घाट पेण्डारी डेंजर घाट को मिल रही नई जिंदगी: विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के नेतृत्व में ब्रिज निर्माण सर्वे शुरू : Ghat Pendari : Bridge Construction Survey Begins Under the Leadership of MLA Shakuntala Singh Porte

Uday Diwakar
6 Min Read

Ghat Pendari : Bridge Construction Survey Begins Under the Leadership of MLA Shakuntala Singh Porte: सूरजपुर /घाट पेण्डारी: लंबे समय से घाट पेण्डारी के पास स्थित ‘डेंजर घाट’ को लेकर स्थानीय नागरिकों में भय और असुविधा का माहौल बना हुआ था। बार-बार हादसे और संकरी, टूट-फूट भरी सड़क के कारण यात्रियों की जान जोखिम में रहती थी। विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते की पहल और लगातार जनआवेदन के बाद क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया — डेंजर घाट पर ब्रिज निर्माण के लिए तकनीकी सर्वेक्षण (सर्वे) का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। इस कदम को स्थानीय लोग प्रदेश सरकार के प्रति मिल रही उम्मीद के रूप में देख रहे हैं।


स्थानीय अधिकारियों के अनुसार सुबह जल्दी सर्वे की टीम ने स्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया। सर्वे टीम में इंजीनियर, धराशास्त्र विशेषज्ञ और लोक निर्माण विभाग के तकनीशियन शामिल थे। टीम ने नदी के बहाव, जमीन की मजबूती, मार्ग की चौड़ाई और आसपास के पर्यावरणीय प्रभाव का विस्तृत आकलन किया। सर्वे के दौरान टीम ने संभावित पुल के दो-तीन स्थानों को चिन्हित किया और उन स्थानों की धरातल, जल-स्तर और बाढ़ प्रतिरोध क्षमता का परीक्षण किया गया।


इस मिशन के प्रमुख प्रेरक विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते रही। उन्होंने पिछले कई महीनों से स्थानीय समस्याओं को उठाते हुए प्रशासन और सरकार के सामने पेण्डारी घाट की स्थिति रखी थी। विधायक ने बताया कि लगातार होने वाली दुर्घटनाएँ और लोगों की परेशानियाँ मांगे जाने के मुख्य कारण रहे। विधायक ने कहा, “यह सिर्फ एक पुल नहीं है, यह लोगों की जिंदगी और रोज़मर्रा की सुरक्षा से जुड़ा निर्णय है। मेरी प्राथमिकता रही है कि स्थानीयों की आवाज़ को संसाधनों से जोड़ा जाए और तेज़ी से समाधान निकले।”


जिन लोगों की रोज़मर्रा की आवाजाही इसी मार्ग पर निर्भर है, उन्होंने सर्वे की शुरुआत को उम्मीद की किरण बताया। स्कूल जाने वाले छात्र, बाजार जाने वाले व्यापारी और मरीज अस्पताल पहुँचने वाले परिवारों ने राहत जाहिर की। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “यह वह दिन है जिसका हम सबको इंतज़ार था। हर छोटी-छोटी चीज़ के लिए हमें जोखिम उठाना पड़ता था। अगर पुल बनता है तो हमारी ज़िन्दगी सुलभ और सुरक्षित हो जाएगी।”

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur


अधिकारियों ने बताया कि पुल बनने से न केवल जान-माल का सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि परिवहन लागत और समय में भी कमी आएगी। बाजार तक पहुंच तेज होगी, आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी और क्षेत्रीय विकास में भी मदद मिलेगी। साथ ही, निर्माण के दौरान स्थानीय मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

Ghat Pendari : Bridge Construction Survey Begins Under the Leadership of MLA Shakuntala Singh Porte


सर्वे टीम ने कहा कि इस तरह के निर्माण कार्य में पर्यावरणीय पहलुओं का ध्यान रखना अनिवार्य है। नदी के प्रवाह, मछलियों और आसपास की वनस्पतियों पर असर को न्यूनतम रखने के लिए विशेषज्ञ सलाह ली जा रही है। इंजीनियरों ने बताया कि मिट्टी की गुणवत्ता, बाढ़ के सीजन में जल-स्तर और पुल के दोनों किनारों की स्थिरता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर डिजाइन तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, निर्माण के दौरान यातायात और स्थानीय जीवन पर असर को कम करने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई जाएगी।


लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि सर्वे के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें लागत अनुमान, डिजाइन विकल्प और पर्यावरणीय अनुमोदन शामिल होंगे। रिपोर्ट के आधार पर निर्माण के लिए आवश्यक फंडिंग और सरकारी मंज़ूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। अधिकारी के अनुसार यदि फंडिंग और मंज़ूरी समय पर मिल जाती है तो प्रारंभिक निर्माण कार्य आगामी वर्ष की मानसून-पूर्व अवधि में शुरू किए जा सकते हैं।


इस पहल में जिला प्रशासन और स्थानीय पंचायतों का भी समर्थन शामिल है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों से अनसुनी रही स्थानीय समस्याओं का समाधान मिलने से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। सांसद और अन्य स्थानीय नेता भी परियोजना को अपना समर्थन दे रहे हैं और इसे शीघ्रता से आगे बढ़ाने के लिए दखल दे रहे हैं।


विधायक और जिला प्रशासन ने एक साथ अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सर्वे टीम तथा निर्माण कर्मियों को सहयोग दें। इससे काम जल्द और सुरक्षित तरीके से पूरा हो सकेगा।


घाट पेण्डारी का डेंजर घाट वर्षों से स्थानीयों के लिए चिंता का विषय था। आज शुरू हुआ ब्रिज सर्वे केवल कागज़ों पर एक कार्रवाई नहीं लगती; यह उन कई परिवारों के लिए एक नई उम्मीद है जो सुरक्षित पारगमन के लिए तरस रहे थे। अगर सर्वे और बाद की प्रक्रियाएँ योजना के अनुसार पूरी होती हैं, तो जल्द ही इस मार्ग पर सुरक्षित पुल बनकर लोगों की जिंदगी में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है।


यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

Share This Article
Leave a Comment