CRPF jawan commits suicide by hanging himself from a mango tree following a dispute with his wife: बलरामपुर: जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में छुट्टी पर आए एक CRPF जवान ने पत्नी से हुई पारिवारिक विवाद के बाद आम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में शोक और चिंता की लहर फैल गई है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सुबह करीब आठ बजे घरवालों ने राजपुर क्षेत्र की एक आवासीय गली में जवान की लाश पेड़ से लटकी हुई पाई। मृतक की पहचान राजाराम प्रजापति (उम्र करीब 32-35 वर्ष) के रूप में की गई है, जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में अपनी तैनाती से छुट्टी लेकर अपने गांव आया हुआ था। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि राजाराम और उनकी पत्नी के बीच पिछली रात से ही किसी बात पर तकरार चल रही थी, और आज सुबह उनकी पत्नी ने गांव वालों को सूचना दी कि पति अपमानित था तथा तनाव में था। थोड़ी देर बाद परिवार और पड़ोसियों ने बाहर जाकर देखा तो वह आम के पेड़ पर लटका मिला।
घटना के बाद परिवार और पड़ोसियों का कहना है कि राजाराम हाल के कुछ महीनों से मानसिक रूप से परेशान नजर आते थे। एक पड़ोसी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “वह छुट्टी पर घर आया था। घर में पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच झगड़े होते रहते थे। कल रात भी दोनों में बहस हुई थी।” परिजनों का कहना है कि आर्थिक दबाव और तैनाती के कारण परिवार में तनाव बना रहता था, पर वे यह नहीं जानते कि आत्महत्या तक का कदम इतना अचानक कैसे उठा लिया गया।
राजपुर थाना प्रभारी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमने परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा।”
पुलिस ने परिवारीक लोगों से कहा है कि वे किसी तरह का दबाव न बनाएं और शांति बनाए रखें। साथ ही थाने ने मामले में किसी प्रकार की हत्या के संकेत न मिलने पर भी सभी संभावनाओं को वश में रखकर अनुसंधान जारी रखा है। CRPF के स्थानीय यूनिट को भी घटना की सूचना दी गई है और आधिकारिक पुष्टि के लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है।
CRPF jawan commits suicide by hanging himself from a mango tree following a dispute with his wife
CRPF के क्षेत्रीय अधिकारियों ने स्थिति की जानकारी होने पर कहा कि वे घटना की गंभीरता को समझते हैं और आवश्यक समर्थन उपलब्ध कराएंगे। आधिकारिक बयान में कहा जा सकता है कि संगठन के मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों तथा छुट्टी के दौरान जवानों के पारिवारिक तनाव पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हालाँकि, अभी तक CRPF की ओर से मृतक की पहचान सार्वजनिक रूप से आधिकारिक रूप से जारी नहीं की गई है और न ही कोई विस्तृत टिप्पणी आई है। आधिकारिक पुष्टि मिलने पर संगठन की प्रतिक्रिया रिपोर्ट में जोड़ी जाएगी।
सशस्त्र बलों में पदस्थ लोगों को अक्सर लंबी तैनाती, तनावपूर्ण परिस्थितियाँ और परिवार से अलगाव का सामना करना पड़ता है, जिससे मनोदशा प्रभावित हो सकती है। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर परामर्श सेवाएँ, पारिवारिक समन्वय और छुट्टी के दौरान मिला सहायता नेटवर्क महत्वपूर्ण हैं। मनोवैज्ञानिकों का सुझाव है कि कम से कम स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए ताकि संदिग्ध मामलों में समय रहते हस्तक्षेप किया जा सके।
घटना की खबर फैलते ही राजपुर एवं आसपास के गांवों में मातम की माहौल बन गया। कई लोग पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए समाजिक समर्थन प्रणाली मजबूत की जाए और परिवारों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाए। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि घरेलू कलह को हल करने के स्थानीय स्तर पर पंचायत या मध्यस्थों की भूमिका को बढ़ाया जाना चाहिए।
अब मामले की जांच में शामिल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घर के अन्दरूनी घटनाक्रम, परिजनों व गवाहों के बयान और किसी भी फिजिकल या डिजिटल साक्ष्य की पड़ताल करेगी। यदि पोस्टमार्टम में आत्महत्या की पुष्टि होती है तो स्थानीय थाने द्वारा संबंधित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। वहीं यदि किसी अप्राकृतिक कारण या किसी तीसरे पक्ष की संलिप्तता के संकेत मिलते हैं, तो मामले का प्रकारान्तरण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजाराम प्रजापति की मृत्यु ने परिवार और समुदाय को झकझोर दिया है और सशस्त्र बलों में तैनात जवानों तथा उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक समर्थन के मुद्दों पर नए सिरे से प्रश्न खड़े कर दिए हैं। घटना की पूरी जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व आधिकारिक बयानों के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक किया जाएगा। इलाके के लोग प्रशासन से निष्पक्ष और शीघ्र जाँच की मांग कर रहे हैं, ताकि परिजनों को न्याय और आवश्यक सहायता मिल सके।
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