Surprise Inspection at Dhaurpur CHC Reveals Poor Laboratory Management: सरगुजा:अंबिकापुर: 18 अप्रैल 2026: सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को धौरपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे अस्पताल के विभिन्न विभागों, विशेष रूप से लैब, मेडिकल स्टोर और वार्ड व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। जिस हालत में उन्होंने लैब और मेडिकल स्टोर को देखा, उससे वे काफी नाराज दिखे। सूत्रों के मुताबिक, उपकरण अव्यवस्थित पड़े थे, रिकॉर्ड बिखरे पड़े थे और सफाई व व्यवस्था से जुड़े विवरण ठीक से उपलब्ध नहीं थे, जिसे उन्होंने “भरोसे के दायरे से बाहर” बताया।
निरीक्षण के दौरान लैब प्रभारी और अन्य संबंधित कर्मियों को सख्त तरीके से लताड़ते हुए डॉ. शुक्ला ने कहा कि गंभीर बीमारियों की जांच करने वाली लैब में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने तुरंत व्यवस्थाएं ठीक करने, उपकरणों की नियमित जांच और रिकॉर्ड रखरखाव को सुधारने के निर्देश दिए।
9 कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी की जांच में पता चला कि धौरपुर सीएचसी में 9 कर्मचारी लंबे समय से अनुपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, हालांकि वे असल में अपने पद पर सक्रिय नहीं हैं। इनमें चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स एवं अन्य सहायक कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। जिम्मेदारी ठीक‑ठीक निभाने की बजाय अनुपस्थित रहने के इस दृश्य से गुस्साए संयुक्त संचालक ने उन सभी 9 कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन रोकने का आदेश दे दिया।
साथ ही इन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, ताकि वे अनुपस्थित रहने की वजह साफ‑साफ बता सकें। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत आगे की कार्रवाई की जानी है।
धौरपुर सीएचसी के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को भी निरीक्षण में मिली कमियों के लिए नोटिस जारी किया गया है। रजिस्टर रखरखाव, लैब व्यवस्था और अन्य संचालनिक प्रक्रियाओं में लापरवाही को लेकर उन्हें निर्देश दिए गए कि जल्द से जल्द सभी गड़बड़ियां दुरुस्त करें और निरीक्षण टीम को रिपोर्ट दें। संयुक्त संचालक ने मेडिकल स्टोर में दवाओं के ठीक‑ठीक रखरखाव, एक्सपायरी डेट की जांच और नियमित सूची रखने के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों को समय पर दवा और सही दोषरहित दवा मिल सके।
अस्पताल परिसर की सफाई व व्यवस्था को भी इस निरीक्षण में खास तौर पर देखा गया। डॉ. शुक्ला ने कर्मचारियों को नियमित चौकीदारी, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और मरीजों के आराम के लिए उचित वातावरण बनाने के निर्देश दिए।
Surprise Inspection at Dhaurpur CHC Reveals Poor Laboratory Management
स्वास्थ्य सेवाएं विभाग द्वारा धौरपुर सीएचसी में जारी इस तरह के निर्देशों को “साफ संदेश” के रूप में देखा जा रहा है कि अब लैब, दवा व्यवस्था और कर्मचारी उपस्थिति में लापरवाही को आसानी से नहीं टाला जाएगा। वहीं, 9 कर्मचारियों का वेतन रोकना एक तरह से संकेत है कि जब तक जिम्मेदार नियमित रूप से उपस्थित नहीं होंगे और गुणवत्तापूर्ण सेवा नहीं देंगे, तब तक वे विभाग की सशक्त कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
धौरपुर सीएचसी जैसे मुख्य स्वास्थ्य केंद्रों में लैब व्यवस्था ठीक रहेगी तभी मरीजों को त्वरित और सही निदान मिल सकेगा, यही संदेश इस औचक निरीक्षण के दौरान साफ‑साफ दिया गया और अब अगली बार जांच टीम पहुंचेगी तो देखेगी कि इस बार की लाल‑जामुनी फटकार के बाद वास्तव में व्यवस्थाएं बदली हैं या नहीं।
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