अंबिकापुर: महामाया मंदिर के प्रसाद मोतीचूर लड्डू सरकारी जांच में फेल; एस्पार्टेम व सनसेट येलो मात्रा अधिक ,खाद्य विभाग करेगा सख्त कार्रवाई : Ambikapur: Motichoor laddoos offered as prasad at Mahamaya Temple failed government quality tests

Uday Diwakar
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Ambikapur: Motichoor laddoos offered as prasad at Mahamaya Temple failed government quality tests: सरगुजा:​​​अंबिकापुर (10 july 2026): शहर के प्रतिष्ठित मां महामाया मंदिर के सामने स्थित एक दुकान पर बिकने वाले मोतीचूर लड्डू सरकारी लैब की जांच में फेल हुए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लिए गए सैंपल की रायपुर स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में की गई जांच में रिपोर्ट आया है कि इन लड्डू में एस्पार्टेम और सनसेट येलो नामक पदार्थों की मात्रा तय मानकों से कहीं अधिक है। इस पर खाद्य विभाग ने दुकान संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और आगे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

प्रसाद की जांच कैसे हुई?

महामाया मंदिर के प्रसाद के रूप में वितरित होने वाले लड्डू की खरीद और गुणवत्ता पर भक्तों व स्थानीय लोगों की आस्था होती है। ऐसे में मंदिर के सामने बिकने वाले लड्डू में संभावित मिलावट की शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। विभाग के अधिकारियों ने मंदिर के प्रवेश गेट के पास ही दुकान पर मौजूद लड्डू के नमूने सील कराकर लैब में भेज दिए। जांच प्रक्रिया के दौरान बॉक्स-सीलिंग, स्टोरेज, और निर्माण की परिस्थितियों का भी निरीक्षण किया गया।

लैब रिपोर्ट में सामने आया कि लड्डू में मीठा पदार्थ एस्पार्टेम की मात्रा अनुमति सीमा से काफी अधिक है। इसके साथ ही रंगदाहक पदार्थ सनसेट येलो की उपस्थिति भी निर्धारित मानक से अधिक पाई गई। भोजन में एस्पार्टेम और सनसेट येलो का उपयोग कीमत और स्वाद बढ़ाने व रंग देने के लिए किया जाता है, लेकिन नियत सीमा से अधिक होने पर ये स्वास्थ्य के लिए जोखिम बन सकते हैं। खाद्य विभाग के अनुसार, अधिक एस्पार्टेम लंबे समय में नेत्र संबंधी, हार्मोनल और अन्य समस्या पैदा कर सकता है। सनसेट येलो की अधिक मात्रा एलर्जी, पाचन संबंधी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लैब रिपोर्ट अवमानक पाए जाने के बाद दुकान संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगे की जांच में यदि यह साबित होता है कि लड्डू में जानबूझकर या बार-बार मानक से अधिक मात्रा में पदार्थ डाला गया है, तो सख्त कार्रवाई केउपयोग किए जाने की संभावना है। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और आवश्यकता पड़ने पर मामला पुलिस के हवाले करके अदालत में भी भेजने की प्रक्रिया शामिल हो सकती है।

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विभाग ने मंदिर के आस-पास के अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी बढ़ाई है। अधिकारियों ने कहा कि भव्य धार्मिक स्थलों के सामने बिकने वाले प्रसाद और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अगर किसी भी प्रतिष्ठान में खराब या मिलावटयुक्त सामग्री पाई जाती है तो एक-एक मामला कड़ी से कार्रवाई का हिस्सा होगा। साथ ही उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया गया है कि वे किसी भी प्रसाद या खाद्य सामग्री को खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग, स्टिकर, और निर्मात दुकान की जानकारी जरूर देखें।

Ambikapur: Motichoor laddoos offered as prasad at Mahamaya Temple failed government quality tests

महामाया मंदिर अंबिकापुर का एक प्रमुख धार्मिक केन्द्र है और यहाँ भक्तों की आस्था अत्यंत गहरी है। प्रसाद के लड्डू में मिलावट का मामला सामने आने से स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हुई है। भक्तों ने कहा कि वे प्रसाद के रूप में लड्डू का उपयोग करते हैं और इसमें कोई भी प्रकार की मिलावट उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ समान है। कई लोग ने कहा कि उन्हें अब प्रसाद की गुणवत्ता पर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

स्थानीय लोग ने खाद्य विभाग की कार्रवाई को सही और आवश्यक करार दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के आस-पास खाद्य प्रतिष्ठानों पर और अधिक सख्त निगरानी होना चाहिए ताकि भक्तों को शुद्ध और सुरक्षित प्रसाद मिल सके। मंदिर के कुछ अधिकारियों ने भी कहा कि वे विभाग के साथ संपर्क में हैं और यदि आवश्यकता हो तो आगे भी लड्डू की जांच में सहयोग करेंगे।

खाद्य विभाग के उपनिरीक्षक और सुरक्षा अधिकारियों ने दुकान पर मौके पर निरीक्षण कर स्टोरेज, निर्माण की प्रक्रिया और उपयोग की जाने वाली सामग्री की जानकारी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि आगे की जांच में यदि यह स्पष्ट होता है कि लड्डू में जानबूझकर अधिक मात्रा में रंग और मीठा पदार्थ डाला गया है, तो सख्त कार्रवाई में देरी नहीं होगी। साथ ही अन्य लड्डू, मिठाई और प्रसाद के रूप में वितरित होने वाले खाद्य सामग्री के सैंपल भी लैब में भेजने की तैयारी की जा रही है।

विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे किसी भी खाद्य सामग्री या प्रसाद में संदेह की स्थिति में विभाग को तुरंत सूचित करें। ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की जाएगी। मंदिर के प्रसाद की गुणवत्ता पर भक्तों की आस्था सुरक्षित रखने के लिए खाद्य विभाग और मंदिर प्रबंधन के बीच संपर्क बनाए रखने और नियमित जांच की योजना भी बनाई जा सकती है।

अंबिकापुर में महामाया मंदिर के प्रसाद लड्डू की यह जांच नगर के अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी सतर्कता का संकेत देती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भव्य धार्मिक स्थलों के आस-पास के खाद्य प्रतिष्ठानों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और मानक से अधिक पदार्थ पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है।

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