Rape of a 5-Year-Old Child in Bhilai: दुर्ग -भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भिलाई के उतई थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिर्फ 5 साल की मासूम बच्ची के साथ बर्बर रेप के बाद उसे बोरे में बंद कर कुएं के पास फेंक दिया गया। आरोपी युवक पर अपहरण, रेप और हत्या के प्रयास जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना से पूरे इलाके में आक्रोश और डर का माहौल बना हुआ है।
चाकलेट लेने निकली थी मासूम
सूत्रों के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब बच्ची स्कूल से घर पहुंचने के बाद पास की दुकान से चाकलेट लेने निकली थी। बताया जाता है कि दुकान पर मौजूद 35 वर्षीय धनेश्वर साहू नामक युवक ने बच्ची को चाकलेट देने के लालच में अपने घर ले गया। घर में ले जाकर आरोपी ने बलात्कार के बाद उसे डराने और चिल्लाने से रोकने के लिए मुंह पर तकिए का कवर बांध दिया और फिर उसे बोरे में बंद कर कुएं के पास फेंक दिया।
जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने आसपास के लोगों के साथ तलाश शुरू की। लगभग दो घंटे की खोज के बाद गांव के दो युवकों को कुएं के पास खड़े बोरे से हलचल महसूस हुई। जब उन्होंने बोरा खोला तो उसमें वह मासूम बच्ची डरी–सहमी हालत में मिली। उसका मुंह टेक्सटाइल के कवर से बंधा था और शरीर पर स्पष्ट रूप से प्रताड़ना के चिह्न दिखाई दे रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही उतई पुलिस और विशेष टीम मौके पर पहुंची। बच्ची को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में बच्ची के साथ रेप की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी धनेश्वर साहू को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भादंसं की धाराओं के साथ‑साथ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम ने भी साइट ऑफ क्राइम पर साक्ष्य एकत्र किए हैं।
Rape of a 5-Year-Old Child in Bhilai
घटना के बाद स्थानीय निवासी आक्रोशित हो गए और थाने पर धरना‑प्रदर्शन कर कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस से न केवल आरोपी को बचाने से रोकने, बल्कि बच्ची की सुरक्षा और मानसिक उपचार के लिए तंत्र गठित करने की मांग उठाई। स्थानीय प्रशासन ने घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बच्ची और उसके परिवार के लिए समर्थन की बात कही, लेकिन साथ ही बच्चों की सुरक्षा और पड़ोस की निगरानी को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
इस घटना ने भिलाई और आसपास के इलाकों में बच्चों की सुरक्षा, पड़ोसी विश्वास और कम उम्र बच्चों की हिफाजत के मुद्दों पर चर्चा तेज कर दी है। पीड़िता के परिवार के लोग आज भी आंशिक रूप से डर और दहशत की हालत में हैं, जबकि लोग जल्द से जल्द न्याय और आरोपी को कड़ी सजा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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