Home राज्य कोरबा: SECL कुसमुंडा खदान में 100 टन का डंपर पलटा, ऑपरेटर गंभीर...

कोरबा: SECL कुसमुंडा खदान में 100 टन का डंपर पलटा, ऑपरेटर गंभीर घायल; मानिकपुर में तीन ट्रांसफार्मर जले

17
0
Korba: 100-tonne dumper overturns at SECL Kusmunda mine

कोरबा। जिले के एसईसीएल खदान क्षेत्र में बुधवार को दो बड़े हादसे सामने आए। कुसमुंडा खदान में मिट्टी डंपिंग के दौरान करीब 100 टन वजनी डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं मानिकपुर खदान क्षेत्र में एक कंपनी के कैंप में लगे तीन ट्रांसफार्मरों में भीषण आग लग गई, जिससे कोयला सप्लाई प्रभावित हुई।

कुसमुंडा क्षेत्र में संचालित केएनआर कंपनी में बुधवार तड़के करीब चार बजे बरपाली-खोडरी फेस में मिट्टी अनलोड की जा रही थी। इसी दौरान डंपर पीछे की ओर खिसकने लगा और असंतुलित होकर नीचे जा गिरा। खतरा भांपकर ऑपरेटर ने वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई, लेकिन गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं। घायल ऑपरेटर की पहचान दीपका के सुभाष नगर निवासी सतीश कुमार के रूप में हुई है। उसे कोसाबाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है।

हादसे के बाद खदान परिसर में कुछ देर के लिए काम रोकना पड़ा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली। डंपर को क्रेन की मदद से सीधा किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर ऑपरेटर ने समय रहते छलांग नहीं लगाई होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। हादसे का असली कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

यह इसी कंपनी में एक सप्ताह के भीतर दूसरी घटना है। इससे पहले रविवार को भी कंपनी का एक डंपर खदान में खड़ी मोटरसाइकिल के ऊपर चढ़ गया था, लेकिन उस समय बाइक पर कोई सवार नहीं था और बड़ा हादसा टल गया। बार-बार हो रही इन घटनाओं के बाद खदान में भारी वाहनों की आवाहन-प्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों का कहना है कि डंपिंग पॉइंट की मजबूती और वाहनों की नियमित जांच को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।

दूसरी घटना एसईसीएल के मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित एसीसी कंपनी के कैंप में हुई। दोपहर के समय कैंप परिसर में लगे तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते लपटें ऊंची उठने लगीं और काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया। आग की चपेट में कोई कर्मचारी नहीं आया, लेकिन कैंप में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

सूचना मिलने पर नगर सेना और एसईसीएल की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दो दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया और उसे आसपास फैलने से रोका गया। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इन्हीं ट्रांसफार्मरों से कैंप के क्रेशर को बिजली आपूर्ति होती है, जिससे कोयला कटिंग और सप्लाई का काम चलता है। आग के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई, जिससे कैंप का काम ठप पड़ गया और कोयला सप्लाई प्रभावित हुई।

प्रारंभिक आशंका ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की जताई जा रही है, हालांकि कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मानिकपुर चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली है और कंपनी प्रबंधन से आग लगने के कारणों को लेकर पूछताछ शुरू की है।

लगातार हो रहे इन हादसों ने खदान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की पोल एक बार फिर खोल दी है। मजदूर संगठनों ने प्रबंधन से वाहनों की जांच, डंपिंग पॉइंट की मरम्मत और फायर सेफ्टी इंतजाम दुरुस्त करने की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here