Ambikapur-Pratappur Road: Horrific Truck-Car Collision: सरगुजा:अंबिकापुर,6 अप्रैल 2026। अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार ट्रक और कार की आमने-सामने टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
घटना सोमवार सुबह करीब 4 बजे अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर ग्राम पंचायत क्षेत्र के पास हुई। अंबिकापुर से प्रतापपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार अचानक सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार के परखे उड़ गए और वह सड़क किनारे पलट गई। ट्रक चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार के आगे सब नाकाम रहा। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने चीख-पुकार मचाई और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
ट्रक में माल लादकर प्रतापपुर से अंबिकापुर आ रहा था, जबकि कार में चार युवक सवार थे। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, ट्रक चालक की लापरवाही और अंधेरे में कम विजिबिलिटी मुख्य कारण बने। कार के परखच्चे बिखर गए, जिससे शव निकालना मुश्किल हो गया। घायल युवक को गंभीर चोटें आईं, जिसमें सिर और छाती पर गहरे घाव शामिल हैं।
मृतकों में कार सवार तीन युवक शामिल हैं – रमेश सिंह (28), गोविंद पटेल (25) और संतोष यादव (30), जो प्रतापपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। ये लोग रिश्तेदारी में अंबिकापुर से लौट रहे थे। घायल युवक का नाम राहुल वर्मा (22) है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे उसके लिए महत्वपूर्ण हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिवारजन मौके पर पहुंचे और शव देखकर फूट-फूटकर रोने लगे। मृतकों के परिजनों ने ट्रक चालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। ट्रक चालक मौके से फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।
ट्रैफिक पुलिस ने मार्ग पर अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। डीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की सहायता राशि देने का ऐलान किया।
Ambikapur-Pratappur Road: Horrific Truck-Car Collision
अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर बीते एक साल में 15 से अधिक हादसे हो चुके हैं। अधिकांश मामलों में तेज रफ्तार और अंधेरे में ड्राइविंग मुख्य वजह रही। संकरे मोड़, खराब लाइटिंग और भारी वाहनों का आवागमन खतरा बढ़ाते हैं। स्थानीय निवासियों ने स्पीड ब्रेकर, बेहतर साइनेज और स्ट्रीट लाइट की मांग की है। जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया है।
एनएचएआई ने भी जांच टीम भेजी है। कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और डिवाइडर लगाने से हादसे कम हो सकते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मृतक रमेश सिंह किसान थे, जिनके दो बच्चे हैं। गोविंद की शादी को महज छह माह हुए थे। संतोष परिवार का इकलौता कमाने वाला था। परिवार बर्बाद हो गए। घायल राहुल के पिता ने अपील की कि न्याय मिले। इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
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