Bijapur Gang-Rape Case: छत्तीसगढ़-बीजापुर : 13 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक नाबालिग लड़की के साथ उसके परिचित ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप किया। पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेना शुरू कर दिया है। आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस छापेमारी में जुटी हुई है। यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
घटना बीजापुर शहर के बाहरी इलाके में हुई। पीड़िता 15 वर्षीय आदिवासी लड़की है, जो आरोपी विक्रम मंडावी को पहले से जानती थी। विक्रम ने उसे घरेलू काम के बहाने बुलाया और अपने तीन दोस्तों – रमेश नायक, सोहन वर्मा और कन्हैया पोयाम – के साथ मिलकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पीड़िता को बुरी तरह पीटा गया। सुबह घर लौटी तो परिवार को सारी बात बताई। परिजनों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी विक्रम पड़ोस का रहने वाला है और पीड़िता के परिवार से पुरानी पहचान थी। उसने बहाना बनाकर लड़की को अपने घर बुलाया। वहां पहले से उसके साथी मौजूद थे। उन्होंने नशे के इराके से शराब पिलाने की कोशिश की, लेकिन पीड़िता ने इनकार किया। गुस्से में आरोपियों ने उसके साथ बलात्कार किया। घटना के बाद धमकी देकर चुप रहने को कहा। पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान और कपड़ों की फटी हालत ने पुलिस को मामले की पुष्टि कर दी। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
बीजापुर एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि POCSO एक्ट और IPC की धारा 376D सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। तीन पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से सर्च ऑपरेशन में सतर्कता बरती जा रही है। आरोपी स्थानीय हैं और जंगल की आड़ ले सकते हैं। ग्राम पंचायत ने भी निंदा की है। पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी काउंसलिंग चल रही है।
Bijapur Gang-Rape Case
बीजापुर आदिवासी बहुल जिला है, जहां नक्सलवाद और गरीबी ने सामाजिक संरचना को कमजोर किया है। स्थानीय महिलाएं संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। “बेटी बचाओ, हैवान फांसी दो” के नारे लगे। महिला आयोग की टीम जांच के लिए रवाना हो रही है। पिछले साल बीजापुर में इसी तरह के 12 मामले दर्ज हुए थे, लेकिन सजा कम मिली। नक्सली इलाकों में पुलिस पहुंच मुश्किल होती है।
जिला कलेक्टर ने बैठक बुलाकर सुरक्षा उपायों पर चर्चा की। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। स्थानीय विधायक ने सदन में मामला उठाया और फास्ट ट्रैक कोर्ट से सजा की मांग की। पीड़िता का परिवार डर में जी रहा है, उन्हें सुरक्षा दी गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गए, जिससे जनाक्रोश बढ़ा। पुलिस ने अफवाहों पर रोक लगाने को कहा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने नक्सल क्षेत्रों में महिला पुलिस थानों की संख्या बढ़ाने का ऐलान किया। NGO ‘महिला सुरक्षा मंच’ ने सर्वे शुरू किया। ग्रामीण इलाकों में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग जरूरी। शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से ही ऐसी घटनाएं रुकेंगी। बीजापुर SP ने 48 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “परिचितों का विश्वासघात सबसे घातक। लड़कियों को सतर्क रहना होगा।” पुलिस अब आरोपी के मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रही। यदि नक्सली कनेक्शन मिला तो मामला और जटिल हो सकता है। यह घटना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए警钟 है। कानून अपना काम करेगा, न्याय मिलेगा। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता। पीड़िता का हौसला प्रशंसनीय, समाज को इससे सीखना होगा।
यह भी पढ़ें- सूरजपुर बाल श्रम शर्मसार: भट्ठों पर स्कूल ड्रेस में मासूमों का शोषण!








