Ambikapur: Dispute Between Tehsildar and MLAs Relative: सरगुजा:अंबिकापुर (28 मई 2026):सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच विवाद ने जिले में हलचल मचा दी है; दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामला सीतापुर थाने तक पहुंच गया है। ग्रामीणों और पदाधिकारियों के बयानों के अनुसार विवाद तब बढ़ा जब तहसीलदार के कार्यालय में समस्याएँ लेकर गई एक महिला से कथित तौर पर अभद्रता और कार्यालय से बाहर निकालने का आरोप लगा, जिसके बाद घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक रंग ले लिया।
सूत्रों ने बताया कि राजापुर उपतहसील में हाल ही में तहसीलदार कार्यालय में एक स्थानीय महिला अपनी समस्या लेकर पहुंची; महिला का कहना है कि उसे तहसीलदार कार्यालय में उचित व्यवहार नहीं मिला और उसे कार्यालय से बाहर कर दिया गया। इससे नाराज़ महिला ने मामले की शिकायत स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की, जिसके बाद यह मामला बढ़ते हुए सीतापुर विधायक कार्यालय और पुलिस तक पहुंचा। विधायक रामकुमार टोप्पो के परिवार के कुछ सदस्यों — बताया जा रहा है उनकी बहन — की कथित बदतमीजी का भी आरोप तहसीलदार पर लगाया गया है, और राय बनी कि यह घटना व्यक्तिगत तल्खी की वजह से भी जुड़ी हुई है।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपनी पहुंच दर्ज कराने के लिये सीतापुर थाना का रुख किया और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक समर्थकों ने आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा महिला के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और प्रशासनिक पद्धति का दुरुपयोग हुआ है। विधायक के साथ पहुंचे लोग और स्थानीय नेता यह भी कह रहे हैं कि अगर आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम लोगों का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
तुषार मानिकपुरी ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उनके किसी भी कर्मचारी या कार्यालय की ओर से किसी के साथ अभद्रता नहीं की गई। तहसीलदार ने पुलिस और मीडिया को बताया कि उन्होंने कार्य-व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास किया और किसी भी नागरिक के साथ वैमनस्य की कोई परिस्थिति नहीं बनी। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक के कुछ समर्थकों ने कार्यालय परिसर में आकर हंगामा किया और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की तथा मारपीट की घटना हुई, जिससे परिस्थितियाँ और बिगड़ीं। तहसीलदार ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने झगड़ा बढ़ाया, वे किस उद्देश्य से आए थे और उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में बाधा क्यों डाली।
सीतापुर पुलिस ने फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों रिकॉर्ड कर लिए हैं और मामले की जांच तेज कर दी है। थाना प्रभारी ने कहा कि प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर मामले की तफ्तीश की जा रही है और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित दोनों पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ गवाहों के बयान लिये जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज व अन्य आंशिक साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है ताकि स्पष्ट हो सके झगड़ा किसने शुरू किया और किसके साथ हिंसा या अभद्रता हुई।
Ambikapur: Dispute Between Tehsildar and MLAs Relative
पुलिस और जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक व कानूनी कदम उठाये जाएंगे। दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की चेतावनी दी गई है और विधानसभा प्रतिनिधि तथा तहसीलदार के बीच सुलह के लिए स्थानीय अधिकारी मध्यस्थता करने का प्रयास कर सकते हैं। यदि जांच में किसी भी तरह का दुरूपयोग या मारपीट साबित होता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होगी।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले में शांति बनाये रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की है। कई ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और जनता के बीच आपसी सम्मान बनाए रखना आवश्यक है; किसी भी विवाद का हल बातचीत और औपचारिक शिकायत प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। वहीं कुछ नागरिकों ने कहा कि यदि सचमुच कोई सरकारी अधिकारी किसी नागरिक के साथ अनुचित व्यवहार करता है तो उसकी जांच-अन्वेषण होना चाहिए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
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