Corruption in the Nakna scheme in Mainpat: सरगुजा:अंबिकापुर।मैनपाट: सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखण्ड अंतर्गत नकना व्यपवर्तन योजना में कथित वित्तीय अनियमितता एवं बिना वास्तविक निर्माण कार्य के राशि भुगतान के मामले में अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रकरण संदिग्ध होता जा रहा है।
इस संबंध में सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य इंजीनियर अमित कुमार मिंज द्वारा पुनः स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि पूर्व में की गई जांच प्रक्रिया अपूर्ण एवं एकतरफा प्रतीत होती है, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
समिति ने यह भी गंभीर सवाल उठाया है कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता उपस्थित क्यों नहीं हुए और उनकी अनुपस्थिति के बावजूद जांच को पूर्ण कैसे मान लिया गया। साथ ही शिकायतकर्ता की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस ठेकेदार द्वारा कार्य कराया जाना था, उसके विरुद्ध आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बिना कार्य के भुगतान जैसे गंभीर मामले में ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
समिति ने मांग की है कि एक स्वतंत्र नई जांच टीम गठित कर स्थल का भौतिक सत्यापन कराया जाए, गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं, पंचनामा तैयार किया जाए तथा शिकायतकर्ता, ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Corruption in the Nakna scheme in Mainpat
समिति ने आगे बताया कि प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच के दौरान आरटीआई से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। समिति के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी से जुड़े विभिन्न मामलों एवं तथ्यों का संकलन किया जा रहा है, जिनसे संबंधित लगभग सैकड़ों महत्वपूर्ण खुलासे सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति द्वारा शीघ्र ही सार्वजनिक किए जाएंगे।
समिति ने कहा है कि यह मामला जनहित एवं शासकीय धन से जुड़ा है, इसलिए पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है, अन्यथा जनहित में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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