रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में गुरुवार को रायपुर जिले के प्रकरणों की जनसुनवाई हुई। आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता और सदस्य ओजस्वी मंडावी की उपस्थिति में कुल 47 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 30 पर सुनवाई की गई और 10 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए। शेष प्रकरणों की सुनवाई आगामी बैठकों में होगी। आयोग ने संवेदनशील मामलों में संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बैंक प्रकरण में आवेदिका के पक्ष में आया बयान
जनसुनवाई का सबसे चर्चित मामला बैंक से जुड़ा रहा। इस प्रकरण में आवेदिका के पक्ष के समर्थन में बैंक की महिला अधिकारी ने अपना बयान दर्ज कराया। आयोग ने अनावेदक पक्ष को शिकायत का जवाब तथा संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। साथ ही आगामी सुनवाई में बैंक की आंतरिक शिकायत समिति से जुड़े अभिलेखों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस मामले को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभाव या उत्पीड़न की शिकायतों की गंभीरता से जांच होगी।
संपत्ति और होटल कारोबार का मामला भी सुना गया
संपत्ति के बंटवारे और स्वर्गीय पति के होटल व्यवसाय में हिस्सेदारी से जुड़े प्रकरण में आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर उनके कथन दर्ज किए। मामले को आगे की सुनवाई के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसी तरह घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना से जुड़े एक अन्य प्रकरण में संबंधित थाने को उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
दिव्यांग आवेदिका को नौकरी और वेतन पर निर्देश
दिव्यांग आवेदिका से जुड़े प्रकरण में आयोग ने उन्हें काम पर रखने और वेतन भुगतान के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र भेजने को भी कहा गया। आयोग ने यह भी कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नाबालिग की सुरक्षा पर संज्ञान
नाबालिग बच्ची की सुरक्षा से जुड़ी शिकायत पर आयोग ने बाल संरक्षण आयोग को पत्र भेजने का निर्णय लिया। साथ ही संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध उचित कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को निर्देशित करने की बात कही गई। आयोग ने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े मामलों में शीघ्र सुनवाई और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
जनसुनवाई में रायपुर संभाग प्रभारी मंजू थदानी, महिला थाना प्रभारी श्री मौर्य, डीएसपी स्नेहा आकाश राव, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर नीति सिंह, प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रीति पाण्डेय तथा आयोग कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोग ने आवेदिकाओं को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया और कई प्रकरणों में आदेश-शीट तथा नोट-शीट की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। अधिकारियों ने बताया कि लंबित प्रकरणों की अगली सुनवाई की तिथियां शीघ्र घोषित की जाएंगी।








