छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना से वसूली जारी: 27 हजार हितग्राहियों से 9 करोड़ की वसूली : Recovery underway under Chhattisgarh governments Mahtari Vandan Yojana

Uday Diwakar
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Recovery underway under Chhattisgarh governments Mahtari Vandan Yojana: सरगुजा:​​​अंबिकापुर (19 july 2026): छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना में अपात्र हितग्राहियों से वसूली की कार्रवाई तेज हो गई है। पात्रता जांच और केवाईसी सत्यापन में जिन करीब 27 हजार हितग्राहियों को अपात्र पाया गया है, उनसे अब योजना के तहत मिली राशि वापस ली जा रही है। अब तक लगभग 9 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि करीब 8 करोड़ रुपये और वसूलने की तैयारी चल रही है।

महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और परिवार की जरूरतों में सहारा देना है। लेकिन शुरुआती जांच के बाद सामने आया कि कई ऐसे लोग भी योजना का लाभ ले रहे थे, जो निर्धारित पात्रता शर्तों पर खरे नहीं उतरते थे।

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से की गई जांच में ऐसे लाभार्थी सामने आए, जो या तो पात्र श्रेणी में नहीं आते थे, या फिर दस्तावेजी सत्यापन में उनकी स्थिति संदिग्ध पाई गई। इसके बाद विभाग ने केवाईसी और पात्रता जांच को और सख्त कर दिया। जिन हितग्राहियों को अपात्र पाया गया, उनसे पहले नोटिस देकर राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब विभाग स्तर पर जिला प्रशासन की मदद से वसूली अभियान को गति दी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में ऐसी महिलाएं भी सामने आईं, जिनके खाते में योजना की राशि लंबे समय तक जाती रही, जबकि वे योजना की शर्तों के अनुसार लाभ पाने के योग्य नहीं थीं। कुछ मामलों में परिवार की आय, सरकारी सेवा, दस्तावेजी गड़बड़ी और अन्य तकनीकी खामियां भी अपात्रता की वजह बनीं। जांच के बाद सरकार ने साफ कर दिया है कि गलत तरीके से ली गई सरकारी राशि को वापस लिया जाएगा।

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Recovery underway under Chhattisgarh governments Mahtari Vandan Yojana

वसूली की यह कार्रवाई सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे योजना की पारदर्शिता से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार का तर्क है कि जब लाभार्थियों को सार्वजनिक धन से सहायता दी जा रही है, तो उस धन का सही व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है। इसी वजह से अब अपात्रों पर सख्ती बढ़ा दी गई है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है।

राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि महतारी वंदन योजना की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी फर्जी या अपात्र दावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लाभार्थियों से राशि की रिकवरी हो रही है, उनके खिलाफ नियमों के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए वसूली की रकम आगे और बढ़ सकती है।

योजना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से दो संदेश जाते हैं। पहला, सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ हकदार लोगों तक सीमित रहेगा। दूसरा, गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों पर कार्रवाई तय है। इससे भविष्य में लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

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