Physical Exploitation for 5 Years Under the Pretext of Marriage: सरगुजा:अंबिकापुर: गहिला ग्राम पंचायत (बतौली), 7 मई 2026 – छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बतौली जनपद पंचायत क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां गहिला ग्राम पंचायत के निवासी विक्रम पैकरा नामक युवक पर कुनकुरी कला ग्राम की एक युवती को शादी का झांसा देकर करीब 5 साल से दैहिक शोषण करने का आरोप लगा है। पीड़ित युवती ने खुलासा किया है कि आरोपी ने न केवल उसके साथ शारीरिक शोषण किया, बल्कि दो बार गर्भपात भी कराया। मामला तब सुर्खियों में आया जब युवती के परिजनों और महिला मोर्चा की टीम ने आरोपी के घर पहुंचकर न्याय की मांग की, लेकिन आरोपी पक्ष ने बात मानने से इनकार कर दिया।
पीड़िता की आपबीती: नाबालिगावस्था से चला आ रहा शोषण
पीड़ित युवती, जो मूल रूप से कुनकुरी कला ग्राम पंचायत की निवासी है, ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसके अनुसार, विक्रम पैकरा से उसका संबंध नाबालिगावस्था से ही जुड़ा हुआ था। आरोपी ने शुरू में प्यार का वादा किया और शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। लगभग 4-5 साल तक यह सिलसिला चला। युवती का आरोप है कि इस दौरान विक्रम ने दो बार उसका गर्भपात कराया। मेडिकल के माध्यम से मामूली गोलियों का सहारा लेकर यह कृत्य अंजाम दिया गया।
“वह कहता था कि मैं तुमसे शादी करूंगा, लेकिन अब उसके परिवार ने कहीं और रिश्ता तय कर लिया है। मैंने सब कुछ सहा, लेकिन अब वे मुझे ठुकरा रहे हैं,” युवती ने रोते हुए बताया। उसकी हालत इतनी नाजुक हो चुकी है कि वह रो-रोकर बेहाल है और आत्महत्या करने की कोशिश तक कर चुकी है। परिजनों ने उसे संभालने में भारी मशक्कत की है। सूत्रों के अनुसार, युवती अब बालिग हो चुकी है, लेकिन नाबालिगावस्था से ही आरोपी का शोषण चला आ रहा था, जो कानूनी रूप से POCSO एक्ट के दायरे में आ सकता है।

आरोपी विक्रम पैकरा गहिला ग्राम पंचायत का निवासी है। उसके पिता पन्नालाल पैकरा सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जो इस मामले को और संवेदनशील बनाते हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर जब पीड़िता के परिजनों और बतौली महिला मोर्चा की टीम ने आरोपी के घर जाकर समझाइश दी, तो विक्रम पक्ष ने साफ मना कर दिया। वहां गहमागहमी मच गई और बातचीत विफल हो गई।
मीडिया और महिला मोर्चा की अध्यक्ष की सूचना पर बतौली थाना पुलिस हरकत में आई। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। थाना प्रभारी ने आरोपी पक्ष को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि पन्नालाल पैकरा ने धन-बल और अपनी पहुंच का हवाला देकर कहा, “जो भी होगा, हम देख लेंगे। थाना पुलिस समझ जाएगी। हम उस लड़की से शादी नहीं करेंगे।” यह बयान मामले को प्रभावित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई औपचारिक FIR दर्ज नहीं की है, लेकिन पूछताछ जारी है।
घटना स्थल पर ग्राम पंचायत में भारी भीड़ जमा हो गई थी। पीड़िता के परिजन और महिला मोर्चा की महिलाएं आरोपी के घर के बाहर नारेबाजी करती रहीं। “बेटियों को इंसाफ दो, शोषण करने वालों को सजा दो,” ऐसे नारे गूंजे। महिला मोर्चा की अध्यक्ष ने बताया, “हमने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी पक्ष अड़ गया। पुलिस को बुलाना पड़ा। अब हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।”
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पहला ऐसा मामला नहीं है जहां शादी का लालच देकर लड़कियों का चक्र चलाया जाता है। सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में ऐसी घटनाएं समाज के लिए खतरा बन रही हैं।

इस मामले ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी के पिता पन्नालाल पैकरा सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। सवाल उठ रहा है कि जब एक शिक्षक का परिवार ऐसी घिनौनी हरकतों में लिप्त हो, तो स्कूलों में बच्चों को क्या शिक्षा दी जा रही होगी? “शिक्षा का मंदिर कहा जाता है स्कूल को, लेकिन घर में ही अगर ऐसे मूल्य सिखाए जा रहे हैं, तो समाज का क्या होगा?” स्थानीय लोगों ने चिंता जताई।
शिक्षा विभाग से भी मामले पर प्रतिक्रिया की मांग हो रही है। क्या सरकारी शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच होगी? यह देखना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी पर सख्ती जरूरी है, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
Physical Exploitation for 5 Years Under the Pretext of Marriage
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पीड़िता नाबालिगावस्था से शोषण की शिकार रही, तो यह POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences) के अंतर्गत अपराध है। इसमें 10 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, IPC की धारा 376 (बलात्कार), 417 (धोखा) और 506 (धमकी) भी लागू हो सकती हैं। गर्भपात के आरोप पर MTP एक्ट (Medical Termination of Pregnancy) का उल्लंघन भी बनता है।
बतौली थाना प्रभारी ने कहा, “मामला संज्ञान में है। दोनों पक्षों की पूछताछ हो रही है। मेडिकल जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई होगी।” लेकिन पीड़िता पक्ष का आरोप है कि आरोपी की पहुंच के कारण देरी हो रही है।
समाजिक प्रभाव: बेटियों की सुरक्षा पर खतरा
यह मामला सरगुजा जिले में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शादी के नाम पर शोषण के केस बढ़ रहे हैं। विशेषकर आदिवासी समुदायों में जागरूकता की कमी इसका कारण है। महिला आयोग और स्थानीय प्रशासन को सक्रिय होना चाहिए।
पीड़िता की हालत चिंताजनक है। परिजन उसे काउंसलिंग दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। महिला मोर्चा ने जिला कलेक्टर से मिलने का ऐलान किया है। अब सवाल यह है कि क्या बेटी को इंसाफ मिलेगा? क्या रसूखदार परिवार पर सख्ती होगी? आने वाला वक्त ही बताएगा।
स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर मामला वायरल हो चुका है। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। सरगुजा पुलिस ने कहा है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला रही है।
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