Video of inappropriate conduct by a male and a female teacher at a school goes viral on social media:जांजगीर-चांपा : (नवागढ़) — जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम बोडसरा स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के परिसर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तेज़ आक्रोश फैल गया है। वीडियो में कथित रूप से एक शिक्षक और एक शिक्षिका का अनुचित व्यवहार दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। घटना की खबर फैलते ही समुदाय में भारी असंतोष और तीव्र प्रतिक्रिया सामने आई है, जबकि प्रशासन ने मामले की त्वरित जांच के निर्देश दे दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार वायरल वीडियो कुछ ग्रामीणों ने ही मोबाइल से रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर दिया। वीडियो में दिखाई देने वाले दृश्य संक्षिप्त हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उसमें दिखाई गयी क्रियाएँ स्कूल परिसर में हुईं और शिक्षण कार्य से जुड़े लोगों के बीच ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। वीडियो का तेजी से कई व्हाट्सएप समूहों और फेसबुक पेजों पर प्रसार हुआ, जिससे घटना के संदर्भ में अफ़वाहें और भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ और तीव्र हो गईं।
वीडियो के वायरल होते ही बोडसरा और आसपास के गांवों के लोग स्कूल के बाहर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने आरोपों की निंदा की और आक्रोश जताते हुए प्रशासन से शिक्षा विभाग तथा पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की माँग की। कई अभिभावकों ने स्कूल के बंद करने तथा दोनों पर शिक्षण एवं अनुशासनात्मक प्रतिबंध लगाने की मांग की है। भीड़ ने प्राथमिक रूप से यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

घटना की सूचना मिलते ही थाना नवागढ़ की पुलिस ने स्कूल पर छापेमारी कर विद्यालय के प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज तथा संबंधित शिक्षकों की उपस्थिति रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच प्राथमिकता से की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य संजोए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने भी मामले में संज्ञान लिया है और बताया कि संबंधित दोनों शिक्षकों को फिलहाल दफ्तर आने से रोका गया है और तात्कालिक रूप से निलंबन आदेश जारी करने पर विचार किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम वायरल फुटेज की मूल फाइल प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं तथा जिसने भी वीडियो बनाया और साझा किया, उनसे बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अगर वीडियो में दिख रहे लोग हमारे स्कूल के शिक्षण स्टाफ ही पाए गए तो उन पर अनुशासनात्मक और संभवतः आपराधिक आरोप लगाये जाएंगे।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो की सत्यता तय करने के लिए तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय गवाहों के बयान अहम होंगे।
Video of inappropriate conduct by a male and a female teacher at a school goes viral on social media
वकीलों ने कहा है कि ऐसे मामलों में केवल वीडियो के वायरल होने के आधार पर दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, परंतु पीड़ितों की सुरक्षा और न्यायसंगत जांच भी मजबूरी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा संस्थानों में होने वाली अनुचित गतिविधियों की स्वतंत्र और त्वरित जांच आवश्यक है ताकि न तो किसी निर्दोष को गलत तरीके से बदनाम किया जाए और न ही पीड़ितों का हक दबे। साथ ही बच्चों के हित और स्कूल के माहौल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
स्कूल प्रबंधन और दोनों शिक्षकों ने मीडिया को दिया गया कोई विस्तृत बयान फिलहाल नहीं दिया है। कुछ प्रबंधन सदस्यों ने कहा कि घटना की जानकारी आते ही उन्होंने आंतरिक स्तर पर तथ्यों की जाँच शुरू कर दी थी और बाहरी दखल का स्वागत करते हुए अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। वहीं कुछ शिक्षण कर्मचारी यह भी कह रहे हैं कि वीडियो की कुछ क्लिप्स को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, इसलिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मामले में कार्रवाई के निर्देश जिला कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय में की जा रही है। शिक्षा विभाग संभावित अनुशासनात्मक कदमों — जैसे निलंबन, शिकायत निवारण समितियों की स्थापना, और यदि आवश्यक हो तो पुलिस रिपोर्ट के अनुसार दंडात्मक कार्यवाही — पर विचार कर रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि विद्यालय परिसर में बच्चों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त निगरानी और निगरानी तंत्र को भी कड़ा किया जाएगा।
स्थानीय नागरिक समाज संगठन और महिला समूह प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं कि घटना की निष्पक्ष, तेज और पारदर्शी जाँच हो। कई लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों की भर्ती-परीक्षण और मध्यवर्ती निगरानी की प्रक्रियाओं की समीक्षा करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएँ न हों। ग्रामीणों ने जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की अपील की है।
वायरल वीडियो ने नवागढ़ के बोडसरा ग्राम में भय और गुस्से की स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन ने त्वरित जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, पर यह मामला तभी शांत होगा जब जाँच पारदर्शी रूप से होगी और सार्वजनिक विश्वास बहाल करने वाले कदम उठाये जाएंगे। फिलहाल पुलिस तकनीकी फोरेंसिक तथा गवाहों के बयान इकट्ठे कर रही है और शिक्षा विभाग संभावित अनुशासनात्मक निर्णय लेगा। ग्रामीण एवं अभिभावक तब तक शांत नहीं होंगे जब तक उन्हें संतोषजनक जवाब और न्याय नहीं मिलता।
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