अंबिकापुर-कटघोरा फोरलेन: गडकरी की सहमति से नई डीपीआर, वन्यजीव सुरक्षा कैसे होगी? पढ़ें रिपोर्ट! : Ambikapur-Katghora Four-Lane Project

Uday Diwakar
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Ambikapur-Katghora Four-Lane Project: सरगुजा:​​​अंबिकापुर: 22 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के सरगुजा और कोरबा संभागों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी अंबिकापुर-कटघोरा फोरलेन सड़क परियोजना (एनएच-130) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के सुझावों पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-130 अंबिकापुर से कटघोरा तक लगभग 145 किलोमीटर लंबा है, जो सरगुजा, सूरजपुर और कोरबा जिलों के घने वन क्षेत्रों से गुजरता है। इसकी फोरलेन बनाने की योजना पहले से स्वीकृत थी, लेकिन नई डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में पर्यावरण और स्थानीय यातायात की चुनौतियों को प्राथमिकता दी गई है। परियोजना भारतमाला योजना का हिस्सा है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाएगी।

टीएस सिंहदेव के सुझाव

8 मार्च 2026 को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण बिंदु उठाए। उन्होंने लखनपुर शहर के लिए बायपास की मांग की, क्योंकि वर्तमान में भारी वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। इसके अलावा, लेमरू हाथी प्रोजेक्ट क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए एनिमल अंडरपास, बैरिकेडिंग और सुरक्षित आवाजाही के उपाय सुझाए।

राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने सिंहदेव के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए 20 अप्रैल 2026 को डीपीआर तैयार करने वाली एजेंसी को संशोधन के निर्देश जारी कर दिए। नई डीपीआर में लखनपुर बायपास और लेमरू क्षेत्र में वन्यजीव-अनुकूल सुविधाएं शामिल होंगी। टीएस सिंहदेव ने गडकरी का आभार जताया है।

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वन्यजीव संरक्षण उपाय

लेमरू हाथी प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्र है, जहां हाथियों और अन्य जानवरों का विचरण होता है। नई डीपीआर में भारतमाला मानकों के तहत एनिमल बैरिकेडिंग और पर्याप्त अंडरपास बनेंगे, ताकि जानवर सड़क पार कर सकें बिना वाहनों से टकराए। इससे वन्यजीव-वाहन हादसे रुकेंगे और पारिस्थितिकी संरक्षित रहेगी।

लखनपुर बायपास से शहरवासी सुरक्षित रहेंगे और ट्रैफिक जाम कम होगा। फोरलेन सड़क सरगुजा-कोरबा के बीच यात्रा समय घटाएगी, व्यापार बढ़ाएगी। पहले चरण में कटघोरा-अंबिकापुर टू-लेन सड़क का कुछ हिस्सा बना है, लेकिन फोरलेन से क्षमता दोगुनी हो जाएगी।

परियोजना की शुरुआत 2025 में हुई, जब एनएचएआई ने डीपीआर के लिए एजेंसी चयन शुरू किया। नवंबर 2024 में गडकरी ने मंजूरी दी। देरी के कारणों में वन भूमि और पर्यावरण मंजूरी शामिल हैं। अब नई डीपीआर से काम तेजी पकड़ेगा।

Ambikapur-Katghora Four-Lane Project

फोरलेन से सरगुजा और कोरबा संभागों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय निवासियों को रोजगार मिलेगा। हालांकि, भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता जरूरी है।

नई डीपीआर जल्द पूरी होने की उम्मीद है, उसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। केंद्र सरकार के सहयोग से परियोजना समय पर पूरी हो सकती है। यह छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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