Ambikapur: Municipal Corporation Issues 7-Day Ultimatum to Those Obstructing Water Flow on Ram Mandir Road: सरगुजा:अंबिकापुर: 16 अप्रैल 2026: अंबिकापुर शहर में जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने और पर्यावरण संतुलन की रक्षा के लिए नगर पालिक निगम ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। राममंदिर रोड पर एक व्यक्ति द्वारा प्राकृतिक जल प्रवाह को अवैध रूप से बाधित करने के मामले में निगम आयुक्त ने नोटिस जारी कर सात दिनों के अंदर मिट्टी हटाने का आदेश दिया है। निगम ने चेतावनी दी है कि समयसीमा का पालन न होने पर बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा।
राममंदिर रोड अंबिकापुर का प्रमुख क्षेत्र है, जहां हाल के वर्षों में व्यावसायिक और आवासीय विकास तेजी से हुआ है। स्थानीय निवासियों की शिकायत थी कि एक व्यक्ति ने अपनी निजी जमीन पर भारी मात्रा में मिट्टी भराई कर प्राकृतिक नाले का रास्ता बंद कर दिया। इससे आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ गई, खासकर मानसून के दौरान। निगम की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध भराई की पुष्टि की और तत्काल नोटिस जारी किया।
नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह कार्य पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और नगर निगम नियमों का उल्लंघन है। आयुक्त ने आदेश दिया कि सात दिनों में मिट्टी हटाकर मूल जल प्रवाह बहाल किया जाए, साथ ही जुर्माना भी जमा करना होगा। निगम ने ड्रोन सर्वे के जरिए प्रभावित क्षेत्र का नक्शा तैयार किया है।

अंबिकापुर जैसे वनांचल शहर में जल निकासी की समस्या पुरानी है। राममंदिर रोड पर यह अवैध भराई न केवल स्थानीय जल संचयन को प्रभावित कर रही थी, बल्कि आसपास के 50 से अधिक घरों को खतरा पैदा कर रही थी। निवासी रामेश्वर सिंह ने बताया, “हर बरसात में पानी घरों में घुस जाता था। नाला बंद होने से सड़क पर जलजमाव हो जाता है।” इसी तरह व्यापारी संघ ने भी निगम से त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।
शहर में पिछले वर्ष 2025 की भारी बारिश के दौरान इसी इलाके में जलमग्नता की घटना घटी थी, जिसमें करोड़ों का नुकसान हुआ। निगम का मानना है कि ऐसी अवैध भराइयां जलवायु परिवर्तन के दौर में और खतरनाक साबित हो रही हैं।
यह कार्रवाई निगम की ‘जल संरक्षण और अवैध कब्जा हटाओ’ मुहिम का हिस्सा है। आयुक्त ने घोषणा की कि शहर के सभी प्रमुख नालों और जलमार्गों का सत्यापन किया जाएगा। पिछले एक माह में 15 ऐसे मामलों पर नोटिस जारी हो चुके हैं। निगम ने जीआईएस मैपिंग से सभी प्राकृतिक जल स्रोतों को चिह्नित किया है।
पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर निगम ने विशेष टीम गठित की है। बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की तैयारी पूरी है। जुर्माने की राशि 50 हजार से 5 लाख तक हो सकती है, साथ ही आपराधिक मामला भी दर्ज होगा। निगम ने जन जागरूकता के लिए पंपलेट बांटना शुरू कर दिया है।
Ambikapur: Municipal Corporation Issues 7-Day Ultimatum to Those Obstructing Water Flow on Ram Mandir Road
छत्तीसगढ़ सरकार ने 2024 में ‘शहरी जल प्रबंधन नीति’ लागू की, जिसमें अवैध जल बाधाओं पर जीरो टॉलरेंस का प्रावधान है। अंबिकापुर निगम ने इस साल 20 लाख रुपये का बजट जल निकासी सुधार के लिए आवंटित किया। राममंदिर रोड पर सड़क चौड़ीकरण योजना भी इसी जल निकासी को ध्यान में रखकर चल रही है।
स्थानीय पार्षद ने कहा, “निगम का यह कदम सराहनीय है। लोग अक्सर निजी लाभ के लिए सार्वजनिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाते हैं।” हालांकि, कुछ निवासियों का आरोप है कि बड़े बिल्डरों पर कार्रवाई कम हो रही है। निगम ने स्पष्ट किया कि कोई भेदभाव नहीं होगा।
प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित होने से भूजल स्तर गिरता है और बाढ़ का खतरा बढ़ता है। अंबिकापुर में 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए जल संरक्षण यहां जीवनरेखा है। ऐसी भराइयों से मिट्टी का कटाव बढ़ता है। निगम ने पर्यावरण विभाग से भी सहयोग मांगा है।
सात दिन बाद अगर मिट्टी नहीं हटी तो निगम बुलडोजर चला सकता है। यह शहर के लिए मिसाल बनेगा। निगम ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज की जा सकती है। स्थानीय लोगों ने निगम के इस कदम का स्वागत किया है।
यह घटना दर्शाती है कि शहरी विकास और पर्यावरण संतुलन में संतुलन जरूरी है। अंबिकापुर प्रशासन अब मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही राममंदिर रोड पर जल प्रवाह सुचारू हो जाएगा।
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