Measles alert in Surguja: सरगुजा:अंबिकापुर (10 july 2026): ।बगडोली, सीतापुर: सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड अंतर्गत बगडोली क्षेत्र में मिजल्स (खसरा) का आउटब्रेक सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। क्षेत्र में अब तक 6 बच्चों में मिजल्स संक्रमण की पुष्टि हुई है। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए चिकित्सकों की टीम प्रभावित गांवों में घर-घर सर्वे कर रही है तथा संदिग्ध बच्चों की पहचान कर उपचार और निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
बगडोली क्षेत्र में मिजल्स के पहले मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद सीतापुर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। प्रभावित गांवों में चिकित्सकों की टीमों को तैनात किया गया है जो अब तक सभी घरों का सर्वे कर रहे हैं। इसमें बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, टीकाकरण की जानकारी और संभावित संक्रमित लोगों की पहचान करनी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिजल्स एक तेजी से फैलने वाला वायरल संक्रमण है, जो अधिकतर छोटे बच्चों में देखी जाता है। इसकी रोकथाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम टीकाकरण है। बिना टीकावाले बच्चों के लिए यह संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है, क्योंकि इससे श्वसन संबंधी गंभीर समस्या, दम, और अन्य उपसर्ग उत्पन्न हो सकते हैं। क्षेत्र में अब तक 6 बच्चों में मिजल्स की पुष्टि हुई है, जिनमें से कुछ बच्चे स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित चिकित्सकीय टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जांच कर रहे हैं। इन टीमों में चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और टीकाकरण अधिकारी शामिल हैं। वे बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति जांच रहे हैं, उनके माता-पिता को संक्रमण के बारे में जानकारी दे रहे हैं और टीकाकरण की सलाह दे रहे हैं। संदिग्ध बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष निगरानी में रखने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
टीमों ने कहा कि वे सभी घरों में जा रहे हैं जहां बच्चे हैं, और उनमें से विशेष रूप से उन बच्चों का ध्यान रखा जा रहा है जिनमें मिजल्स के संभावित लक्षण जैसे चमड़ी पर लाल दाग, तेज बुखार, खांसी, आंखों में सूजन और पानी आना देखे गए हैं। संदिग्ध बच्चों को जल्द स्वास्थ्य केंद्रों में भेजने और उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही परिवारों को बताया जा रहा है कि संक्रमित बच्चे को अलग रखें, ताकि संक्रमण का फैलाव कम हो।
टीकाकरण न किया बच्चों के लिए जोखिम
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिजल्स का संक्रमण टीकाकरण न किए बच्चों के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। टीकाकरण के लिए उपलब्ध MR वैक्सीन इस संक्रमण को रोकने में अत्यंत प्रभावी है। क्षेत्र में कई बच्चे हैं जिनका टीकाकरण नहीं हो पाया या जो वांछित समय पर टीका नहीं लगा पाए। ऐसे बच्चों में मिजल्स का संक्रमण तेजी से फैल सकता है और गंभीर उपसर्ग पैदा कर सकता है।
विभाग ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण तुरंत करें। यदि कोई बच्चा टीका नहीं लगा पाया है, तो उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या आश्रमिक स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। बगडोली क्षेत्र में विशेष टीकाकरण अभियान भी चलाने की तैयारी है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेगी।
Measles alert in Surguja
मिजल्स के मामलों के सामने आने से स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हुई है। लोग ने कहा कि वे अब अपने बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता समझ रहे हैं। काफी लोग ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को सही और आवश्यक करार दिया। उन्होंने कहा कि घर-घर जांच और निगरानी की यह प्रक्रिया संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद करेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि बगडोली क्षेत्र में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए विशेष निगरानी और टीकाकरण अभियान जारी रहेगा। चिकित्सकीय टीमें लगातार घर-घर जांच कर रहे हैं और संदिग्ध बच्चों की पहचान कर उपचार की व्यवस्था कर रहे हैं। यदि आवश्यकता हो तो आगे भी अतिरिक्त टीमों को तैनात किया जाएगा और टीकाकरण अभियान को बढ़ाया जाएगा।
विभाग ने उपभोक्ताओं और माता-पिता से अपील की है कि वे मिजल्स के लक्षणों को जानें और संदेह की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करें। मिजल्स के संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी तरीका है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि वह इस क्षेत्र में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा और माता-पिता के साथ सहयोग करके बच्चों को सुरक्षित रखने की योजना बनाएगा।
सरगुजा के सीतापुर क्षेत्र में मिजल्स (खसरा) के इस आउटब्रेक ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। बगडोली में 6 बच्चे पॉजिटिव पाए गए हैं और चिकित्सकों की टीम घर-घर सर्वे कर रही है। बिना टीकाकरण वाले बच्चों के लिए यह संक्रमण जानलेवा हो सकता है, इसलिए सभी परिवारों को सतर्क रहने और टीकाकरण की अनिवार्यता है।
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