Khelo India Tribal Games Ambikapur 2026: सरगुजा:अंबिकापुर,4 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ की धरती पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ने इतिहास रच दिया। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित मल्लखंभ प्रतियोगिता का शानदार समापन हो गया। छत्तीसगढ़ की टीम ने बालक और बालिका दोनों वर्गों में चैंपियन का खिताब जीतकर परचम लहराया। 14 से अधिक राज्यों के सैकड़ों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, लेकिन स्थानीय प्रतिभाओं ने सबको पीछे छोड़ दिया।
यह आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चला, जिसमें रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे शहरों में विभिन्न पारंपरिक खेल हुए। मल्लखंभ इवेंट का केंद्र रहा अंबिकापुर, जहां पोल मल्लखंभ, रोप मल्लखंभ और हैंगिंग मल्लखंभ जैसे डेमो खेलों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उद्घाटन 1 अप्रैल को भव्य रूप से हुआ, जिसमें खिलाड़ियों के अद्भुत संतुलन और ताकत का प्रदर्शन देखने लायक था। आयोजन का उद्देश्य जनजातीय युवाओं को पारंपरिक खेलों से जोड़ना और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिभा को चमकाना था।
छत्तीसगढ़ की पुरुष टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, 124.35 अंकों के साथ। बालक वर्ग में राकेश कुमार वरदा जैसे सितारों ने रजत और कांस्य पदक जीते। बालिका वर्ग में भी टीम ने दबदबा बनाए रखा, जहां मोनिका पोटाई, सरिता पोयाम और संतय पोटाई जैसी खिलाड़ियों ने 80.1 अंकों से चैंपियनशिप सुनिश्चित की। कोच मनोज प्रसाद और तकनीकी अधिकारी डॉ. राजकुमार शर्मा की मेहनत रंग लाई। यह जीत राज्य के मल्लखंभ संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद शुक्ला के नेतृत्व में आई।
मुख्यमंत्री ने विजेताओं को बधाई दी, कहा कि यह जनजातीय खेलों के लिए मील का पत्थर है। खेल मंत्री ने भी ट्वीट कर शुभकामनाएं दीं। स्थानीय विधायक और जिला कलेक्टर ने स्टेडियम में पहुंचकर पदक वितरण किया। दर्शकों में उत्साह चरम पर था, खासकर जब अंतिम राउंड में छत्तीसगढ़ ने अन्य राज्यों को पछाड़ा।
Khelo India Tribal Games Ambikapur 2026
मल्लखंभ महाराष्ट्र का प्राचीन खेल है, जो लचीलापन, शक्ति और एकाग्रता का प्रतीक है। पोल पर चढ़कर जटिल करतब दिखाने वाले खिलाड़ी दर्शकों के हीरो बने। अंबिकापुर में 144 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। आयोजन ने आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दिया, क्योंकि सरगुजा क्षेत्र जनजातीय बहुल है। भविष्य में ऐसे इवेंट बढ़ाने की योजना है।
यह जीत छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रेरित करेगी। राज्य सरकार खेलो इंडिया के तहत कोचिंग सेंटर खोलेगी। विजेताओं को नौकरी और पुरस्कार मिलेंगे। अंबिकापुर अब ट्राइबल गेम्स का हब बनेगा। कुल मिलाकर, यह आयोजन खेल, संस्कृति और एकता का उत्सव था।
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