WhatsApp ने यूजरनेम फीचर लॉन्च किया—मोबाइल नंबर के बिना भी चैट संभव, 29 जून से रिजर्वेशन शुरू; रोलआउट धीरे-धीरे : WhatsApp has launched a username feature

Uday Diwakar
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WhatsApp has launched a username feature: सरगुजा:​​​अंबिकापुर (30 June 2026): मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने नया यूजरनेम फीचर लॉन्च करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। कंपनी का दावा है कि इस फीचर के जरिए उपयोगकर्ता अब अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी दूसरों से चैट कर पाएंगे, जिससे प्राइवेसी बढ़ेगी और उपयोगकर्ताओं को अधिक नियंत्रण मिलेगा कि वे किसके साथ अपनी संपर्क जानकारियाँ साझा करते हैं। WhatsApp ने 29 जून से वैश्विक स्तर पर यूजरनेम रिजर्वेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि यह सुविधा सभी उपयोगकर्ताओं को एक साथ उपलब्ध नहीं कराई जाएगी और अगले कुछ महीनों में धीरे-धीरे रोल आउट की जाएगी।

क्या है नया यूजरनेम फीचर?


कंपनी के मुताबिक यूजरनेम एक सार्वजनिक पहचान होगी जिसे यूजर अपने अकाउंट सेटिंग्स में बनाएगा। यूजरनेम को अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ शेयर करके वे सीधे चैट शुरू कर सकते हैं बिना अपना फ़ोन नंबर बताए। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जो अपने नंबर को निजी रखना चाहते हैं—जैसे व्यवसायिक प्रोफाइल, कंटेंट क्रिएटर, वेब-आधारित संपर्क, या ऐसे यूजर जो अनजान व्यक्तियों से बातचीत करना चाहते हैं बिना नंबर साझा किए। यूजर सेट कर सकेंगे कि कौन उन्हें यूजरनेम के जरिए खोज सकता है—सभी, संपर्क सूची, या कोई नहीं।

प्राइवेसी और सुरक्षा पर कंपनी के दावे


WhatsApp ने यह भी जोर दिया है कि नया यूजरनेम फीचर उनकी गोपनीयता व सुरक्षा नीति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने फिर से स्पष्ट किया कि end-to-end एन्क्रिप्शन वही बना रहेगा, यानी यूजर के संदेशों को तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यूजरनेम का उपयोग करने पर भी संदेशों का अंत- एन्क्रिप्शन लागू होगा और उपयोगकर्ता का फोन नंबर तभी सामने आएगा जब वह खुद उसे साझा करेगा या वह व्यक्ति पहले से उसके संपर्क में हो।

किस तरह रिजर्व करेंगे यूजरनेम


WhatsApp ने यूजरनेम रिजर्वेशन प्रक्रिया 29 जून से शुरू कर दी है। उपयोगकर्ता अपने ऐप के अकाउंट सेक्शन में जाकर उपलब्ध यूजरनेम देख सकेंगे और इसे रिजर्व करने का अनुरोध कर सकेंगे। कंपनी ने यह चेतावनी भी दी है कि लोकप्रिय या सामान्य नाम पहले आओ पहले पाओ के आधार पर जल्दी खत्म हो सकते हैं, इसलिए जल्दी रिजर्व कर लेना बेहतर होगा। फिलहाल यह सुविधा कुछ देशों और उपयोगकर्ताओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही है और वैश्विक रोलआउट आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से होगा।

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विशेष रूप से व्यवसायिक अकाउंट, कंटेंट क्रिएटर, ग्राहक सेवा हैंडल्स और सार्वजनिक व्यक्तित्व वाले उपयोगकर्ता इससे लाभान्वित हो सकते हैं। छोटे व्यवसाय और लोकल सर्विस प्रोवाइडर बिना नंबर साझा किए ग्राहकों से संपर्क कर सकेंगे। वहीं प्रभावित उपयोगकर्ताओं के लिए यह सुविधा कुछ नई चुनौतियाँ भी लाएगी—जैसे गलत यूजरनेम के घोटाले, impersonation (नक़ल) के प्रयास, और अनजान लोगों के जरिए स्पैम। कंपनी ने इन जोखिमों को कम करने के लिए रिपोर्टिंग टूल्स और पहचान सत्यापन के विकल्पों पर काम करने का संकेत दिया है।


WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि यह नई सुविधा तुरंत सभी उपयोगकर्ताओं को नहीं मिलेगी। कंपनी ने एक संकेत दिया है कि कुछ उपयोगकर्ताओं को पहले बैच में आमंत्रित किया जाएगा और बाकी उपयोगकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा। यह कदम ऐप के सर्वर और सुरक्षा प्रणाली में समेकन के साथ-साथ संभावित दुरुपयोग की निगरानी को ध्यान में रखकर लिया गया है। कंपनी ने बताया कि अगले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर यह फीचर व्यापक रूप से उपलब्ध होगा, और उपयोगकर्ताओं को ऐप अपडेट के जरिए इसकी सूचना मिलेगी।

WhatsApp has launched a username feature


WhatsApp यूजर को कई नियंत्रण देगा — किसे उन्हें यूजरनेम से खोजने की अनुमति है, कौन उनसे बिना नंबर के संपर्क कर सकता है, और यदि कोई यूजरउन्हें असुविधाजनक संदेश भेजता है तो उसे ब्लॉक/रिपोर्ट कर सकेंगे। कंपनी ने कहा है कि वे यूजरनेम के दुरुपयोग पर नजर रखने के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम और मैनुअल मॉनिटरिंग दोनों का उपयोग करेंगे। साथ ही, अगर कोई यूजर अपनी पहचान छुपाकर गलत व्यवहार करता है तो उस पर नकेल भी कसी जाएगी।

मोबाइल नंबर छुपाने का विकल्प उपयोगकर्ताओं की निजता के लिए अच्छा कदम है, पर इसे लागू करने में पारदर्शिता और मजबूत पहचान सुरक्षा जरूरी है। कुछ गोपनीयता समूहों ने सुझाव दिया है कि WhatsApp को यूजरनेम के साथ अतिरिक्त सत्यापन विकल्प भी देना चाहिए—जैसे बिज़नेस वेरिफिकेशन या बायोमेट्रिक लिंक—ताकि नक़ल और घोटालों की संभावनाएँ कम हों। वहीं सुरक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि प्लेटफॉर्म्स पर नए पहचान प्रणालियों के साथ नए प्रकार के धोखे और targeted spam भी बढ़ सकते हैं, इसलिए कंपनी को मजबूती से मॉनिटरिंग और यूजर एजुकेशन पर ध्यान देना होगा।


WhatsApp का यह कदम मैसेंजर बाजार में प्रमुख परिवर्तन ला सकता है। कई प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म पहले से ही यूजरनेम या अलग पहचान विकल्प देते हैं, पर WhatsApp का वैश्विक पैमाना इसे जल्दी लोकप्रिय बना सकता है। व्यापारियों और क्रिएटर्स के लिए यह नए प्रकार के कनेक्शन चैनल खोल सकता है। वहीं पारंपरिक फ़ोन-नंबर आधारित संदर्भ के बदलने से कुछ सेवाओं को अपने वेरिफिकेशन और ग्राहक पहचान प्रक्रियाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।


WhatsApp का यूजरनेम फीचर उपयोगकर्ताओं को अधिक प्राइवेसी और फ्लेक्सिबिलिटी देने का प्रयास है। 29 जून से शुरु हुई रिजर्वेशन प्रक्रिया और चरणबद्ध रोलआउट के साथ यह फीचर आने वाले महीनों में व्यापक रूप से दिखेगा। हालांकि सुरक्षा, पहचान सत्यापन और दुरुपयोग रोकने के उपायों पर कंपनी की नीति और व्यवहार यह तय करेगा कि यह विकल्प उपयोगकर्ताओं के लिए कितना सुरक्षित और उपयोगी साबित होता है। आधिकारिक ऐप अपडेट और कंपनी के विस्तृत दिशानिर्देश आने पर उपयोगकर्ताओं को और स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

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