मैनपाट में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, बुलडोजर सही या गलत? विरोध क्यों भड़का? : Bulldozers Roll Over Encroachments in Mainpat

Uday Diwakar
4 Min Read
  • मैनपाट अतिक्रमण हटाओ अभियान सही था या गलत?
  • बुलडोजर कार्रवाई से ग्रामीणों का विरोध क्यों भड़का?

Bulldozers Roll Over Encroachments in Mainpat: सरगुजा:​​​अंबिकापुर: 17 अप्रैल 2026: सरगुजा जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मैनपाट में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार को कमलेश्वरपुर चौक क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर सड़क किनारे और सार्वजनिक भूमि पर बने करीब एक दर्जन निर्माण ढहाए गए। इससे इलाके में हड़कंप मच गया और विरोध प्रदर्शन भड़क उठे।

मैनपाट विकासखंड के रोपाखार और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें थीं। प्रशासन ने नोटिस जारी करने के बाद बुलडोजर एक्शन लिया, जिसमें विधवा रामबाई गोंड़ के मकान को भी निशाना बनाया गया। यह मकान खसरा नंबर 853/1 पर बना था, जहां परिवार का पुराना कब्जा दावा किया जा रहा है।

महिला ने वन अधिकार पट्टे का हवाला दिया, लेकिन खसरा नंबर में त्रुटि होने से कार्रवाई हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली व्यक्तियों की शिकायत पर दबाव में यह कदम उठाया गया, जबकि अन्य बड़े अतिक्रमण बरकरार हैं। पर्यटन स्थल होने से प्रशासन विकास के नाम पर साफ-सफाई का दावा कर रहा है।

शनिवार सुबह रोपाखार के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 43 पर चक्काजाम कर दिया, जो चार घंटे चला। राम सेना और ग्रामीणों ने बिना पूर्व सूचना कार्रवाई का विरोध किया। एसडीएम राम सिंह ठाकुर ने समझाइश दी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने नहीं माना।

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पुलिस ने बल प्रयोग कर जाम हटाया और विधायक रामकुमार टोप्पो समर्थक बीडीसी सूर्या पैकरा व पीड़िता रामबाई को हिरासत में लिया। बिना अनुमति हाईवे जाम करने पर एफआईआर की तैयारी है। भाजपा मंडल महामंत्री गौतम पैकरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने घटनास्थल का दौरा किया। विधायक टोप्पो ने तत्काल कार्रवाई न करने की सलाह दी थी, लेकिन प्रशासन ने तहसील न्यायालय के आदेश पर आगे बढ़ा। विपक्षी दलों ने इसे गरीब-आदिवासी विरोधी बताया। स्थानीय BJP नेताओं में नाराजगी व्याप्त है।

Bulldozers Roll Over Encroachments in Mainpat

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान नियमित है, मैनपाट को पर्यटन हब बनाने के लिए जरूरी। नोटिस प्रक्रिया पूरी हुई और केवल शासकीय भूमि लक्षित। वन विभाग भी पहले 10 एकड़ जमीन मुक्त करा चुका। भविष्य में और कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

प्रभावितों की आवाज

रामबाई ने कहा, “यह हमारा आजीविका का सहारा था, गुहार लगाई लेकिन अनसुनी। अन्य जगहों पर बड़े अतिक्रमण क्यों बचे?” ग्रामीणों ने मांग की कि निष्पक्ष जांच हो। BJP मंडल महामंत्री ने कहा, “दबाव में कार्रवाई, न्याय नहीं।”

मैनपाट में अतिक्रमण की समस्या पुरानी है। 2022 में वन विभाग ने 10 एकड़ मुक्त कराई। कमलेश्वरपुर चौक सड़क चौड़ीकरण और पर्यटन विकास से प्रभावित। विधायक रामकुमार टोप्पो ने पहले सड़क निर्माण पर नाराजगी जताई। अब बुलडोजर विवाद ने राजनीति गरमा दी।

आगे क्या?

प्रशासन ने जांच टीम गठित की। पट्टा सुधार के आवेदन पर विचार होगा। ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन की धमकी दे रहे। मैनपाट पर्यटन प्रभावित हो सकता।

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