Ambikapur: Rape committed under the guise of faith healing: सरगुजा:अंबिकापुर (16 June 2026):सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में झाड़फूंक के नाम पर एक ढोंगी बाबा द्वारा युवती के साथ दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाइयां करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। झाँसे में लेने के लिए आरोपी ने पीड़िता को बेहतर नौकरी और रिश्ते का वादा किया था।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पीड़िता — जो स्थानीय निवासी और कॉलेज की पढ़ने वाली है — कुछ दिन पहले ही आरोपित ढोंगी बाबा के संपर्क में आई थी। आरोप है कि वह युवती के परिवार को यह भरोसा दिला कर मिला कि वह पारंपरिक तरीकों से युवती की समस्याओं का समाधान कर सकता है और साथ ही उसे नौकरी और किसी अच्छे रिश्ते का प्रबंध भी कर देगा। पीड़िता और उसके परिवार ने प्रारम्भ में उसकी कही बातों पर भरोसा किया और निर्धारित दिन पर झाड़फूंक कराने के लिए उससे मिलने गए।
घटना के समय जाँच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने झाड़फूंक के बहाने युवती को अलग स्थान पर बुलाया और वहां उसका यौन शोषण किया। पीड़िता के हिम्मत कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला उजागर हुआ। गांधीनगर थाना प्रभारी ने बताया, “शिकायत मिलते ही हम सक्रिय हुए। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और संदिग्ध के खिलाफ तुरन्त प्राथमिकी दर्ज कराई गई। हमे शुरुआती गवाहों के बयानों और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पर्याप्त सबूत मिले, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।”
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से कुछ ऐसे धार्मिक-गैरकानूनी दवा और पूजा-अर्चना की सामग्री भी बरामद हुई, जिनका इस्तेमाल वह झाड़फूंक के बहाने प्रभाव डालने के लिए करता था। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और यह देखा जा रहा है कि आरोपी की कोई और ऐसी वारदातें तो दर्ज नहीं हैं। संभवतः अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
Ambikapur: Rape committed under the guise of faith healing
पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है और स्थानीय स्वास्थ्य केन्द्र में उसे प्राथमिक सहायता और परामर्श प्रदान किया गया। जिले के महिला पुलिस कर्मचारियों और अभिभावकों के सहयोग से पीड़िता को मनोवैज्ञानिक सहारा दिया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में जल्द सशक्त मानसिक सहारा और कानूनी मार्गदर्शन बेहद आवश्यक है ताकि पीड़िता अपराध के बाद कटु अनुभव से उबर सके और न्याय प्रक्रिया में सहयोग दे सके।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया। कुछ ग्रामीणों और महिला समूहों ने कहा कि समुदाय में ऐसे ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध जागरूकता अभियान तेज किए जाने चाहिए। एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “गाँवों में अंधविश्वास का फायदा उठाकर कुछ लोग महिलाओं और युवतियों का शोषण कर रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वे ग्रामस्तर पर सूचना-प्रसार और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करें।” वे यह भी जोड़ते हैं कि युवाओं को रोजगार और सशक्तिकरण के अवसर देने से इस तरह के भरोसेमंद झाँसों का दमन किया जा सकता है।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बीच, स्थानीय प्रशासन ने कहा कि कड़े कानूनों के तहत आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, “हमें ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। अपराधियों को बेनकाब कर सख्त से सख्त दंड दिलवाने के लिए हम पूरी निर्भीकता से कार्य कर रहे हैं। साथ ही, लोगों को झूठे बाबाओं से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।”
इस तरह के मामलों में केवल दुष्कर्म का ही मामला दर्ज नहीं होता, बल्कि यदि झाँसा देकर आर्थिक या किसी अन्य लाभ का वादा कर शोषण किया गया हो तो अपराध की गंभीरता और बढ़ जाती है। एक विधि विज्ञ ने बताया, “आरोपी के खिलाफ IPC की प्रासंगिक धाराओं के साथ-साथ, यदि धोखाधड़ी का तत्व पाया जाता है तो उस पर भी अलग कार्यवाही की जा सकती है। पीड़िता के मेडिकल और फोरेंसिक सबूत मुक़दमे में निर्णायक साबित होंगे।”
स्थानीय पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं था और उसकी गतिविधियों का तार किन‑किन समुदायों या क्षेत्रों से जुड़ा हुआ था। जांच अधिकारीयों ने आश्वासन दिया है कि यदि और पीड़ित मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही समुदाय में लोगों को चौकन्ना रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ महिलाएं और युवा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें। साथ ही, रोजगार के अवसरों और सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक पहुँच सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे लोग झूठे वादों के चक्कर में न पड़ें।
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