सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। जिले की कोतवाली पुलिस ने देशभर में फैले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए डीएन चक्रधारी एजुकेशन डेवलपमेंट एसोसिएशन के डायरेक्टर देवनारायण चक्रधारी (32) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गांव गंगौटी का रहने वाला है और इस मामले में फरार चल रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि फर्जी संस्था के नाम पर खोले गए बैंक खातों से 113 करोड़ 32 लाख 9 हजार 604 रुपये की ठगी की रकम का लेनदेन हुआ, और इस नेटवर्क के तार देश के 21 राज्यों तक फैले थे।
I4C की रिपोर्ट से खुला राज
पुलिस के अनुसार, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर स्टेट बैंक की सूरजपुर शाखा में संचालित संस्था के संयुक्त खाते की जांच शुरू की गई थी। जांच में पता चला कि जनवरी 2024 से जुलाई 2025 के बीच 21 राज्यों में दर्ज 150 से अधिक साइबर शिकायतों का कनेक्शन इन खातों से मिलता है। इस आधार पर 22 फरवरी 2026 को कोतवाली सूरजपुर में देवनारायण चक्रधारी और संस्था के को-डायरेक्टर महेश कुमार चक्रधारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 317 (4), 316 (2), 61 (2) (ए) और 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
तीन खातों से 23 करोड़ का लेनदेन
अब तक की जांच में आरोपी से जुड़ी दो संस्थाओं के तीन बैंक खातों से करीब 23 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है। इनमें डीएन चक्रधारी एजुकेशन डेवलपमेंट एसोसिएशन के स्टेट बैंक, सूरजपुर स्थित खाते से लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये तथा जनसेवा शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान ट्रस्ट के आईडीएफसी बैंक, सूरजपुर स्थित दो खातों से करीब साढ़े 10 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है।
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने महज 8 लाख रुपये और प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर मोटा कमीशन मिलने के लालच में अपनी संस्था के बैंक खातों की इंटरनेट बैंकिंग आईडी और पासवर्ड साइबर ठगों को सौंप दिए थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य इन खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में करते हुए देशभर में ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने और उसे ठिकाने लगाने में करते थे।
पहले साथी जेल में, अब दूसरी गिरफ्तारी
संस्था के को-डायरेक्टर महेश कुमार चक्रधारी को पुलिस 22 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। देवनारायण की गिरफ्तारी उसके करीब सवा दो माह बाद हुई है, और इसे जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक सहित कई दस्तावेज जब्त किए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।








