बतौली में आधी रात का खौफनाक कांड: एक शिक्षक का युवती के साथ जंगल में अश्लील हरकत, ग्रामीणों ने कार में पकड़कर किया VIDEO वायरल! : Horrifying Midnight Incident in Batauli

Uday Diwakar
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Horrifying Midnight Incident in Batauli: सरगुजा:​​​अंबिकापुर: 22 अप्रैल 2026: सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र में आधी रात को एक शर्मनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के हिंदी शिक्षक को ग्रामीणों ने जंगल में एक युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे शिक्षा विभाग और स्थानीय समाज में भारी आक्रोश फैल गया।

रात करीब 12 से 1 बजे के बीच बतौली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में संविदा पर तैनात हिंदी शिक्षक सुरेश जायसवाल अपनी कार लेकर ग्राम पंचायत सरमना के लंकाडांड जंगल पहुंचे। घने जंगल में अकेली कार खड़ी देखने पर ग्रामीणों को शक हुआ। दर्जनों ग्रामीण टॉर्च और मोबाइल लाइट लेकर मौके पर पहुंचे, जहां कार के अंदर शिक्षक और एक युवती को असहज अवस्था में पाया।

ग्रामीणों ने तुरंत वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में शिक्षक की पहचान होते ही लोग भागने की सलाह दे रहे हैं, जबकि युवती घबराहट में छिपने की कोशिश करती नजर आ रही है। कुछ ग्रामीणों ने युवती को जबरन पकड़कर वीडियो बनाया, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं। शिक्षक से सवाल करने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ग्रामीणों का कहना है कि आधी रात को शिक्षक युवती को जंगल में क्यों ले आए, और यह पहली बार तो नहीं होगा।

वायरल वीडियो का असर

वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया, जिसमें हजारों व्यूज और शेयर हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने शिक्षक को स्कूल से हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है। बतौली स्कूल की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है, और शिक्षा जगत शर्मसार है। सोशल मीडिया पर #बतौलीटीचरकांड जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

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सुरेश जायसवाल संविदा शिक्षक के रूप में स्वामी आत्मानंद स्कूल में हिंदी पढ़ाते हैं। स्कूल सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड में स्थित है, जहां ग्रामीण इलाका होने से सामाजिक मूल्य मजबूत हैं। ऐसी घटना से शिक्षक वर्ग की छवि पर बट्टा लग गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शिक्षक का परिवार भी क्षेत्र में रहता है, जिससे सामाजिक बहिष्कार का डर है।

Horrifying Midnight Incident in Batauli

ग्रामीणों ने घटनास्थल पर शिक्षक को घेर लिया और समझाइश दी। कोई हिंसा नहीं हुई, लेकिन वीडियो बनाकर पुलिस को सौंपने की बात कही। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जंगल अक्सर ऐसी संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र रहता है, इसलिए रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने की मांग उठी। युवती की पहचान गोपनीय रखी गई है, लेकिन उसके परिजनों को सूचना दे दी गई।

बतौली थाने में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस जांच शुरू करने की तैयारी में है। आईपीसी की धारा 354 (महिला से अभद्रता) या अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है। शिक्षा विभाग ने भी संज्ञान लिया है, और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर से जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है। स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक को तत्काल निलंबित करने का ऐलान किया।

यह घटना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर रही है। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है – एक ओर शिक्षक को सजा देने की मांग, दूसरी ओर भीड़ द्वारा युवती से अभद्रता पर सवाल। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं स्कूलों में नैतिक शिक्षा को मजबूत करने की जरूरत बताती हैं। सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल जिले में सामाजिक संरक्षण मजबूत है, इसलिए ऐसी घटनाएं सदमा पहुंचाती हैं।

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों से जुड़ी ऐसी घटनाएं पहले भी सुर्खियां बटोर चुकी हैं। जनवरी 2026 में सरगुजा के ही एक स्कूल में नशे में धुत शिक्षक का वीडियो वायरल हुआ था। फरवरी 2026 में सरकारी स्कूल में स्वीपर द्वारा पढ़ाई का वीडियो सामने आया। ये घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती हैं।

स्वामी आत्मानंद स्कूल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर है। ऐसी घटना से योजना की छवि प्रभावित हो रही है। विभाग को संविदा शिक्षकों की पृष्ठभूमि जांच सख्त करने की जरूरत है। स्थानीय लोग विभाग से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

बतौली सरगुजा जिले का ग्रामीण इलाका है, जहां जंगल घने हैं और रात्रिकालीन गतिविधियां संदिग्ध मानी जाती हैं। लंकाडांड जंगल नजदीकी गांवों के लिए खतरे का प्रतीक बन गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस से संयुक्त गश्त की मांग की है। युवती की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

यह मामला पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। शिक्षा विभाग को पारदर्शी जांच कर सजा सुनिश्चित करनी चाहिए। सोशल मीडिया की भूमिका दोहरी है – एक ओर सच उजागर, दूसरी ओर गोपनीयता भंग। समाज को नैतिक मूल्यों पर जोर देना होगा। सरगुजा पुलिस ने वीडियो की प्रामाणिकता जांचने का भरोसा दिया है।

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