जाओ, झूठी खबरें मत फैलाओ!” चिल्लाते हुए उन्होंने पत्रकारों को धक्का दिया। वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें बदतमीजी साफ नजर आ रही है। रिजॉर्ट के अंदर गहमा-घमाद मच गया। कर्मचारी इकट्ठा हो गए, ग्राहक भागने लगे। पूरा इलाका तनावग्रस्त हो गया।
एसडीएम वन सिंह ने स्पष्ट कहा, “अवैध कब्जा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। नोटिस के बाद भी कार्रवाई से बचने की कोशिश हो रही है। हम कानून के मुताबिक आगे बढ़ेंगे।” बाइट लेते हुए उन्होंने बताया कि यह जमीन सरकारी है, जो वर्षों से रिजॉर्ट मालिक ने कब्जा रखी हुई है। राजस्व रिकॉर्ड में यह वन विभाग की है। अतिक्रमण हटाने का आदेश कलेक्टर ने दिया था। टीम में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस बल और जेसीबी मशीनें शामिल थीं। लेकिन मालिक पक्ष ने स्थानीय लोगों को इकट्ठा कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रिजॉर्ट मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह हमारी निजी संपत्ति है। कागजात सब तैयार हैं, दो दिन का समय दो तो दिखा देंगे। प्रशासन जल्दबाजी क्यों कर रहा है?” उनकी पत्नी ने तो हद पार कर दी। मीडिया टीम को गाली-गलौज करते हुए उन्होंने फोन भी छीन लिया। एक पत्रकार ने बताया, “हम सिर्फ सच्चाई दिखा रहे थे, लेकिन उन्होंने हिंसा की कोशिश की।” रिजॉर्ट में ठहरे पर्यटक डर गए। एक परिवार ने कहा, “अचानक हंगामा हो गया, हम फंस गए।”
Sarguja: Administrative Team Arrives to Remove Encroachment at Kamoda Bihar Resort
यह मामला नया नहीं है। पिछले साल भी इसी रिजॉर्ट पर अतिक्रमण का केस चला था। सरगुजा जिले में वन भूमि पर अवैध रिजॉर्ट और होटल बनने की शिकायतें बढ़ रही हैं। कमोड़ा बिहार रिजॉर्ट अम्बिकापुर-उदयपुर मार्ग पर स्थित है। यहां लग्जरी सुविधाएं हैं, लेकिन जमीन विवाद में फंसा। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मालिक ने जंगल काटकर निर्माण किया। वन विभाग ने भी शिकायत दर्ज की थी। कलेक्टर विष्णु कुमार को मामले की जानकारी थी। उन्होंने साफ निर्देश दिए थे- कोई मोहलत नहीं।
मीडिया पर बदतमीजी का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। एसडीएम से बाइट लेते हुए मालिक की पत्नी पत्रकारों पर भड़क जाती है। “तुम लोग प्रोपगेंडा फैला रहे हो!” चीखते हुए माइक फेंक देती हैं। आईडी कार्ड जमीन पर फेंक दिया। पुलिस ने हस्तक्षेप किया, लेकिन हंगामा थमा नहीं। स्थानीय चैनलों ने लाइव कवरेज किया। विपक्षी नेता भी मैदान में कूद पड़े। कांग्रेस के एक नेता ने कहा, “प्रशासन सही कर रहा है, लेकिन मालिक पक्ष राजनीतिक दबाव डाल रहा है?”
सूत्र बताते हैं कि रिजॉर्ट मालिक का स्थानीय नेताओं से संपर्क है। दो दिन का मोहलत मांगते हुए वे ऊपर तक फोन घुमा रहे हैं। लेकिन एसडीएम वन सिंह अडिग हैं। उन्होंने कहा, “कानून सबके लिए बराबर है। अतिक्रमण हटेगा ही।” पुलिस ने 20 जवान तैनात कर दिए। जेसीबी मशीनें तैयार हैं। अगर विरोध बढ़ा तो लाठीचार्ज की नौबत आ सकती है। इलाके में तनाव है। दुकानें बंद हो गईं।
सरगुजा जिले में अतिक्रमण के कई केस लंबित हैं। उदयपुर, अंबिकापुर, मैनपाट क्षेत्रों में वन भूमि पर कब्जे आम हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई अन्य मामलों के लिए मिसाल बनेगी। पर्यावरणविदों ने सराहना की। एक एनजीओ ने कहा, “जंगल बचाने के लिए सख्त कदम जरूरी।” लेकिन मालिक पक्ष चेतावनी दे रहा है- “अगर तोड़ा तो बड़ा आंदोलन होगा।”
आंकड़ों में सरगुजा का अतिक्रमण
- सरगुजा में 5000 हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि अतिक्रमित।
- पिछले 2 साल में 150 रिजॉर्ट-होटल पर नोटिस।
- 2025 में 40% कार्रवाई पूरी।
- उदयपुर ब्लॉक में 20% अवैध निर्माण।
प्रशासन ने शाम 5 बजे तक अल्टीमेटम दिया है। अगर मोहलत मांगी तो कोर्ट जाएंगे। एसपी ने अतिरिक्त फोर्स भेजी। डीएफओ भी मौके पर हैं। रिजॉर्ट अस्थायी रूप से बंद। पर्यटक प्रभावित। स्थानीय व्यापारी चिंतित।
यह घटना सरगुजा में प्रशासन की सख्ती का प्रतीक है। मालिक पक्ष का दबाव झुकेगा या नहीं, दोपहर तक साफ हो जाएगा। अपडेट्स के लिए बने रहें।
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