Uproar in Baikunthpur over the suicide of a 17 year old female student: कोरिया: 09 july 2026: बैकुंठपुर में 17 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के बाद शहर में भड़का आक्रोश। परिजनों और स्थानीय युवाओं ने IC मार्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए और आरोपियों को फाँसी देने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी। क्षेत्रीय विधायक भैयालाल राजवाड़े भी घटनास्थल पर पहुंचे और सिटी कोतवाली में पुलिस अधिकारियों से तत्काल अपराध दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर में पुलिस लाइन क्षेत्र में रहने वाले आरक्षक शिवनाथ सिंह पैकरा की 17 वर्षीय बेटी रितु सिंह आत्मानंद एक स्थानीय स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। मंगलवार को वह अपनी छोटी बहन के साथ सामान खरीदने के लिए संजय चौक स्थित IC मार्ट (सुपर मार्केट) गई थी। दोपहर करीब 2 बजे जब छात्रा की मां बस से बैकुंठपुर पहुंची और पिता उन्हें लेने बस स्टैंड गए हुए थे, इस दौरान छात्रा ने घर में फांसी लगा ली।
पुलिस और परिजन जब घर पहुंचे तो रितु सिंह का शव फांसी पर झूलता मिला। छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें उसने लिखा – “मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना, मेरी वजह से आप लोगों को बदनामी झेलनी पड़ रही है”।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले IC मार्ट के संचालक ने छात्रा और उसकी बहन पर कॉस्मेटिक सामान की चोरी करने का झूठा आरोप लगाया था। मार्ट प्रबंधन ने जबरन लिखित कबूलनामा लिया, छात्रा की स्कूटी जब्त कर ली और मोटी रकम की मांग की। परिजनों का कहना है कि चोरी के आरोप, ब्लैकमेलिंग और वसूली के दबाव से छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान थी, जिसके कारण वह आत्मघाती कदम उठा गई।
पुलिस ने मामला सामने आने के बाद IC मार्ट को सील कर दिया है और जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। एफएसएल टीम दुकान पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामला चर्चा में आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई। बुधवार दोपहर से परिजनों और स्थानीय युवाओं ने IC मार्ट प्रबंधन और संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। लोग संजय चौक और अन्य प्रमुख माइल पर उतरे और सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने “अच्छे दिन नहीं, फाँसी चाहिए”, “मानसिक प्रताड़ना पर सख्त कार्रवाई” जैसे नारे बुलंद किए। सड़क जाम के कारण शहर में वाहन आवागमन प्रभावित हुआ और कुछ समय तक भीड़-भाड़ बढ़ गई।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का मुख्य आरोप है कि मार्ट प्रबंधन ने छात्रा पर झूठा आरोप लगाकर उसका अपमान किया और उसके परिवार को बदनामी के गहरे संकट में डाल दिया। कई लोग मानसिक तनाव और ब्लैकमेलिंग को आत्महत्या का प्रमुख कारण बता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मार्ट प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन के बीच अपने संबंधों का गलत फायदा उठाकर छात्रा को चोरी के आरोप में फंसाने का काम किया, हालांकि यह पहलू पुलिस जांच में साफ होगा।
विधायक भैयालाल राजवाड़े का थाना पहुंचना
मामले के बढ़ते संकट को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक भैयालाल राजवाड़े भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय परिजनों और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके दर्द को समझने की कोशिश की। इसके बाद विधायक सीधे सिटी कोतवाली पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से तत्काल अपराध दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी। विधायक ने कहा कि अगर छात्रा की मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की पुष्टि होती है, तो मार्ट संचालक और संबंधित लोगों को गंभीर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने पुलिस को मामले की गहन जांच का निर्देश भी दिया और कहा कि प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए बच्चों और छात्राओं की सुरक्षा को बढ़ावरनी होना चाहिए।
विधायक के थाना आने के बाद प्रदर्शन में कुछ शांति आई और लोगों ने सड़क जाम धीरे-धीरे हटाने की बात कही। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं करती और मार्ट प्रबंधन को सख्त कार्रवाई का संकेत नहीं मिलता, तब तक आक्रोश बना रहेगा।
Uproar in Baikunthpur over the suicide of a 17 year old female student
बैकुंठपुर थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तैनाती और तौर-तरीका बदलकर मार्ट को सील कर दिया है। मामले की जांच को एफएसएल तकनीकी टीम तक बढ़ाया गया है, जो सीसीटीवी फुटेज, मार्ट के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का है, लेकिन छात्रा के सुसाइड नोट में दर्ज आरोपों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि किन परिस्थितियों ने छात्रा को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया। यदि मार्ट संचालक द्वारा चोरी का झूठा आरोप लगाने, ब्लैकमेल करने और वसूली करने के आरोपों में सचिपा पाया जाता है, तो उन पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई संभव है।
इस घटना ने छात्रापरिवार और समाज के बीच मानसिक स्वास्थ्य, ब्लैकमेलिंग और छात्र सुरक्षा के मुद्दों को भी उछाल दिया है। कई स्थानीय शिक्षक और सामाजिक संघर्षकारियों ने कहा है कि बच्चों और छात्राओं पर बिना ठोस सबूत के चोरी जैसा आरोप लगाना, उन्हें मानसिक तनाव में डाल सकता है और ऐसे मामलों में विद्यालय और व्यापारिक प्रबंधन को संवेदनशीलता बढ़ानी चाहिए। इस घटना के बाद कई लोग मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों और छात्र सहायता समितियों के जरिए छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक सहायता के महत्व को उजागर करने की बात कर रहे हैं।
छात्रा की आत्महत्या के मामले ने पकड़ा तूल, और शहर में भड़का आक्रोश। विधायक भैयालाल राजवाड़े के थाना पहुंचने और पुलिस की सख्त कार्रवाई की चेतावनी के बाद मामला स्थानीय चर्चा में बना हुआ है। जब तक पुलिस जांच रिपोर्ट और मार्ट संचालक के खिलाफ ठोस कदम नहीं आते, तब तक परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश बना रहेगा और सुरक्षा, मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के मुद्दों पर समाज में गहरी चर्चा होती रहेगी।
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