Agriculture Officer Caught Red-Handed Accepting a Bribe in Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर:13 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सख्त कार्रवाई की है। कृषि विभाग के बीज निरीक्षक एवं कृषि विकास अधिकारी सोहन लाल भगत को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर किसानों और निजी कंपनियों को झूठे बीज भंडारण के मामले में फंसाने की धमकी देकर कुल 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
यह घटना हुई, जब शिकायतकर्ता अजीत कुमार कश्यप ने ACB को पूरी जानकारी दी। कश्यप एक मक्का बीज कंपनी से जुड़े हैं और उन्हें अवैध बीज भंडारण का झूठा केस दर्ज करने की धमकी मिली थी। ACB ने प्रारंभिक जांच के बाद ट्रैप की योजना बनाई। पूर्वनियोजित तरीके से कश्यप ने आरोपी को पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये दिए, जिसे स्वीकार करते ही ACB टीम ने छापा मारा।
सोहन लाल भगत विकासखंड अंबिकापुर में तैनात हैं। उन्हें शिकायतकर्ता के बीज भंडारण की जानकारी मिली तो उन्होंने अवैध भंडारण का झूठा आरोप लगाने और एकतरफा कार्रवाई की धमकी दी। इसके बदले उन्होंने 3 लाख रुपये मांगे, जिसमें 1 लाख रुपये अग्रिम लेने का समझौता हुआ। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर ACB से संपर्क किया। ACB की अंबिकापुर इकाई ने हेल्पलाइन 1064 के जरिए शिकायत दर्ज की और तत्काल एक्शन लिया। आरोपी को रिश्वत स्वीकारते ही मौके पर दबोच लिया गया।
ACB अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे की जांच में अन्य संलिप्तताओं की भी पड़ताल होगी। रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। यह कार्रवाई ACB की क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर से संचालित हुई, जो पुराना कमिश्नर कार्यालय गुरुनानक चौक पर स्थित है।
Agriculture Officer Caught Red-Handed Accepting a Bribe in Ambikapur
इस गिरफ्तारी ने कृषि विभाग में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय किसान संगठनों ने सराहना की है, लेकिन अन्य अधिकारियों में भय का माहौल है। सरगुजा ज commissioner कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, विभाग में अब आंतरिक जांच तेज हो सकती है। अंबिकापुर में ACB की यह कार्रवाई भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है। पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में ACB ने कई अफसरों पर शिकंजा कसा है, जो राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है।
किसान नेता रामेश्वर सिंह ने कहा, “कृषि अधिकारी किसानों को लूट रहे थे। ACB का कदम स्वागतयोग्य है।” वहीं, स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि बीज कंपनियां अक्सर ऐसी धमकियों का शिकार होती हैं। यह मामला सूरजपुर जिले से सटा अंबिकापुर होने से पूरे संभाग में चर्चा का विषय है। ACB ने जनता से भ्रष्टाचार की शिकायत 1064 पर करने का आग्रह किया है।
पुलिस और ACB की संयुक्त टीम मामले की गहन जांच कर रही है। सोहन लाल भगत का अतीत भी खंगाला जा रहा है। यदि अन्य कनेक्शन मिले तो बड़ा खुलासा हो सकता है। अंबिकापुर में यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं, लेकिन इतनी तेजी से अमल ने सभी को चौंका दिया। भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ का सपना अब साकार होता दिख रहा है।
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