Dumki (Surguja): 3 killed after lightning strikes a tree amidst rain: सरगुजा:अंबिकापुर (30 June 2026): । डुमकी गाँव में झमाझम बारिश के बीच अचानक एक पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई और एक बच्ची झुलस गई। यह दर्दनाक घटना धौरपुर थाना क्षेत्र के समीप घटित हुई, जहाँ मृतकों में दो बच्चे और एक स्थानीय युवक शामिल हैं। फिलहाल शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जा चुके हैं और घायल बच्ची को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार घटना के वक्त आसमान में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही थी। गांव के ही कुछ बच्चे आम बीनने पेड़ के नीचे खड़े थे। उसी समय पास से बैल चराने आया एक युवक भी वहीं आ गया। अचानक पेड़ पर सीधे बिजली गिरने से पेड़ और उसके आसपास मौजूद लोग चपेट में आ गए। भयावह झटके के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तीनों को जमीन पर गिरा हुआ पाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्राथमिक मदद देने की कोशिश की और घायल तथा मृतकों को निकाला, पर वे पहले ही दम तोड़ चुके थे। झुलसी बच्ची को ग्रामीणों ने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया, जहाँ से उसे गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मृतकों में दो बच्चे (आयु क्रमशः लगभग 7 और 9 वर्ष) और एक 22 साल का युवक शामिल हैं। युवक का नाम ग्राम निवासियों के अनुसार रवि बताया जा रहा है। घायल बच्ची की उम्र लगभग 8 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने जल्द ही मृतकों के परिवारों को घटना की सूचना दी और ग्रामीणों ने शोकाकुल माहौल बना दिया। मृतकों के परिजन और गांववासी घटना के बाद मौके पर इकठ्ठा हो गए और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने का प्रयास कर रहे हैं।
धौरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर प्राथमिक जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृतिक घटनाक्रम है और उन्होंने घटनास्थल का मुआयना कर आवश्यक प्रक्रियाएँ शुरू कर दी हैं। शवों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही स्टाफ ने घायल बच्ची के उपचार एवं परिवार की मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग और अधिकारियों को सूचित कर दिया है। जिला प्रशासन ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सहायताएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
Dumki (Surguja): 3 killed after lightning strikes a tree amidst rain
घटना की सूचना मिलने के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण और परिजन मृतकों के घर पहुंचकर विलाप कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि बारिश में पेड़ों के नीचे खड़े होना खतरनाक होता है, पर बच्चों की मासूमियत और आम बीनने की आदत ने उन्हें जोखिम में डाल दिया। कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बारिश और आकाशीय बिजली के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए चेतावनी और जागरूकता अभियान तेज किया जाए।
मौसम विभाग ने मानसून के मौसम में आकाशीय बिजली और तेज तूफान की संभावना पर पहले ही चेतावनी जारी की रहती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि बिजली गिरने का असर सीधे गिरने के स्थान पर तो होता ही है, पर वे इलेक्ट्रिक चैनल के माध्यम से पास के लोगों को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में पेड़ों, खुले मैदानों और ऊँचे स्थानों पर स्टैंडिंग से बचना चाहिए; बारिश के दौरान खुले स्थान, खेत और पेड़ के नीचे न ठहरना सुरक्षित रहता है। ग्रामीणों को मोबाइल अलर्ट, स्थानिक रेडियो और पंचायत स्तर पर चेतावनी व्यवस्था के जरिए जानकारी पहुंचाने की बात कही जा रही है।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा घायलों के इलाज में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी प्राथमिक सहायता, सरकारी स्कीमों के तहत लेन-देन और शोक संतप्त परिवारों के लिए भारहीन इंतजामों पर विचार करने की बात कही है। साथ ही स्थानीय प्रशासन से अपील की जा रही है कि स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर आकाशीय बिजली और तूफान से सुरक्षा हेतु स्थायी दिशा-निर्देश और चेतावनी तंत्र विकसित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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