Ambikapur: Assistant Professor at Rajmohini Girls College Arrested: सरगुजा:अंबिकापुर: अंबिकापुर के शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय में एक सहायक प्राध्यापक की घिनौनी करतूत ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। डॉ. चंद्र किशोर कौशल पर छात्रा को व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज और फोटो भेजने, मानसिक प्रताड़ना देने तथा उसकी शादी तोड़ने का गंभीर आरोप लगा।
वर्ष 2025 से आरोपी प्राध्यापक पीड़िता को लगातार व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश भेजने लगा। शुरुआत में सामान्य बातचीत के बहाने संपर्क बढ़ाया, लेकिन जल्द ही अभद्र भाषा और अश्लील फोटो भेजने शुरू कर दिए। पीड़िता ने नंबर ब्लॉक कर दिया और परिजनों व कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी।
आरोपी ने प्रताड़ना जारी रखी। 1 मई 2026 को पीड़िता की तयशुदा शादी को वर पक्ष को भ्रमित कर तुड़वा दिया। फरवरी 2026 में अपने साथियों संग मिलकर सुनसान जगह ले जाकर पीड़िता का मोबाइल छीन लिया। लगातार मानसिक दबाव से पीड़िता तंग आकर कोतवाली थाना पहुंची।
पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने IPC की धारा 354A (यौन उत्पीड़न), 506 (धमकी), 379 (चोरी) समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। आरोपी फरार हो गया और हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जो खारिज हो गई। 4 मई 2026 को न्यायालय में आत्मसमर्पण करने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच में कॉलेज प्रबंधन से जानकारी ली गई। आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड और मैसेज की जांच जारी है। पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया गया।
कॉलेज का विवादित माहौल
शासकीय राजमोहिनी कन्या महाविद्यालय सरगुजा जिले का प्रमुख महिला संस्थान है, लेकिन यह घटना कॉलेज प्रशासन की लापरवाही उजागर करती है। छात्रा ने प्रबंधन को शिकायत दी थी, फिर भी आरोपी पद पर बना रहा। स्थानीय शिक्षक संघ ने आरोपी की बर्खास्तगी की मांग की।
महाविद्यालय प्राचार्य ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच समिति गठित की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग से निर्देश का इंतजार है।
Ambikapur: Assistant Professor at Rajmohini Girls College Arrested
पीड़िता पर सामाजिक कलंक का दबाव पड़ा। शादी टूटने से परिवार टूट गया। विशेषज्ञों के अनुसार, शिक्षक-छात्रा संबंधों में ऐसी घटनाएं छात्राओं के भविष्य को बर्बाद कर देती हैं। अंबिकापुर में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
सोशल मीडिया पर #JusticeForStudent ट्रेंड कर रहा। स्थानीय संगठनों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
यह मामला POCSO एक्ट या IT एक्ट के दायरे में आ सकता है। हाईकोर्ट ने जमानत खारिज कर सख्त रुख अपनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षण संस्थानों में सख्त निगरानी, CCTV और शिकायत पोर्टल जरूरी। छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले भी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा की।
महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेने की बात कही। सरगुजा कलेक्टर ने पीड़िता से बात की। स्थानीय विधायक ने विधानसभा में मामला उठाने का ऐलान किया। समाज ने आरोपी जैसे ‘शिक्षक’ की कड़ी निंदा की।
यह घटना महिला शिक्षा के क्षेत्र में विश्वास संकट पैदा करती है। कॉलेजों में जेंडर सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग, साइबर सुरक्षा जागरूकता और त्वरित शिकायत निवारण जरूरी। पीड़िता के पुनर्वास के लिए सरकारी सहायता की मांग तेज।
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