सरगुजा रजपुरीकला: ग्रामीणों ने राशन दुकान संचालक को बंधक बनाया, PDS वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप : Villagers Hold Ration Shop Operator Hostage

Uday Diwakar
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  • सरगुजा जिले के रजपुरीकला गांव में लंबे समय से राशन वितरण में अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में ग्रामीणों ने उचित मूल्य दुकान संचालक को दुकान के अंदर ही बंधक बना लिया, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मामला शांत किया गया।

Villagers Hold Ration Shop Operator Hostage: सरगुजा:​​​अंबिकापुर:   सरगुजा जिला, लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजपुरीकला में राशन वितरण में अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों ने देर रात एक हंगामी विरोध स्वरूप राशन दुकान संचालक को बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीनों से उचित मूल्य दुकान के माध्यम से नियमानुसार राशन नहीं मिल रहा, जिसके बाद उनका धैर्य टूट गया और उन्होंने सीधे दुकान संचालक के खिलाफ विरोध कर दिया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रजपुरीकला जैसे छोटे‑मोटे गांव में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चावल, गेहूं और अन्य राशन सामग्री की व्यवस्था लंबे समय से धड़ल्ले से चल रही थी। लोगों की शिकायत है कि उनके राशन कार्ड के अनुसार न्यूनतम सुरक्षा मूल्य पर मिलने वाला राशन कई बार या तो कम मात्रा में मिलता है या फिर बिल्कुल नहीं मिलता। कई परिवारों ने बताया कि वे महीने के आखिरी दिन भी अपने हक का राशन लेने के लिए काफी देर तक उचित मूल्य दुकान के बाहर घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन उन्हें यह जवाब मिलता है कि “राशन नहीं है” या “कार्ड फिल्टर में नहीं है”, जबकि दूसरे लोगों को दुकान से सामान लेते देखा जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार मौखिक और लिखित रूप से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन न तो उचित मूल्य दुकान संचालक और न ही स्थानीय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। इसी बीच गुरुवार की शाम को फिर से राशन नहीं मिलने पर ग्रामीणों में नाराजगी चरम पर पहुंच गई। गांव से कई दर्जनों लोग उचित मूल्य दुकान के सामने इकट्ठा हो गए और दुकान संचालक से अपने राशन‑कोटा के बारे में स्पष्ट जवाब मांगने लगे।

स्थिति बिगड़ती देख संचालक दुकान के अंदर ही बंद रहने लगे, जिसके बाद ग्रामीणों ने दुकान के बाहर तालाबंदी कर दी और संचालक को तब तक भीतर ही रोककर रखा, जब तक कि प्रशासन और पुलिस तुरंत मामले की जांच नहीं करे और उनकी मांगें नहीं मानी जाएं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने शारीरिक हिंसा का सहारा नहीं लिया, बल्कि उन्होंने केवल इस तरह का “दबाव” बनाया ताकि उनकी आवाज सुनी जाए। ग्रामीणों ने लगातार यह आरोप दोहराया कि राशन की व्यवस्था में भ्रष्टाचार हो रहा है, राशन कम दिया जा रहा है, कुछ परिवारों को बिल्कुल राशन नहीं मिल रहा, जबकि शायद बाजार में कालाबाजारी के जरिए वही राशन दूसरे दाम पर बिक रहा है।

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कई ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने बच्चों के लिए नियमित भोजन भी आराम से नहीं दे पा रहे, जबकि सरकारी राशन योजना का पूरा उद्देश्य ही गरीब और निर्धन लोगों को सस्ती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इसी कारण वे इस तरह का विरोध करने पर मजबूर हो गए। दूसरी ओर, संचालक का तर्क रहा कि उनके पास राशन की आपूर्ति समय पर नहीं आती, लेकिन ग्रामीण इस तर्क को जायज नहीं मान रहे और चाहते हैं कि खाद्य विभाग द्वारा व्यवस्था की पूरी जांच कराई जाए।

Villagers Hold Ration Shop Operator Hostage

घटना की सूचना मिलते ही लखनपुर थाना से पुलिस की टीम रजपुरीकला पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की। पुलिस ने पहले ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और फिर दुकान के अंदर जाकर संचालक को बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने दुकानदार को बंधक तो बनाया था, लेकिन उन्हें शारीरिक रूप से किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से बात कर स्थिति को शांत किया और संचालक को मुक्त कराया।

हालांकि अभी तक दुकान संचालक के खिलाफ औपचारिक रूप से कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं बताया गया है, लेकिन स्थानीय खाद्य विभाग के अधिकारियों को बुलाकर इस मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दुकान के लेखा‑जोखा, वर्तमान माह की राशन‑वितरण पुस्तिका और स्टॉक‑रिकॉर्ड की जांच की जाए, ताकि यह देखा जा सके कि वास्तव में कितना राशन प्राप्त हुआ और कितना वितरण किया गया। यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो दुकान के लाइसेंस निरस्त करने और भ्रष्टाचार के लिए कार्रवाई करने की मांग की गई है।

लंबे समय से चल रही PDS व्यवस्था की समस्याएं

सरगुजा जिला पहले भी राशन व्यवस्था में गड़बड़ी और घोटालों के मामलों के लिए चर्चा में रहा है। अंबिकापुर सहित कई थाना क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकान संचालकों और सहकारी समिति पदाधिकारियों के खिलाफ राशन की कालाबाजारी, गबन और शॉर्टेज के आरोप में कई एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें लाखों रुपये का राशन गायब पाया गया है। इन मामलों में कई दुकान संचालकों को गिरफ्तार भी किया गया था।

रजपुरीकला की इस घटना को लोग अकेली घटना के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत समस्या का हिस्सा मान रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि खाद्य विभाग नियमित रूप से सभी उचित मूल्य दुकानों के निरीक्षण करता, तो ऐसी गड़बड़ी इतनी लंबी अवधि तक नहीं चल पाती। वे ऑनलाइन राशन‑वितरण रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक सत्यापन और दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य किए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि गरीब लोगों का हक छीनने की गुंजाइश कम‑से‑कम हो सके।

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