Major Revelation During Pickup Search in Jashpur: जशपुर: जिले में सड़क निगरानी के दौरानमिली एक बड़ी नाबालिग कार्रवाई में पुलिस ने एक पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली, तो उसमें ऊपर से आम भरे दिखने वाले ढेर के नीचे छिपाकर कुल 207 किलो गांजा बरामद हुआ। मामले में ड्राइवर और सह-यात्री को हिरासत में लेकर उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और विस्तृत जांच के लिए एनडीपीएस टीम को सूचना दी गई है।
पुलिस के अनुसार, जिला मुख्यालय के पास स्थित चेकपोस्ट पर गश्त कर रहे जिला यातायात व अपराध शाखा के संयुक्त दल ने संदिग्ध रूप से चलने वाली एक पिकअप को रुकाया। वाहन के दस्तावेज और चालक के कागजात मांगे जाने पर चालक घबरा गया और असमंजस में बोलने लगा, जिससे पुलिस को संशय हुआ। वाहन की प्रारंभिक तलाशी के दौरान पिकअप के खुले बैक में बड़े-बड़े टब और पेटियों में ताज़ा आम भरे दिखे, लेकिन गंध और पैकिंग के तरीके से टीम को कुछ असामान्य लगा। जब पुलिस ने गहन तलाशी की तो आम की पेटियों के नीचे फर्श पर छिपकर रखे पैकेट मिले — जिनमें से कुल वजन मापने पर 207 किलो गांजा निकला। पुलिस ने मौके पर सारी सामग्री और वाहन जब्त कर लिए। अधिकारियों ने बताया कि गांजे को सावधानी से पैक कर निचले हिस्से में छुपाया गया था ताकि सतह पर दिखने वाला आम संदिग्धों को बचा सके।
तलाशी के बाद वाहन में मौजूद चालक व एक सह-यात्री को पुलिस ने हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी। प्रारंभिक बयान में दोनों ने अपने ठोस उत्तर नहीं दिए और वे गंतव्य व माल के स्रोत के बारे में अस्पष्ट रहे। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के पहले एनडीपीएस टीम के समक्ष पेश कर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पकड़ी गई खेप की अंतर-राज्यीय या सीमा-पार तस्करी की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रांसपोर्ट रूट, संभावित सप्लायर्स और रिसीवरों की तार की पहचान के लिए मोबाइल फोन और वाहन के दस्तावेजों की सील बंद तलाशी जारी है।
Major Revelation During Pickup Search in Jashpur
जशपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बरामदगी को नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चल रहे सतत अभियान की सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने वाहन, सीसीटीवी फुटेज और चालक के मोबाइल रिकॉर्ड के जरिए उनके हालिया संपर्कों और रूट की पड़ताल शुरू कर दी है। आगे की जांच में उन लोगों की पहचान कर ली जाएगी जो माल खरीदने या इसे आगे सप्लाई करने के इरादे से जुड़े थे। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि आम के नकली कवर का इंतजाम किसने किया और पैकिंग कहां से तैयार की गई।
पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर राहत की भावना है, क्योंकि तस्करी और नशीले पदार्थों की पहुंच से युवा पीढ़ी पर नकारात्मक असर पड़ता है। स्थानीय स्कूलों और पंचायतों के प्रतिनिधियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की और कहा कि इससे यह संदेश जाएगा कि जिले में नशे के कारोबार पर कटाक्ष नहीं किया जाएगा। सामुदायिक नेताओं ने भी पुलिस से अपील की है कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए न केवल पकड़-धकड़ हो, बल्कि नशे के रूट और नेटवर्क की जड़ तक पहुँच कर बड़े पैमाने पर छापेमारी की जाए। पुलिस ने कहा कि भविष्य में और कड़ी निगरानी, चेकपोस्ट बढ़ाना और संदिग्ध वाहनों की विशेष तलाशी जारी रहेगी।
कानून के अनुसार, पकड़े गए गांजे की मात्रा और तस्करी के इरादे के आधार पर आरोप गंभीर होंगे और संबंधित धाराओं में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। बता दें कि 207 किलो गांजा जैसी बड़ी मात्रा में तस्करी के मामलों में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को लंबी जेल सजा और भारी जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने कहा कि वे सबूतों की कड़ी श्रृंखला जुटाकर, अदालत में अभियोजन के लिए मजबूत मामला बनायेंगे ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलवाई जा सके।
जशपुर जिले में नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए जिला पुलिस ने हाल के महीनों में कई मोर्चों पर दबाव बढ़ाया है — नियमित चेकपोस्ट, ट्रैफिक दलों के साथ समन्वित गश्त, बाजारों व ठिकानों की नज़रदारी और सूचना तंत्र (हॉटलाइन) के जरिए आम जनता से मिली टिप्स पर कार्यवाही। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की सफल बरामदगी इन पहलों का प्रत्यक्ष परिणाम है और आगे भी सूचना मिलने पर उसी तरह की तेज कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध वाहनों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या होमगार्ड/चेकपोस्ट को दें। साथ ही समुदाय से गुहार की गई है कि युवा और परिवार नशे के खतरे से अवगत रहें और नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त रवैया अपनाएं। स्थानीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि लोगों की गोपनीयता रखी जाएगी और दी गई सूचनाओं पर त्वरित छानबीन की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए गांजे की लैब टेस्टिंग के जरिए नशीले पदार्थ की गुणवत्ता और स्रोत का अनुमान लगाया जाएगा और जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही मोबाइल, बैंकिंग और बाहर के संपर्कों की जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि यह खेप किस नेटवर्क से जुड़ी थी। यदि किसी बड़े नेटवर्क का पता चलता है तो जिला पुलिस दोनों-दोनों सीमाओं तक जांच का दायरा बढ़ा सकती है।
यह कार्रवाई जशपुर जिले में नशे पर कड़ी पकड़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस प्रकार की हरक़तों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता नीति जारी रहेगी ताकि जिले की युवा पीढ़ी सुरक्षित और नशे-मुक्त रहे।
यह भी पढ़ें- सीतापुर में अवैध यूरिया परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: 70 बोरी वाहन सहित जब्त








