Police verification to be conducted for employees of all hospitals in the state : रायपुर : 17 जुलाई 2026:छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब से प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में प्लेसमेंट पर आने वाले कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा। मंत्री ने बताया कि इससे पहले मेकाहारा और डीकेएस जैसे ऑपरेशनल एजेंसियों के कर्मियों का वेरिफिकेशन पहले ही पूरा कर लिया गया है, लेकिन अब यह प्रक्रिया सभी अस्पताल स्तरों पर विस्तारित होगी, जिसमें पहले से टेंडर होने वाले अस्पतालों में भी सत्यापन की जाएगी।
सदन में बीजेपी विधायक की मांग पर ऐलान
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने के दौरान बीजेपी विधायक ने मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर वेरिफिकेशन की मांग को उठाया। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल कर्मियों की पृष्ठभूमि की जांच सुनिश्चित करना अत्यंत जरूरी है, तभी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और अस्पताल में पारदर्शिता बढ़ाने के लिहाज़ से लिया गया है, जिसका उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति जो अस्पताल में ड्यूटी पर आ रहा हो, उसकी पृष्ठभूमि सुरक्षित और सत्यापित हो।
पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया
मंत्री ने जानकारी दी कि पहले से कार्यरत मेकाहारा और डीकेएस जैसे ऑपरेशनल एजेंसियों के कर्मियों का वेरिफिकेशन पूर्ण कर लिया गया है। अब से सभी अस्पतालों में प्लेसमेंट पर आने वाले सभी श्रेणी के कर्मचारियों— जिसमें नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल, सफाई कर्मिक, ड्राइवर्स, और अन्य सहायक कर्मिक शामिल हैं—का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। इसमें पहले से टेंडर होने वाले अस्पतालों में भी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया लागू होगी, जिससे पहले से चल रहे सौदाओं में भी सत्यापन की अनिवार्यता आएगी।
सदन में स्वास्थ्य विभाग के संचालन पर गंभीर सवाल उठाने के दौरान विधायक लता उसेंडी ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को घेरा था। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मंत्री ने सदन में बचाव करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कई सुधार पहले से किए जा रहे हैं और अब पुलिस वेरिफिकेशन की अनिवार्यता उसके अगले चरण है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है, जो भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने में मदद करेगा।
Police verification to be conducted for employees of all hospitals in the state
पुलिस वेरिफिकेशन की अनिवार्यता के प्रभाव से अस्पताल में पारदर्शिता बढ़ने की संभावना है। इससे अस्पताल में नियोक्ताओं और कर्मियों के बीच विश्वास की स्थिति मजबूत होगी, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और अस्पताल में पारदर्शिता बढ़ाने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इससे पहले से कार्यरत कर्मियों के लिए भी सत्यापन की अनिवार्यता आएगी, जिससे अस्पताल में व्यवस्था सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब से प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में प्लेसमेंट पर आने वाले कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा। इससे पहले मेकाहारा और डीकेएस जैसे ऑपरेशनल एजेंसियों के कर्मियों का वेरिफिकेशन पहले ही पूरा कर लिया गया है, लेकिन अब यह प्रक्रिया सभी अस्पताल स्तरों पर विस्तारित होगी। यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और अस्पताल में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है, जो भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने में मदद करेगा।
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