CG: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर असर डाल रहा है। बुधवार से राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम की इस चेतावनी के चलते प्रशासन ने बड़े पैमाने पर स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। विभाग ने दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में सबसे ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
राज्य सरकार ने 12 जिलों को भारी बारिश और तेज हवाओं के लिए अलर्ट पर रखा है। बस्तर संभाग के पांच जिलों कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर, दुर्ग, बालोद, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, नारायणपुर और गरियाबंद में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
सुरक्षा को देखते हुए गुरुवार को रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, धमतरी, राजनांदगांव, कबीरधाम, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सूरजपुर और जांजगीर-चांपा के सरकारी व निजी स्कूलों में अवकाश रहेगा। रायपुर के कलेक्टर गौरव सिंह ने जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में एक दिवसीय अवकाश का आदेश जारी किया है। दुर्ग में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने 29 और 30 अक्टूबर, दोनों दिन स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। सरगुजा संभाग के सभी जिलों में भी स्कूल बंद हैं, जबकि मुंगेली में आंगनबाड़ी केंद्रों में भी छुट्टी घोषित की गई है।
प्रशासन ने निचले और बाढ़ संभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं और नगर निगम की टीमें पानी निकासी के इंतजाम में जुटी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक मौसम के कारण किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
रेल और सड़क यातायात पर भी असर देखने को मिल रहा है। कुछ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है और कई मार्गों पर बारिश के कारण गति सीमित रखी गई है। बिजली कंपनी ने आपात टीमें तैनात करते हुए लोगों से टूटे तारों से दूर रहने की अपील की है।
कृषि विभाग ने किसानों से धान को खुले में न रखने और मंडियों में सुरक्षित ढकने की सलाह दी है। बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए जरूरी निकासी के इंतजाम पहले से कर लें।
आम लोगों को सलाह दी गई है कि जरूरी काम न हो तो घर से बाहर न निकलें। खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। तेज हवा के चलते कच्चे मकानों और टिन शेड वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतें। स्कूली बच्चों को घर में ही रखें और यात्रा को अगले दिनों तक टाल दें। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर से स्थिति में सुधार होने की संभावना है। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रदेश के लिए कोई नया चेतावनी संदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि विभाग ने साफ किया है कि बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश कुछ इलाकों में जारी रह सकती है।








