कुसमी: वर्षों से बिना मान्यता चल रहा अजीजी पब्लिक स्कूल बंद, शिक्षा विभाग ने एक लाख जुर्माने के साथ ताला लगाया : Kusmi: Azizi Public School Closed

Uday Diwakar
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Kusmi: Azizi Public School Closed: बलरामपुर:​​21 अप्रैल 2026 । कुसमी विकासखंड – जिले के शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से बिना अनुमति संचालित अजीजी पब्लिक स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार यह स्कूल कुसमी विकासखंड के मदगुरी गांव में संचालित था और कई वर्षों से छात्र‑छात्राओं को पढ़ा रहा था, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से कभी कोई ट्रेड लाइसेंस या मान्यता जारी नहीं की गई थी।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अजीजी पब्लिक स्कूल निश्चित नियमों और शैक्षणिक मानकों के अनुरूप संचालित नहीं था। जांच के दौरान पाया गया कि न तो स्कूल के पास वैध मान्यता प्रमाणपत्र था और न ही आवश्यक बुनियादी सुविधाएं जैसे कक्षाओं का योग्य निर्माण, सुरक्षा मानक, पीने का साफ पानी, शौचालय और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता जैसी बातों पर पूरी तरह से खरा उतर रहा था। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया कि इस तरह के गैर‑मान्यता वाले संस्थानों पर तुरंत शिकंजा कसा जाए, ताकि बच्चों के शिक्षा के अधिकार और सुरक्षा को खतरे में न डाला जाए।

कार्रवाई के तहत न केवल अजीजी पब्लिक स्कूल को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है, बल्कि स्कूल प्रबंधन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा करना अनिवार्य है और यदि प्रबंधन आदेश का उल्लंघन करता है या छुपकर काम जारी रखता है, तो आगे अधिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जमीन व मालिकाना हक‌ से जुड़े दावों तक की शिकंजा कसी जा सकती है।

स्थानीय विकासखंड कार्यालय के अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि अजीजी पब्लिक स्कूल में प्राइमरी और जूनियर हायर सेकेंडरी स्तर तक के कई छात्र‑छात्राएं नामांकित थे और उनके अभिभावकों को अब उन्हें मान्यता‑प्राप्त सरकारी या निजी स्कूलों में शिफ्ट करना होगा। जिला प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि छात्रों के शैक्षणिक नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए स्थानीय स्तर पर दाखिला प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाएगा, ताकि मदगुरी और आसपास के गांवों के बच्चों को नए स्कूल में जल्दी से ज़ूम लगाया जा सके।

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स्थानीय लोगों की ओर से इस कार्रवाई को मिली‑जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। कुछ अभिभावकों का कहना है कि बिना मान्यता और बिना ठीक‑ठाक सुविधाओं के चलने वाले स्कूल पर ताला लगना सही कदम है, क्योंकि ऐसे संस्थानों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती और भविष्य में उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की वैधता भी सवालों में आ जाती है। वहीं, कुछ परिवारों को इस बात से परेशानी है कि अचानक बंद हो जाने से उन्हें बच्चों के लिए नए स्कूल तलाशने में दिक्कत हो रही है।

शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब जिले में निर्माण‑लाइसेंस, ट्रेड लाइसेंस और शैक्षणिक मानकों के अनुरूप नहीं चलने वाले सभी निजी स्कूलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। निरीक्षण दल बनाए जाएंगे, जो ब्लॉक‑स्तर पर स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे और जिन संस्थानों में नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ तुरंत जुर्माना, नोटिस या तालेबंदी जैसी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह भावी स्कूलों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Kusmi: Azizi Public School Closed

इस मामले को लेकर जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल वहीं स्कूलों में दाखिला दें, जो शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता‑प्राप्त हों और जिनके खिलाफ कोई गैर‑कानूनी या अनियमित संचालन का मामला दर्ज न हो। इसके साथ ही जिले में खुले स्कूलों की डिजिटल रजिस्ट्री भी मजबूत की जाएगी, ताकि आम जन को जानने में आसानी हो कि कौन‑सा संस्थान वैध है और कौन‑सा अनधिकृत।

इसी तरह हाल ही में अंबिकापुर और अन्य ब्लॉकों में भी विभिन्न निजी संस्थानों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाकर या ताला लगाकर भी कार्रवाई की गई थी, जिससे स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि छत्तीसगढ़ में निजी शिक्षा संस्थानों पर अब “कोई भी बिना मान्यता खुला नहीं रहेगा” नाम वाली नीति को अमल में लाया जा रहा है। अजीजी पब्लिक स्कूल के बंद होने के बाद अब जशपुर जिले के अन्य ब्लॉकों में भी ऐसे ही अनधिकृत स्कूलों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि शिक्षा के नाम पर चलने वाले “फर्जी‑स्कूल बिजनेस” को रोका जा सके और हर बच्चे का शिक्षा का मूल अधिकार असर‑स्वरूप सुरक्षित रहे।

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